जागें फिर हम भारत वासी!
जागें फिर हम भारत वासी! जागें फिर हम भारतवासी, हे,महाकाल, पर्वतवासी। धर रुद्ररुप घट-घटवासी, जागें फिर हम भारतवासी। भारत पर संकट छाया है, फिर रक्तबीज बन आया है। अब रक्षक बन काशी वासी, जागें फिर हम भारत वासी। वोट बैंक के बीच भंवर में, जाति-धर्म हैं सब के प्यादे । अब भारत माँ इनकी दासी!…