नई राष्ट्रीय शैक्षिक नीति और उच्च शिक्षा प्रणाली

नई राष्ट्रीय शैक्षिक नीति और उच्च शिक्षा प्रणाली नई राष्ट्रीय शैक्षिक नीति (NEP) 2020 भारत में शिक्षा के सभी स्तरों पर परिवर्तनों लागू करने का प्रयास है, जिसमें देश में शिक्षा की nai समझ- स्कूलों, कॉलेजों और शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के दृष्टिकोण में बदलाव की आवश्यकता पर बल है एनईपी ने मानव संसाधन विकास…

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चेहरा बनाये बेदाग

चेहरा बनाये बेदाग स्कीन पर किसी प्रकार का दाग केवल आपकी खुबसूरती पर ही दाग नहीं है बल्कि आपके आत्मविश्वास को भी कम करता है । साथ ही साथ यह मानसिक तनाव का कारण भी बन जाता है। लेकिन आज के इस आधुनिक युग में अब प्रत्येक प्रकार के दाग का इलाज संभव है। केवल…

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उठो हमारा सलाम ले लो

उठो हमारा सलाम ले लो क्या ख़ूबसूरत इत्तेफ़ाक है कि वैलेंटाइन डे के दिन ही आज हिंदी सिनेमा की वीनस कही जाने वाली मधुबाला जी का भी जन्मदिन है। शोख़, चुलबुली अदाओं के साथ-साथ साथ संजीदा अभिनय में भी माहिर करोड़ों दिलों की धड़कन मधुबाला का दिलीप कुमार साहब के साथ असफल प्रेम और किशोर…

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THE SEA GETS TOGETHER ME

THE SEA GETS TOGETHER ME The sea gets together me with infinity. He untangles everyone heavy thoughts. They get dressed in my lunar room conceived destinies. And white sheets. I’m not looking for anyone’s consolation. Guardian of Fire send me One Creator. And the bright misfortune is house of my feelings vast. Rozalia Aleksandrova Writer…

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माँ ब्रह्मांड है

मां इस शब्द में पूरा ब्रह्मांड समाया हुआ है। मां शब्द अतुलनीय है मां की कोई भी तुलना नहीं हो सकती मां अपने आप में परिपूर्ण है। कोई भी बच्चा अपनी मां के बिना इस धरती पर कोई भी शिक्षा पूरी नहीं कर सकता। अपने संतान की पहली शिक्षक है मां। मां निस्वार्थ है मां…

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सावन की हरीतिमा

सावन की हरीतिमा सावन की हरीतिमा धानी ये धरती, कजरारी मेघा बारिश की छम छम हरी बिंदिया हरी साड़ी, मह- मह महकती हरी मेहंदी की धमधम!! झूलों की उठान गोरी की तान, बलखाती नदियां मेघों का घम घम!! बौराया मन भरमाया तन, बूंदों की सरगम हवाओं का सन -सन! ये मौसम ये सावन धुला धुला…

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समा जाये तेरे हर गुण मुझ में

समा जाये तेरे हर गुण मुझ में माँ जीवन का सार हो तुम मेरी ताल लय मीठी धुन हो मेरी तेरे जैसे बनना है, सदा रहूँ कदमों में तेरी। सदा नयन में बसती हो मेरी हृदय में विराजती मेरी जीवन से और कोई चाहत नहीं परछाई बनना है तेरी। हो धरा सी क्षमाशीला जानकी सदृश…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- विक्रम साराभाई

भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक: पद्मविभूषण डॉ. विक्रम साराभाई “वे संकट और संदेह के क्षणों में, असफलता और सफलता के क्षणों में, मेरे साथ खड़े रहे, मेरा मार्गदर्शन करते रहे। आवश्यकता पड़ने पर उन्होंने मुझे सही रास्ता दिखाया। वह एक विशालकाय व्यक्तित्व थे,और मैं भाग्यशाली था कि मैं उनकी छाया में विकसित हो सका।” –…

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