सपनों का भारत

” सपनो का भारत “ हो न अमन की कमी इस जहां में मिलजुल सब रहें इस जहां में हर विस्थापितों को मिले आशियाना रहे अनाथ ना कोई इस जहां में आतंकी के आतंक का हो खात्मा उन्हें भी प्यार मिले इस जहां में बागों में खिले हर इक कली कहीं कुम्भला न जाए इस…

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माँ

माँ माँ तो केवल माँ होती है , हर सुख -दुख में ठंडी छाँव होती है । गरम थपेड़े सहकर भी बच्चों की रहनुमा होती है । सूरज की पहली किरण वह , चाँद की चमकती रोशनी वह, नीले आसमान -सी विशाल वह , हवा का सुगंधित झोंका वह , ममता से भरी गागर वह…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की-ए पी जे अब्दुल कलाम

महामहिम अब्दुल कलाम— सपनों का सौदागर!   देश की स्वतंत्रयोत्तर समुन्नति की, विज्ञान के क्षेत्र के महानायक श्री अबुल पकीर जैनलुब्दीन अब्दुल कलाम साहब का नाम तक लेते हुए जबान लड़खड़ाती है और महानता देख गर्दन ऊँची हो जाती है। हिंदू पौराणिक कथाओं में स्वर्गाधिपति इंद्र की कथाएँ प्रसिद्ध है। इंद्र ऐसा पद है जो…

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हिंदी का परचम

हिंदी का परचम वैज्ञानिक आधार परखती निज बल सब सत्कार कमाया जोड़ चली सीमाएँ कुनबा हिंदी ने परचम फहराया सहज सरल उत्तम उच्चारण स्वर व्यंजन रस युक्त मनोहर अर्पित उन्नत पद सम्मानित छवि साहित्यिक मुक्त धरोहर शब्द मधुर संयोजित मुक्ता मायावी हिंदी की काया जोड़ चली ….. कोस कोस पर पानी बदले दशम कोस पर…

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कैसे कहूं चहूं दिशा में गुणगान करु

कैसे कहूं चहूं दिशा में गुणगान करु ममता तेरी भावों में मैं बांध नहीं पाती मां तुम मेरे लिए क्या हो कैसे बतलाऊ चाहकर भी मै शब्दों में ढाल नहीं पाती समय चक्र पर बैठे देखा है हरदम तुमको सबकी खुशियों को गढकर प्रेम ही भरते देखा खुद को मिटाकर हमे कामयाब बनाने जुनून तेरी…

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वसंत की नायिका

वसंत की नायिका वह कहता है कि उसकी हसरतें अक्सर लज़्ज़ित हो जाती है जब ह्र्दयरूपी मंच में उसके प्रेम या इश्क़ को एक मर्यादित स्थान देने की बात करती हूँ।सिर्फ़ इतना कह की तुम्हारी सौम्यता कोई भी परिधि नही लाँघ सकती। उसकी पहले से ही सिकुड़ी आँखे थोड़ा और संकुचित हो जाती है मेरी…

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तस्वीर भीड़तंत्र की

तस्वीर भीड़तंत्र की कुछ संसद में, कुछ सड़क पर चिल्ला रहे हैं छुप भीड़ में, हमें मारने की योजना बना रहे हैं ! चाल सियासी हो या फिर बात हो धार्मिक उन्माद की ताक पर रख मानवता, शिकार हमें बस बना रहे हैं ! योजना वद्ध तरीके से शिकार हमारे करते हैं कौन जिन्दा, कौन…

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तुम मेरे पास हो …हमेशा!

माँ, तुम हो यहीं कहीं,..मेरे आसपास, भींगी पलकें जब यादों का सहारा चाहती हैं, तुम तब भी -मेरे साथ होती हो ..माँ, जैसे मैं तुम्हें छू सकती हूँ, महसूस कर सकती हूँ– ”तुम्हारे कदमों क़ि आहट, जब ये अधर कुछ्फरियाद करते हैं, तो जैसे.. तुम सुनती हो मेरी आवाज, बिन कहे मान लेती हो, मेरी…

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यमुना का वरदान

यमुना का वरदान भ्रातृ द्वितीया , भाई दूज, भैया दूज, भाई टीका, यम द्वितीया आदि विविध नाम प्रचलित थे। यह त्योहार कार्तिक मास में शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है।सनातन धर्म में इस त्योहार को भाई-बहन के लिए विशेष महत्वाकांक्षी माना जाता है।  यह पवित्र त्यौहार भाई-बहन के स्नेह को और भी…

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स्त्री-शिक्षा पर गांधी जी की अवधारणा

स्त्री-शिक्षा पर गांधी जी की अवधारणा गांधी जी सदैव कहा करते थे कि एक आदमी को पढ़ाओगे तो एक व्यक्ति शिक्षित होगा। एक स्त्री को पढ़ाओगे तो पूरा परिवार शिक्षित होगा। “गांधीजी शिक्षा के माध्यम से महिलाओं की मुक्ति में विश्वास रखते थे और उन्होंने भारतीय समाज के कायाकल्प की दिशा में चलायी गयी राजनीतिक…

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