पलायन

पलायन पलायन क्यों? खतरे से घबराना क्यूं?? क्यों का कोई अर्थ नहीं, तुम्हें लगता कि….. हम जा रहे उस ओर, जहां कुछ तो होगा !! पर ! यह पलायन जरूरी नहीं, पूरा देश हमारे साथ है, फिर क्यों? आपदा व विपत्ति से घबराना, आग्रह है सुरक्षा का, दायित्व हमें निभाना है, दुःख की घड़ी में…

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मिटेगा कोरोना

मिटेगा कोरोना कैसी हाहाकार मची है कैसा कहर ये ढाया है। पूरी दुनियाँ त्रस्त हुई कोरोना ने दहलाया है। अपने अपने घर में रहना बाहर नहीं निकलना है। जंग शुरू महामारी से है देश से बाहर करना है। दुश्मन ये कमज़ोर नहीं है मानवता का घातक है। जात पांत से दूर ये वायरस इंसानों का…

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लॉकडाउन में पेरेंट्स और बच्चे

लॉकडाउन में पेरेंट्स और बच्चे कोरोना वाइरस के बचाव के लिये होने वाले लॉकडाउन का बच्चों पर सीधा – सीधा असर है और पैरेंट्स भी परेशान हैं कि इस समय का सदुपयोग कैसे किया जाय। आईये इस विषय पर कुछ चर्चा करें । इस लॉकडाउन से हर उम्र के बच्चों के लाइफस्टाइल में अचानक ही…

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विस्थापित

विस्थापित इंसानों के भीतर एक अग्नि, जठराग्नि… बहुत तेज ताप वाली अग्नि का, धीमे – धीमे जलना, इसी जठराग्नि के वशीभूत हो, उसका चलायमान हो जाना, एक चकाचौंध भरी जादू नगरी की ओर, पर उसकी आत्मा तो वहीं रह जाती है, खेत के किसी कोने में, या गली के नुक्कड़ पर। आत्मा बहुत कम जगह…

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विषाणु कोरोना

विषाणु कोरोना कोरोना वायरस की आपदा विश्वव्यापी थी। इस संकट से निपटने में हमारे सक्षम प्रधानमंत्री मोदी जी की दूरदर्शिता और कर्मठता का ही परिणाम था कि हमारे देश में कोरोना वायरस उतनी तेजी से नहीं फैला जैसा अन्य देश में फैला था। मोदी जी ने देश के फस्टफ्रंट पर काम करने वाले सभी डाक्टर,…

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सुनो, कुछ तो करो

सुनो, कुछ तो करो सुनो… कुछ तो करो…! कि इससे पहले सब श्मशानों में तब्दील हो जाए…! कुछ तो करो…. कि इससे पहले घर… मकानों और खंडहरों में तब्दील हो जाए…! कुछ तो करो… इससे पहले कि दवाएँ जहरों में तब्दील हो जाएं…! कुछ तो करो…. इससे पहले कि भोजन खुद भूख में…. और भूख…

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मानवता की सेवा में सन्नद्ध–कर्मवीरों के नाम

मानवता की सेवा में सन्नद्ध–कर्मवीरों के नाम है नमन तुम्हे मानवता हित जीवन अर्पित करने वालों सेवा से संकट मोचक बन हमको गर्वित करने वालों हर जंग जहां जीती हमने दुश्मन को धूल चटाई है संक्रामकता -निशिचर के दमन की कसम उठाई है है नमन तुम्हे खतरों से भी आंधी बन टकराने वालों है नमन…

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अच्छा लगता है

अच्छा लगता है लॉकडाउन में घर पर रहना। अच्छा लगता है। शांत अवनी, स्वच्छ आकाश। शुद्ध पवन करे प्रदूषण नाश। स्वच्छ समीर तन में भरना। अच्छा लगता है। शांत हुआ शोर वाहन का । चहचहाना चिड़ियों का। चिन्ता नही किसी काम का सुबह सबेरे योगा करना। अच्छा लगता है। शाकाहारी घर का खाना। ना होटल,ना…

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कैसे दिन फिरते जाते हैं

कैसे दिन फिरते जाते हैं कैसे दिन फिरते जाते हैं मास दिवस लगते पर्वत से, उलझन नित बनते जाते हैं कैसे दिन फिरते जाते हैं। बाग बगीचे घूमने के दिन छोटी अमिया लाने के दिन कूक पपीहा बौराते हैं कैसे दिन फिरते जाते हैं। चैता फागुन खा गया कहर यह फैल गया है शहर-शहर सपने…

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कोरोना वायरस और हृदय रोगी

कोरोना वायरस और हृदय रोगी कोरोना वायरस की शुरुआत 2019 के आखिर में ,चीन के वुहान प्रांत के सीफूड और पॉल्ट्री बाजार में हुई और देखते ही देखते आज यह पूरी दुनिया में फैल गई।अब यह एक गंभीर समस्या बन गई है। भारत इससे अछूता नहीं है और मरीजों की तादाद तेजी से बढ़ती जा…

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