रोज डे

रोज डे लखिया अनमना सा कॉलेज के सामने से गुजर रहा था … दो लडकियो ने हाथ दिया गांधी चौक कहते हुए रिक्शा में बैठ गई | लखिया ने उसी सवारी से सुना आज रोज डे है ,, एक एक लाल गुलाब दोनों के हाथ में थे ,, एक दूसरी से बतिया रही थी ,,…

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यू आर माय वैलेंटाइन

यू आर माय वैलेंटाइन मैं और तुम दो अलग अलग चेहरे दिल शरीर जान आत्मा व्यक्तित्व परिवार दोस्त वातावरण फिर भी हम ऐसे एक दूसरे मे यूं समाहित हुए मेरा सब कुछ हुआ तेरा तेरा सब कुछ हुआ मेरा तेरा मान सम्मान स्वभिमान सुख दुःख सफलता धन सम्पत्ति परिवार जिम्मेदारी हुई मेरी और मेरी हुई…

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World environment day/nachiket parmar

  इस  चित्र को बारह वर्षीय  नचिकेत परमार ने बनाया है जिस में उन्होंने बेहद खूबसूरत, स्पष्ट और  सार्थक संदेश के साथ  चेतावनी भी दिया हैं। नचिकेत परमार विश्व पर्यावरण दिवस विध्वंसक नही संरक्षक बने समस्त ब्रह्माण्ड मे खरबो खरबो मिलों तक फैले आकाशगंगा मे जीवन का नमोनिशान नहीं न उपस्थित प्राणवायु न ही जल…

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लॉकडाउन

लॉकडाउन ‘कैद में है बुलबुल सय्याद मुस्कुराय’ कोरोना जनित लॉकडाउन में कुछ ऐसा ही महसूस हो रहा है।आज आवश्यक है कि कोरोना जनित लॉकडाउन पर विचार हो ।यह सामयिक है और हम उसमें से होकर गुजर भी रहे हैं।कोरोना के आतंक से भयभीत तो हैं ही बचाव के लिए कमर भी कसे हुए हैं। लॉकडाउन…

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वो प्यारी पाती

वो प्यारी पाती वो कलम का उठाना उसके नीचे एक कॉपी का रखना आधा खत लिखकर सिरहाने धर लेना, फिर कुछ और मन की बातें लिखना, लिफाफे पर पता लिखकर वो गोंद पर ओंठ को घुमाना या फिर गीली उंगली से चिपका देना। वो प्यारा सा लाल डिब्बा जो बाहे पसारे इंतज़ार करता था। जिसका…

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काश यूँ भी कभी

काश….. यूँ भी कभी सोचती हूँ काश मैं भी सांता बन पाती । हर जीवन में प्रेम अमृत की गंगा मैं बहाती । रोतें बच्चों के आँखों से सारे आसूँ छीन लाती उनके कोमल अधरों पर गीत बन गुनगुनाती।। जीनव धूप में थके किसान पिता की चिंता मैं मिटाती धरती माँ की आँखों से दर्द…

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बेटियाँं

बेटियाँं बेटियाँ—उफ़!ये बेटियाँ क्यों इतनी प्यारी होती हैं बेटियां? पिता की लाडली मां की आंखों की नूर होती है बेटियां क्यों इतनी प्यारी होती हैं बेटियां? कभी पकड़कर आँचल माँ का चलती थी लड़खड़ाते कदमों से हो जाती हैं सयानी क्यों इतनी जल्दी ये बेटियाँ? सखियों सी माँ के साथ खिलखिलाती हैं बेटियाँ पिता की…

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कोरोना वाइरस से संघर्ष

कोरोना वायरस से संघर्ष संपूर्ण मानवता आज कोरोना वायरस नाम के बीमारी से खौफ में हैं,जिसे सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम कोरोना वायरस -2 (SARS-CoV-2) का नाम दिया गया है, जिससे पिछले चार-पांच महीनों से कोविड-19 नाम की बीमारी हो रही है।चमगादड़ इन वायरस के प्राकृतिक पोषिता/स्रोत माने जाते हैं. कोविड- 19 को आम तौर पर…

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बदलाव बचाव के लिए

बदलाव बचाव के लिए हर जगह कोरोना वायरस का ही नाम है। इसकी अभी कोई भी दवाई नहीं इजाद की गई है ।पहले भी वायरस हुआ करते थे। कुछ मजबूत वायरस जैसे कि चिकन पॉक्स और पोलियो की हुए हैं जिन्हें खत्म करने में सालों लग गए और उनकी वैक्सीनेशन तैयार हो पाई। इसी तरह…

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