आयरन लेडी -इंदिरा गाँधी
आयरन लेडी -इंदिरा गाँधी बीसवीं सदी की विश्व की सबसे ज्यादा चर्चित महिला राजनीतिज्ञों में से एक थी श्रीमती इंदिरा गाँधी .जो स्वतंत्र भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री बनी .आइरन लेडी पर दिल से मुलायम .गरीबो की मसीहा .महान बनने के लिए हिम्मत चाहिए .मिशाल बनने के लिए भी हिम्मत चाहिए;हिम्मतों की परिभाषा थी इंदिरा…
गुलाबी आँखें…
गुलाबी आँखें… अच्छा तो आप सोच रहे हैं कि मैं कोई ऐसी प्रेम कहानी कहने जा रही हूँ जिसमें एक लड़का और लड़की होंगे और लड़की के गुलाबी आँखों में लड़का… अरे नहीं, नहीं। चलिए मैं आपको मैं गुलाबी आखों वाली के पास ही लिए चलती हूँ। लेकिन उससे पहले मैं अपना परिचय तो दूँ…
वजन कम करें
वजन कम करें यदि आप वजन कम कराना चाहते हैं और वह भी बिना किसी डायटिंग के, तो भी यह सम्भव है क्योंकि कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जो आप के वजन कम करने में सहायक हो सकते हैं।जैसे- ब्राउन राइस सफेद चावल खाने से वजन बढ़ता है परंतु क्या आपको पता है यदि आप…
यू आर माय वैलेंटाइन
यू आर माय वैलेंटाइन मैं और तुम दो अलग अलग चेहरे दिल शरीर जान आत्मा व्यक्तित्व परिवार दोस्त वातावरण फिर भी हम ऐसे एक दूसरे मे यूं समाहित हुए मेरा सब कुछ हुआ तेरा तेरा सब कुछ हुआ मेरा तेरा मान सम्मान स्वभिमान सुख दुःख सफलता धन सम्पत्ति परिवार जिम्मेदारी हुई मेरी और मेरी हुई…
प्रेम बंधन
प्रेम बंधन तुमने कम समझा है मुझे या शायद समझने की जरूरत ही नहीं समझी चलो जाने दो इस नासमझी पर भी मुझे तो प्यार ही आया सदा अब तुम समझो, न समझो ये तुम्हारी समझ और तुम्हें समय भी कहाँ समझने समझाने का पर देख लेना, एक दिन अपने दुपट्टे के कोने से बांध…
जय श्री राम
जय श्री राम राम जी की शरण में चले आइए प्रेम प्रभु जी से सच्चा सभी पाइए कौन अपना है संसार में ये कहो राम जी के ही गुण बस सदा गाइए राम जी सबके दुख आप हर लीजिए और सब पर दया आप अब कीजिए पाप सबने किए हैं बहुत ही यहाँ…
समा जाये तेरे हर गुण मुझ में
समा जाये तेरे हर गुण मुझ में माँ जीवन का सार हो तुम मेरी ताल लय मीठी धुन हो मेरी तेरे जैसे बनना है, सदा रहूँ कदमों में तेरी। सदा नयन में बसती हो मेरी हृदय में विराजती मेरी जीवन से और कोई चाहत नहीं परछाई बनना है तेरी। हो धरा सी क्षमाशीला जानकी सदृश…
बेचारी शिक्षा
बेचारी शिक्षा पुस्तकों की गलियों में भटकते – भटकते, मुलाकात हो गई शिक्षा से, मैंने पूछ लिया उससे, यूंही हाल उसका। रूआंसी होकर बोली वह, मत पूछो क्या हाल है मेरा, पहले रहती थी गुरुकुलों में, सादगी और संस्कारों के संग, पर अब हो गईं हूँ बाजारू, कभी पैसों के बल पर बेची और खरीदी…