मैं हूँ ना

मै हूँ ना हाँ, जिंदगी सिर्फ यादों का खेल ही तो है। एक उम्र के बाद ऐसा लगने लगता है जैसे जीने के लिए अब ज्यादा कुछ बचा ही नहीं ।बस अतीत की लम्बी गहरी सुरंग जैसी राहों पर मन भटकता रहता है हर-पल, हरदम । तनु के जीवन में भी ऐसा ही कुछ धा।…

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ऑनलाइन खाना

    ऑनलाइन खाना पिताजी के इस दुनिया से जाने के बाद माँ का आना-जाना लगा ही रहता था। प्रिया उनकी इकलौती संतान थी,पिताजी के जाने के बाद माँ एकदम अकेली पड़ गई थी।घर का कोना-कोना पिता जी के साथ बिताए मधुर पल की याद दिलाता रहता,जब माँ घर के अकेलेपन से डरने लगती तो…

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कोरोना कोंस्पिरेसी

कोरोना कोंस्पिरेसी किसी बात को ठीक से समझने के लिए उसकी पृष्ठभूमि को समझना आवश्यक होता है | चीन से शुरू हुई इस वैश्विक महामारी को समझने के लिए भी उसकी पृष्ठभूमि जानना जरूरी है कि वह कब कैसे और किन परिस्थितियों में शुरू हुई | नवम्बर दिसम्बर 2019 में दो महत्वपूर्ण खबरें थी जिसे…

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हमारी हिन्दी

हमारी हिन्दी हिंदी हमारी भाषा हैं। हिंद की परिभाषा हैं। हिन्दी हमारी संस्कृति हैं। संस्कार का सुविचार हैं पहले तो थी दबी-दबी सी। अब सिर ताने खड़ी हैं। सहमी सी हिंदी मेरी। आज सरपट दौड़ रही हैं। राह अपनी खुद बनाती, समृद्ध हो रही भाषा हैं। जुड़ रही है हिन्दी हमारी नई टेक्नोलॉजी से। क्षेत्रों…

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तेरे संग का रंग

तेरे संग का रंग होली में हमारे घर भांग पिसी जाती और उसे छुपा कर ठंडई में, पुआ में डाल दिया जाता ताकि देवरों नंदो को पता न चल पाए भाभी के मज़ाक का, और पति को भी आनंद के रंग में डुबो दिया जाए। उन दिनों परिवार बड़ा था और होली में मायका ससुराल…

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हेयर केयर- मानसून

गर्मी के बाद मानसून वाला मौसम सभी को बहुत सुहाना और रोमेंटिक लगता है। इस बारिश को देखते ही इसमें भीगने का मन करता है। लेकिन बारिश में भीगने से बालों को काफी नुकसान पहुंचता है क्योंकि यह मौसम बहुत चिपचिपा और ऑयली होता है। इसमें बाल बहुत जल्दी गंदे और ऑयली हो जाते हैं।…

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महिलाओं में क्यों होती है आयरन डेफिशिएंसी

महिलाओं में क्यों होती है आयरन डेफिशिएंसी 1. पीरियड्स के दौरान ब्लड लॉस पीरियड्स में सामान्य तौर पर आपका 80 मिलीलीटर खून निकलता है।अच्छी डाइट से इस लॉस को रिकवर किया जा सकता है। लेकिन अगर आपको ज्यादा ब्लीडिंग होती है, पीरियड्स 5 से 7 दिन के होते हैं या डाइट में आयरन युक्त भोजन…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- बाल गंगाधर तिलक

लोकमान्य-बाल गंगाधर तिलक १८५७ की क्रांति क्यों विफल रही ? क्यों तात्या टोपे, रानी लक्ष्मीबाई का बलिदान विफल हुआ ? क्योंकि हम एक साथ लड़े ही नहीं !! कौन है ये ब्रिटिश ? कौन सा है उनका ब्रिटेन देश ?? अगर हम सब भारतीय एक साथ थूंकेगे तो उनका देश बह जाएंगा ! ऐसे कड़े…

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पधारो हे अतिथि

पधारो हे अतिथि नववर्ष कुसुम हुआ है आज पुष्पित पल्लवित, देखो मोरे घर आंगन द्वारे उजास प्रकाश का स्त्रोत सांझ सकारे पधारो हे अतिथि अभिनंदन तुम्हारा इनकी सुगंध और निराली अदाएं बरसातीं हैं लिए, मेह नेह, इनकी हवाएँ दवाओं से बढकर करतीं असर इनकी अप्रतिम अदाएं अलौकिक दुआएं, ये चांद रातों में, अमृत बरसाएं, झूमें…

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