सुमधुर भारत वर्ष हमारा जाने कितनी कवियों ने दोहराई होगी बात पुरानी , आज सुनाता हूँ मैं तुमको नव भारत की नई कहानी। नई पुरानी सभ्यताओं का संगम भारत वर्ष कहाता, यहाँ कभी ना टूटा नई पुरानी संस्कृतियों का नाता। यहाँ जुड़ी है कड़ियां कितने रस्मों और रिवाजों से, यहाँ मिली है धड़कन कितनी धर्मों…
मजबूरी का सौदा
मजबूरी का सौदा गौरीपुरा गाँव के ठीक बीचों-बीच, बरगद के पेड़ के नीचे, गिरधारी की छोटी-सी दुकान थी। दुकान क्या थी, एक फटी-पुरानी चारपाई, जिस पर कुछ लकड़ी के खिलौने रखे रहते थे। गिरधारी के हाथ में जादू था। उसकी छेनी और हथौड़ी से बेजान लकड़ी में जान आ जाती थी। वह सुबह सूरज निकलने…
सुमधुर भारत वर्ष हमारा
सुमधुर भारत वर्ष हमारा जाने कितनी कवियों ने दोहराई होगी बात पुरानी , आज सुनाता हूँ मैं तुमको नव भारत की नई कहानी। नई पुरानी सभ्यताओं का संगम भारत वर्ष कहाता, यहाँ कभी ना टूटा नई पुरानी संस्कृतियों का नाता। यहाँ जुड़ी है कड़ियां कितने रस्मों और रिवाजों से, यहाँ मिली है धड़कन कितनी धर्मों…
एक शिक्षिका ऐसी भी
एक शिक्षिका ऐसी भी बात उन दिनों की है जब मेरी नियुक्ति मुम्बई के एक प्रसिद्ध कनिष्ठ महाविद्यालय में हुई थी।परिवार,दोस्त,रिश्तेदार सभी प्रसन्न थे कि सरकारी नौकरी मिल गयी,अब जिंदगी आराम से गुजरेगी।काम हो ना हो,तनख्वाह तो शुरू ही रहेगी।आज भी सरकारी नौकरी के प्रति लोगों की मानसिकता में अधिक अन्तर या बदलाव नहीं आया…
दोगले इंसान
दोगले इंसान सहमी खड़ी है इंसानियत कौन मसीहा कौन हैवान ! सोच-समझ चली चालों को फिर दे देते हादसों का नाम ! पूज कर कन्या रस्म निभाते नज़रों में छुपा रखते शैतान ! ओढ़ मुखौटा धर्म-कर्म-कांड पूजते अल्लाह औ भगवान ! पत्थरों में दिखता जिनको ईश् जीवों की पीड़ा से वो अनजान ! पढ़ न…
बसंत लाया संदेशा प्रेम का
बसंत लाया संदेशा प्रेम का ज्ञान कला की देवी है देती यही वरदान। हुआ था अवतरण वीणावादिनी का दिया ब्रह्मा, विष्णु ने मां सरस्वती को बागेश्वरी, भगवती, शारदा नाम । जब शबरी ने पांवड़े बिछाये किया रघु का इंतज़ार, खाए जूठे बेर प्रभु ने है वही पावन मास महान। जिसमे मनाती है कुदरत भी अपने…
हिन्दी दिवस और हिन्दी
हिन्दी दिवस और हिन्दी कहने को राजभाषा है हिन्दी, भारती के भाल की सच में बिन्दी । न मारो माँ को अपने हाथों से, साँसें टूटतीं पर अब तक जिन्दी । छंदों से करती अपना श्रृंगार, पहनकर अद्भुत-अनुपम अलंकार । संगम अगनित भाषा बोलियों का, नव रस से आप्लावित चमत्कार । पहचानो इसमें है अपार…