ईश्वर की चेतावनी

ईश्वर की चेतावनी ये कोरोना एक रोग नहीं जो विषाणु से फैला है, ये कुदरत का कहर है जो जानलेवा और विषैला है!! ये हम सबका फैलाया जहर है जो एक दिन का प्रतिफल नहीं सदियों का नतीजा है विष जो हमारे दिल में था जो आज जाकर निकला है!! कांप गए हम बस इतने…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- रानी गाईदिन्ल्यू

क्रांतिकारी वीरांगना गाईदिन्ल्यू भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के काल में अंग्रेज प्रशासन को भयभीत रखने वाली अदम्य साहसी योद्धा के अतुल्य योगदान को नमन। “मैं (रानी) अंग्रेजों के लिए जंगली जानवर के समान थी, इसलिए एक मजबूत रस्सी मेरी कमर से बाँधी गई । दूसरे दिन कोहिमा में मेरे भाई ख्यूशियांग की भी बड़ी क्रूरता से…

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भोर की प्रतीक्षा

भोर की प्रतीक्षा आज प्लेटफार्म पर कुछ ज्यादा ही भीड़ थी ,शायद कोई रैली जा रही थी ..पटना ,लोग दल के दल उमड़े चले आ रहे थे ,हाथों में झंडे ,छोटे बड़े झोले ,गठरियाँ लादे हुए …मुफ्त में यात्रा कर ,कुछ रूपये बचाने के लिए बेबस मजबूर लोग भी थे।तो कुछ ऐसे लोग भी थे…

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अच्छा लगता है

अच्छा लगता है सुनो न , बहुत दिन से कुछ कहना है तुमसे! पर उस बात का ज़ायका मुँह में घुलता है कुछ इस तरह, वो बात कह ही नहीं पाती । सुनो तो….. तुम अच्छे लगते हो अब ये मत पूछना क्यों : इन फैक्ट मेरी बात पूरी होने दो पहले फिर कुछ भी…

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माँ.. ममत्व और मातृत्व

माँ.. ममत्व और मातृत्व परमपिता ने हर रूह में बसाया मातृत्व भाव… अहो, पर जगत में आज बंधु ममता का देखो कैसा है अभाव.. कि मानव मानव के ही खून का बन बैठा है प्यासा देखो देखो तो जाकर के पाओगे हर मां का कलेजा दिन रात है फटता, आत्मा से निकलती चित्कार, आह चेहरा…

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विनायक पूजन

विनायक पूजन तीज त्यौहार की रौनक कुछ ऐसी आई , संग पार्वती गजानन लाई। कितनी अद्भुत लीला है, बरसो बाद ये नज़ारा है। ना ही ढोल और ताशे है, ना ही बाप्पा का नारा है। सूनी आंखें पंडाल नदारत, मंदिर में मीलों की सूनी कतार नदारत। ना वो मोदक ना वो वेंडी , मूर्तिकारो के…

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प्रेम की पराकाष्ठा

प्रेम की पराकाष्ठा प्रेम सत्य है,सर्वव्यापी है प्रेम की पराकाष्ठा भला कब किसने नापी है!! प्रेम विश्वास है प्रेम आस है, प्रेम प्यास है एहसास है!! प्रेम पूजा है,प्रेम निष्ठा है, प्रेम नाता है ,प्रेम विरह है!! प्रेम को कब किसने बांधा है प्रेम को कब किसने मापा है, प्रेम अनछुआ है अनदेखा है प्रेम…

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रोज़ डे की परंपरा

रोज़ डे की परंपरा कनाडा मे रहने वाली 12 वर्षीय मेलिंडा रोज की याद मे इसे मनाया जाता है, मेलिंडा रोज को सन् 1994 में जब वह 12 वर्ष की थी तब ब्लड कैंसर हो गया था, डॉक्टरों ने कहा मेलिंडा 2 सप्ताह से ज्यादा नहीं जी पायेगी लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और डॉक्टरों…

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