नयी दिशा
नयी दिशा धूप-गुगुल के सुगंध से सुवासित और स्त्रियों के शुभ मंगल गान से गुंजायमान था हरिपुर गांव का वातावरण। लाल-पीली साड़ियों में स्त्रियाँ, धोती-कुर्ते में पुरुष और रंग-बिरंगे परिधानों में सजे बच्चे-बच्चियाँ उत्सव सा माहौल बना रहे थे,उनके परिधान सुख-समृद्धि की गवाही दे रहे थे।सब के चेहरे से संतुष्टि और खुशी झलक रही थी।अवसर…
प्राण का संबंध
प्राण का संबंध “सुनो तुम्हारी माँ का क्या नाम है?” स्कूल के प्रांगण में एक छात्रा को रोकते हुए प्रीति ने पूछा। लड़की हतप्रभ होकर प्रीति को देखने लगी। प्रीति मुस्कुराई। लड़की से कहा- “मैं समझ रही हूँ तुम्हारे दिल की बात। लोग अमूमन पिता का नाम पूछते हैं और मैंने तुमसे तुम्हारी माँ का…
राष्ट्र पिता महात्मा गाँधी
राष्ट्र पिता महात्मा गाँधी शर्मसार हैं हम बापू , अंधे ,बहरे और गूँगे बन कर ही रह गए , क्याें न पड़ा हमारे कानों में किसान, मज़दूर और दलित का क्रंदन, क्याें न हम देख पाए निम्न वर्ग का शोषण, क्याें न हमने आवाज़ उठाई अत्याचार के ख़िलाफ़, क्याें हम सुषुप्ति में डूबे रहे बेख़बर,…
सुधा मूर्ति
सुधा मूर्ति बीते 75 सालों में हमने हर वर्ष देश की आज़ादी का जश्न मनाया है और हम उन सभी वीर-वीरांगनाओं को याद करते रहे हैं, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। उन सभी पुण्यात्माओं को मेरा नमन। आज कुछ अलग करते हुए हमें उन लोगों को भी याद करना…
कोविड -19 और गर्भवती स्त्री
कोविड -19 और गर्भवती स्त्री आज कोविड-19 ने पूरे विश्व को अपने चपेट में ले लिया है । विश्व में बढ़ते हुए संक्रमण को संभालने और इलाज करनें के लिए हर स्तर पर विस्तार से कार्य हो रहें हैं। इस वायरस के तीव्रता को मेडिकल सेवा और रिसर्च में लगें, हर क्षेत्र के चिकित्सकगण और…
The Storm and the Boat
The Storm and the Boat हम लाये हैं तूफ़ान से किश्ती निकाल के , (We have navigated the ship from a fierce storm,) इस देश को रखना मेरे बच्चों संभाल के | (Keep this country safe, my dear children.) तुम ही भविष्य हो मेरे भारत विशाल के , (You alone are the future of my…
मास्टर साहब कहिन
मास्टर साहब कहिन किस्सा एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय के मास्टर साहब की है।आज मास्टर साहब के घर पर अफरा-तफ़री का माहौल है।श्रीमती जी कपड़े प्रेस कर रही, सुपुत्र जूता पॉलिश कर रहा , स्वयं मास्टर साहब दाढ़ी बनाने में व्यस्त।कुल मिलाकर घर का माहौल बड़ा गर्म था।कोई और दिन होता तो बिना प्रेस कपड़ा, बिना…
भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- धीरूभाई अंबानी
धीरूभाई अंबानी अगर आपको परीकथाओं पर विश्वास नहीं है तो आप इस कहानी को जरूर पढ़िए. यह किसी परीकथा से कम नहीं है. एक आदमी जो हाईस्कूल की शिक्षा भी पूरी नहीं कर पाया. वह इतने गरीब परिवार से था कि खर्चा चलाने के लिए उसे अपनी किशोरावस्था से ही नाश्ते की रेहड़ी लगाने से…