पापा की तरह
पापा की तरह नहीं बन पाती कलाकार पापा की तरह फटी जेब में भी जो मुस्कुराहटें संभाल लाते थे परेशानियों के गद्दे पर भी जो रेशमी चादर बिछाते थे हर ईंट में खुद को ढाल घर हमारे लिए बनाते थे । नहीं आता हुनर पापा की तरह पसीने से तर – बतर जो जेठ की…