भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- सैम मानेकशॉ

एक अद्वितीय योद्धा-सैम होर्मूसजी फ़्रेमजी जमशेदजी मानेकशॉ हम सब भारतीय सेना की वीरता और पराक्रम की हमेशा प्रशंसा करते हैं जब भी सेना कोई ऐसा काम करती है जिससे हमारे देश का सामर्थ्य दिखता हैं तो हमारा सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। कुछ ऐसे ही थे सैम मानेकशॉ जिन्हें देश का पहला फील्ड…

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अब न सहूँगी

अब न सहूँगी मारपीट अब बहुत हो गई ओछी हरकत अब न सहूँगी खौफ़ दिया क्रूर कर्मों से भँडास निकाली जी भर कर रोई मैं चुपचाप अकेले करवट बदली रात-रात भर पर न बहाऊंगी सावन अब बिजली बन कर कड़कूँगी मैं वार किया तो चुप न रहूँगी मारपीट अब बहुत हो गई ओछी हरकत अब…

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श्रीकृष्ण सरल : शहीदों का चारण

श्रीकृष्ण सरल : शहीदों का चारण श्रीकृष्ण सरल के नाम से बहुत से पाठक भले ही परिचित न हों, लेकिन स्वाधीनता संग्राम और क्रांतिकारियों में रुचि रखने वाला हर व्यक्ति उनके नाम से भली-भांति परिचित है। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, भगतसिंह, चन्द्रशेखर आज़ाद, अशफाक़ उल्ला खाँ, राजगुरु और सुखदेव जैसे क्रांतिकारियों और शहीदों के अतिरिक्त…

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फिर नयी सुबह तो आयेगी ‌

फिर नयी सुबह तो आयेगी ‌ दिसंबर की शीत लहर और एक वायरस ने चीन के वुहान शहर को अपने आलिंगन में ले लिया और फिर उसका आगोश कसता गया,बढ़ता गया।सुना गया कि वुहान की प्रयोग शाला में किसी छीना झपटी में यह वायरस लाखों लाख की संख्या में ज़मीन पर गिरा तो आदमी के…

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माँ

माँ मां! मां! मुझे तुमसे कुछ कहना है आईने में जब-जब निहारती हूँ ख़ुद को मैं स्वयं में बस तुम्हारी ही छवि पाती हूँ स्वयं के प्रति तुम होती थी लापरवाह जब काम और व्यस्तता का देकर हवाला तुम निपटाकर चौके चूल्हे के काम को नहा धोकर और पूजा का थाल सजाकर तुम माथे पर…

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मां की ममता

मां की ममता माँ मेरी माँ तूँ ममता की मूरत है, निश्छल और प्यारी हसीं तेरी सूरत है, वो एहसास आज भी मेरे पास है….. जब तूँ मुझे हर पल अपने आँचल में ही छुपा कर रखना चाहती थी, क्यूंकि तुम्हे डर था की किसी की नज़र न लग जाये मुझे,… मैं बड़ी हो गयी…

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इंसानियत 

इंसानियत  घर में ख़ासी चहल – पहल थी।रवि ने आफिस से आते ही पूछा , माँ पैकिंग वग़ैरह सब हो गई क्या?सविता जी ख़ुशी से बोली, हाँ -हाँ ,बस रामू मिठाई और फल लाने गया है , आता ही होगा ।हमेशा बाबूजी यानी रमेश जी चुपचाप चश्मा पहन कर अख़बार हाथ में लिए पढ़ते रहते…

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यह कहानी है विषाणु और विज्ञान की

यह कहानी है विषाणु और विज्ञान की इस समय सम्पूर्ण विश्व एक अदृश्य मौत के खौफ़ के साये में जी रहा है। दुनिया भर में 4,820,959 से अधिक लोग संक्रमित हैं व एक अनुमान है कि 3,188,765 से ज्यादा लोगों की जान ले चुका है एक वायरस जिसे नाम दिया गया है कोविड-19 या कोरोना।…

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यू आर माय वैलेंटाइन

यू आर माय वैलेंटाइन मैं और तुम दो अलग अलग चेहरे दिल शरीर जान आत्मा व्यक्तित्व परिवार दोस्त वातावरण फिर भी हम ऐसे एक दूसरे मे यूं समाहित हुए मेरा सब कुछ हुआ तेरा तेरा सब कुछ हुआ मेरा तेरा मान सम्मान स्वभिमान सुख दुःख सफलता धन सम्पत्ति परिवार जिम्मेदारी हुई मेरी और मेरी हुई…

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