ऊँची उड़ान को मिले पंख

ऊँची उड़ान को मिले पंख न्यू यॉर्क से दिल्ली तक की फ्लाइट ने दोनों का बुरा हाल कर दिया था और अब जेट लेग की समस्या से भी जूझना था । एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही डीज़ल के धुएँ से भरी गर्म हवा और कानफोड़ू हॉर्न ने स्वागत किया । टैक्सी लेकर दोनों एरोसिटी के…

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वेलेंटाइन डे

वेलेंटाइन डे सफर के दौरान मिले दो शख्स ट्रेन में बैठे उदय…ने सामने सीट पर बैठी लड़की से पूछा…”कहाँ जा रही हो?” गुस्से में लाल चेहरे से तमतमाती लड़की ने जवाब दिया,”पता नहीं “। “टिकेट कहाँ की कटाई हो?” “जहाँ ट्रेन रूकेगी, मेरी किस्मत मुझे जहाँ ले जाए”।लगता है बहुत परेशान हो…? उचित समझो तो…

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हमारी त्वचा

हमारी त्वचा स्वस्थ एवं सुंदर त्वचा, निखरा हुआ रंग हरेक की चाहत होती है। आइए पहले जानते हैं कि आखिर यह त्वचा है क्या? त्वचा शरीर का वाह्य आवरण है जिसे एपिडर्मिस भी कहते हैं। यह शरीर प्रणाली का सबसे बड़ा अंग है और उपकला उत्तक की कई परतों द्वारा बनता है ।अंतर्निहित मांसपेशियों, अस्थियों,…

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मेरे इश्क का रंग है केसरिया

मेरे इश्क का रंग है केसरिया देश मेरे …. रंगरेज मेरे मेरे इश्क का रंग है केसरिया तेरी आन की खातिर मैं न मरा तो खाक यह जीवन मैंने जीया देश मेरे…… कायर ने छुप कर वार किया अस्मिता पर प्रहार किया किंचित न गम है मिटने का हाँ दुख है न योद्धा दिखने का…

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मैं हूँ ना

मै हूँ ना हाँ, जिंदगी सिर्फ यादों का खेल ही तो है। एक उम्र के बाद ऐसा लगने लगता है जैसे जीने के लिए अब ज्यादा कुछ बचा ही नहीं ।बस अतीत की लम्बी गहरी सुरंग जैसी राहों पर मन भटकता रहता है हर-पल, हरदम । तनु के जीवन में भी ऐसा ही कुछ धा।…

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वीर स्थली का सिंह नाद

वीर स्थली का सिंह नाद 1 जुलाई, 2016 को भारतीय सेना की एक महत्वपूर्ण पलटन ‘9 पैरा स्पेशल फोर्सेस’ अपना 50वाँ स्थापना दिवस बड़े उत्साह और गर्व के साथ मना रही थी | सेना से सेवा निवृत हुए बहुत से अधिकारी भी सपरिवार इस महाकुम्भ में भाग लेने के लिए देश- देश से आए हुए…

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लॉकडाउन के दौरान

लॉकडाउन के दौरान ( डायरी के कुछ पन्ने ) बचपन में ऐसी फिल्में देखकर जिसमें बच्चे अपने माता -पिता से बिछड़ जाते हैं देखकर बहुत डर लगता था और सोचती थी अगर माता पिता को कुछ होना है तो मुझे भी उनके साथ हो …आज सोचती हूँ मुझे कुछ होना है तो मेरे साथ मेरे…

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मंजिल मिलेगी, चुनैतियों के पार

मंजिल मिलेगी, चुनैतियों के पार बात पुरानी है, यही कोई साठ साल पहले की… मैं अपने घर की चुलबुली, सुन्दर, हँसने-हंसाने वाली सबकी लाड़ली गुडिया थी …मेरी बड़ी बहन मुझसे ठीक विपरीत, गंभीर, शान्त, पढ़ाकू …. एक दिन मेरे ताऊ जी ने मेरी बहन का मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य से मुझसे कहा, “ज़रा अपना हाथ…

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एक प्याली चाय 

एक प्याली चाय  प्रेम की परिभाषा है, एक प्याली चाय, भोर की पहली किरण की संगिनी, सर्द सुबह को मादक महक से गुदगुदाती, आनंद के चरमसुख पर पहुंचाती है…  एक प्याली चाय…..  प्रेयसी के रूप सी, कभी गोरी, कभी काली, तेज़-तीखी सजनी सी, काली मिर्च-अदरक वाली, मनभाती, दिल-लुभाती, सपनों में आती, दिन-भर जी तोड़ मेहनत…

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नंदा पांडेय की कविताएं 

नंदा पांडेय की कविताएं    1.तुम बन गए बुद्ध !   तुम जानते थे कि शिव ! बनना आसान नहीं है पर, तुम्हें बनना था शिव! पीना था विष !   अनन्त गुहाओं से घिरे चुप्पी के घने दौर में बात-बात पर स्याही उगलती तुम्हारी कलम जब लिखना चाहती थी मजहबी दस्तावेज ! तब तुम…

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