जात न पूछो साधू की….
जात न पूछो साधू की…. वातावरण की गंभीरता को अपने अंदर समेटते हुए मंत्र गूंज रहा था… न जायते म्रियते वा कदाचित् नायं भूत्वा भविता वा न भूयः। अजो नित्यः शाश्वतोऽयं पुराणो न हन्यते हन्यमाने शरीरे॥ गंगा जब यह मंत्र पढ़कर नानाजी की तेरहवीं के कर्मकांड करवा रही थी, तब मुझे लगा कि अब नानाजी…
दीपावली का महत्त्व
दीपावली का महत्त्व नवंबर माह में कार्तिक और मार्ग शिर्ष मास का समावेशन है , इस माह में अनेक अधिष्ठापित व्रत- त्योहार होतेे हैं । दशहरा के बाद दिवाली से पूर्व ‘धन्वंतरि ‘धनतेरस या धन त्रयोदशी मनाया जाता है । इस दिन अरोग्य के देवता ‘धन्वंतरि’ मृत्यु के देवता अधिपति ‘यम’ वास्तविक धन संपदा की…
Tips for your Covid-19 management
Tips for your Covid-19 management Get Enough Sleep If you don’t take your 7-9 hours of good quality sleep, this can suppress your body’s production of infection fighting antibodies. Adopt a Healthy Diet Include a variety of nutrient rich healthy foods such as fruits, vegetables, protein foods and whole grains to support your immune system….
माँ तू अनमोल है
माँ तू अनमोल है न जाने कितनी ही बार लड़खडाते कदमो को संभाली होगी माँ न जाने कितनी ही बार गिरने से बचाई होगी माँ न जाने कितनी ही बार गोद में लेकर थपकी दी होगी माँ न जाने कितनी ही बार कितने जतन की होगी मेरी हंसी खुशी के लिए माँ न जाने कितनी…
डॉ श्रीमती कमल वर्मा की कविताएं
डॉ श्रीमती कमल वर्मा की कविताएं १.राष्ट्रीय चेतना और जागृति भारत मांँ पर जो कुर्बान,उनके जज्बों को प्रणाम, भारत मांँ के वो सपूत,भारत मांँ की वो है शान| भारत मांँ पर जो कुर्बान,उनके जज्बों को प्रणाम॥ कहाँ गये वो माँ के बेटे,माँ पर करते जां कुर्बान, एक हाथ में गीता रहती, दुजे में पकडे कुरान।…
जब टूट गया था बांध
जब टूट गया था बांध कहीं दूर आंखों की पुतलियों के क्षितिज के पार जब टूट गया था बांध उस रोज…. नमक… समुद्र हो गया था.. मन डूबा था अथाह जलराशि की सीमाहीन धैर्य तोड़ती सीमाएं एक सीप के एहसासों के कवच में जा समायी थी और जन्म हो गया था एक स्वेत बिंदु मोती…
शहीद-ए-आजम
शहीद-ए-आजम ” वेदना में एक शक्ति है, जो दृष्टि देती है। जो यातना में है, वह द्रष्टा हो सकता है।”- यह अज्ञेय द्वारा रचित “शेखर एक जीवनी- भाग एक” पुस्तक की पहली पंक्ति है। सत्य है, वेदना मनुष्य को अन्याय का प्रतिकार करना, उसके विरुद्ध मोर्चा लेना और कभी -कभी जान की कीमत लगा कर…