बिना पते की चिठ्ठी

बिना पते की चिठ्ठी मेरे घर के आगे एक छोटा बगीचा है जिसमें मैंने नारियल, नींबू, अमरूद, चम्‍पा, रातरानी, आम के पेड़ लगा रखे हैं। छोटी क्‍यारियों में गेंदा, चमेली, उड़हुल के फूल हैं। उड़हुल के भी कितने रंग है ना। जब छोटी थी तब केवल लाल या गुलाबी रंग के उड़हुल के फूल हुआ…

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कोरोना वायरस से मुक्ति

कोरोना वायरस से मुक्ति पूरा विश्व अभी कोरोना वायरस के दुष्प्रभाव से परेशान है और सभी यह जानना चाहते हैं कि भारत और विश्व इस संक्रमण से कब मुक्त होगा । वर्तमान में कर रहे गोचर और ग्रहों की स्थिति को देखें तो यह पाएंगे कि राहु अपने उच्च की राशि मिथुन में गमन कर…

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My Mother

My Mother The lady who has a towering impact on me is my Mummy: Mrs Sushila Mohapatra. Being a daughter I was very much inclined towards my Dad. Always had a perception that mummy can’t be the best adviser. I used to share my details with my dad. He was my idol ,unlike every daughter….

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मुंशी प्रेमचंद

मुंशी प्रेमचंद मुझे नहीं लगता जिनकी रुचि साहित्य में होगी वो इस नाम से वाकिफ नहीं होंगे !! मुंशी प्रेमचंद मेरे प्रिय कथाकारों में से एक हैं सच कहूं तो उनकी कहानी “पूस की रात”और “ईदगाह”जब विद्यालय जीवन में पढ़ा था तभी से उनकी मुरीद हो गई!! कहना ग़लत नहीं होगा कि अगर लिखने- पढ़ने…

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स्तन कैंसर-जागरूकता ही बचाव है

स्तन कैंसर-जागरूकता ही बचाव है स्तन कैंसर दुनिया में महिलाओ में होने वाला सबसे आम या कॉमन कैंसर है। “आंखों को वही दिखाई देता है जो दिमाग को पता हो” सबसे पहले आप लोगों को बताना चाहूंगी कि स्तन कैंसर स्तन के कोशिकाओं और टिश्यू में असामान्य अनियंत्रित वृद्धि को कहते हैं। हमारे देश में…

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मासिक धर्म को हीन दृष्टि से देखने वाले समाज में रोशनी के किरण बनते ये युवा

मासिक धर्म को हीन दृष्टि से देखने वाले समाज में रोशनी के किरण बनते ये युवा मासिक धर्म एक सामान्य प्रक्रिया है और प्रकृति की महिलाओं को देन है , महिलाओं को प्रकृति ने नव सृजन का जो वरदान दिया है वह मासिक धर्म के बग़ैर संभव नहीं है । परंतु उसी मासिक धर्म के…

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विद्या भंडारी की कविताएं

विद्या भंडारी की कविताएं 1.अनबोला लड़की जब तब्दील होती है स्त्री में जाने कहाँ खो जाता है समय । निगल लिए जाते हैं जुबान पर आए शब्द । गुम हो जाती हैं परिंदो सी खिलती आवाजें ।। उड़ते पंख बदल जाते है फड़फड़ाते पंखों में । आंखो में अनचाहे ख्वाब लगते है तैरने । ऐसे…

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हर उड़ान भरने को तैयार

हर उड़ान भरने को तैयार ” पापा मुझे कम्प्यूटर कोर्स करना है “, ग्रेज्यूएशन का रिजल्ट आते ही मैने पापा से कहा । ” ज़रूर करो “, पापा के इन दो शब्दों ने मेरी उड़ान को मानो पँख लगा दिये । घर में पापा, मम्मी , भैया व छोटी बहन मेरे प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण…

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