साक्ष्य में राम

साक्ष्य में राम राम तुम्हारा चरित ही स्वयं काव्य है कोई कवि बन जाए सहज सम्भाव्य है राष्ट्र कवि मैथिली शरण गुप्त की ये पंक्तियाँ राम के चरित्र का अन्यतम रूप प्रदर्शित करती हैं। राम का चरित्र एक आदर्श पुंज है और उस चरित्र को जिसने भी गुना है वह यश के चरम पर पहुँचा…

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झूठ झूठ और झूठ-झूठ के माध्यम से सच की तलाश

झूठ झूठ और झूठ-झूठ के माध्यम से सच की तलाश ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है कि कोई कवि या कवयित्री एक ही विषय को लेकर एक पूरा संग्रह ही रच डाले। दिव्या माथुर इस माने में एक अपवाद मानी जा सकती हैं, जिन्होंने ‘ख़याल तेरा’, ‘रेत का लिखा’, ‘11 सितम्बर – सपनों की…

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चूड़ियों की खनक

  चूड़ियों की खनक रवि के पैर का उत्साह जैसे हवा से बात कर रहा था।घर जल्दी पहुंचने के लिए उसके पैर आतुर हो रहे थे। उसने कभी सोचा भी नहीं था कि वक्त के साथ हमें यू इतने लम्बे समय तक इस तरह अलग रहना पड़ेगा । पूरे एक वर्ष बाद आज उससे मिल…

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सुनो दिसम्बर

सुनो दिसम्बर सुनो दिसंबर, यह जो वक्त की गाड़ी तुम खींचकर यहाँ तक लाए हो बहुत भारी थी मजदूरों पर, मजबूरों पर कमजोरों पर, मजबूतों पर कितनों की कमर टूटी कितनों की संगत छूटी बेबस रहा हर एक लम्हा जीवन भी रहा कुछ थमा-थमा परेशान रहे हम सभी कैद रही हर चलती साँस पर इंतजार…

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कभी देखा है किसी स्त्री को कर्ण होते..!!

कभी देखा है किसी स्त्री को कर्ण होते..!! कभी देखा है किसी स्त्री को कर्ण होते..!! कानो में कुंडल जिस्म पर कवच धारण किए हुए..??? संवेदनाओं का लक्ष्य भेद कुण्डलों सा सामाजिक विचारों को धारण करने की बातें।हाथों में मर्यादाओं की चूड़ियाँ, माथे पर भव्य सुर्ख लाल सौभाग्य की बड़ी सी बिंदी मानो सूर्य को…

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माँ

माँ संस्कारों के दिव्य अलंकरण की शक्ति है माँ । स्नेह भरे संबल का सुखद स्पंदन है माँ । जीवन की ऊबड़-खाबड़ पगडंडियों पर धैर्य से आगे बढ़ने की शिक्षा है माँ । जिन्दगी की कटु अनुभूतियों की मधुर अभिव्यक्ति है माँ । तुझ में है हम हममें हो तुम हमारे संपूर्ण व्यक्तित्व की पहचान…

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शिव प्रेम स्वरूप

शिव प्रेम स्वरूप   प्रेम की बात हो और मोहन का नाम ना आए ऐसा विरले ही होता है। ज्यादातर लोग कान्हा को ही प्रेम का पर्याय मानते हैं। पर मैं, मुझे सदैव से ही ‘शिव’ प्रेम की पराकाष्ठा के स्वरूप लगे हैं। सभी कुछ देखा, सहा, जिया है शिव ने। इस संसार में प्रेम…

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गुलाबी आँखें…

गुलाबी आँखें… अच्छा तो आप सोच रहे हैं कि मैं कोई ऐसी प्रेम कहानी कहने जा रही हूँ जिसमें एक लड़का और लड़की होंगे और लड़की के गुलाबी आँखों में लड़का… अरे नहीं, नहीं। चलिए मैं आपको मैं गुलाबी आखों वाली के पास ही लिए चलती हूँ। लेकिन उससे पहले मैं अपना परिचय तो दूँ…

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