कथा, कथाकार और पाठक

अंतरराष्ट्रीय कथा महोत्सव  कथा, कथाकार और पाठक 4 जुलाई संध्या 7 बजे (IST), दोपहर 2.30 बजे (GMT) https://youtube.com/@grihaswamini7913 उपन्यास – तिलिस्म  उपन्यासकार – दिव्या माथुर-लंदन,ब्रिटेन समीक्षक शिखा वार्ष्णेय-लंदन, ब्रिटेन डॉ रीता दास राम-मुंबई, भारत अनिल शर्मा जोशी- दिल्ली, भारत अध्यक्ष प्रो जितेन्द्र श्रीवास्तव- दिल्ली, भारत संचालन – पूजा अनिल, स्पेन 1

Read More

सकारात्मक सोच

सकारात्मक सोच “अरे !यह तो रजत है।”आश्चर्य से मीनू मैडम बोली।लाइब्रेरी में अखबार पढ़ते हुए उनकी नजर अखबार के प्रथम पृष्ठ पर बड़े अक्षरों में यूपीएससी का रिजल्ट और साथ में हाई रैंक कैंडिडेट का नाम फोटो के साथ छपी थी, वहां टिक गई। “यह देखो अपना रजत उसकी फोटो छपी है। इसी विद्यालय से…

Read More

फूलों की वर्षा

फूलों की वर्षा सुबह-सुबह प्रधानमंत्री की घोषणा सुनाई दी- “कल हैलीकाप्टर से सिंगापुर का झंडा फहराया जाएगा और नर्सों-डाक्टरों पर फूलों की वर्षा की जाएगी।” घोषणा सुनकर “टियन” तिलमिला उठी…अभी तो उसे देश भर के अस्पतालों और क्मयूनिटी केयर सेंटरस के लिए कितनी सारी चीजों की ज़रूरत है! यह क्या नौटंकी सूझी है सरकार को?…

Read More

सुंदर हाथ

सुंदर हाथ “मांँ दे ना अपनी हंसुली, उसे तोड़ कर तुम्हारी बहू के हाथ की चुड़ियां बनवा दूंगा…” सुनील ने गुटखा थूकते हुए कहा। “ऐसा कैसे चलेगा, कब तक तू मुझसे पैसे मांग – मांग कर अपने शौक पूरे करता रहेगा..” मालती देवी ने खीझते हुए कहा। “क्या करूं मांँ, नौकरी तो मिलने से रही,…

Read More

फिट रहने के छः तत्व

      फिट रहने के छः तत्व   फिटनेस को प्राप्त करने के लिए 6 तत्व बहुत महत्वपूर्ण होते हैं यह तत्व है न्यूट्रीशन फिटनेस प्राप्त करने के लक्ष्य में न्यूट्रीशन का 80 प्रतिशत भूमिका होती है। फैक्ट लूज या मसल गेन के आधार पर ही इसे डिजाइन किया जाता है जिससे कि यह…

Read More

सपनों के आगे

सपनों के आगे सफलता या समस्‍या – दोनों एक ही सिक्‍के के दो पहलू हैं शायद। और दोनों ही हमारे कर्मों के फल हैं। कर्म पर निर्भर होता है कि हम खुशियां लाते हैं या फिर और कुछ। कर्म का मतलब है कि अपने आप के लिए तुम ही उत्‍तरदायी हो। कृष्‍ण ने तो अर्जुन…

Read More

प्रेमचंद की युग चेतना

प्रेमचंद की युग चेतना कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद का साहित्य हिंदी साहित्य के इतिहास में टर्निंग प्वाइंट के रूप में माना जाता है ,जहां साहित्य जीवन और समाज के यर्थाथ से जुड़ता है ।प्रेमचंद्र का उद्देश्य जीवन और समाज को समझना था। उनकी पैनी दृष्टि जीवन के अनछुए पहलुओं को हमारे सम्मुख लाती हैं ,जो…

Read More

यू आर माय वैलेंटाइन

यू आर माय वैलेंटाइन मैं और तुम दो अलग अलग चेहरे दिल शरीर जान आत्मा व्यक्तित्व परिवार दोस्त वातावरण फिर भी हम ऐसे एक दूसरे मे यूं समाहित हुए मेरा सब कुछ हुआ तेरा तेरा सब कुछ हुआ मेरा तेरा मान सम्मान स्वभिमान सुख दुःख सफलता धन सम्पत्ति परिवार जिम्मेदारी हुई मेरी और मेरी हुई…

Read More

हम हिन्दुस्तानी की है शान

हम हिन्दुस्तानी की है शान प्यारी “मां” की बिंदी । सबकी प्यारी हिंदी।। भारत वर्ष में चारों ओर बोलने वाली अनगिनत भाषाओं में यह कहना की कौन सी भाषा अधिक व कौन सी कम बोली जाती है। उत्तर भारत में हमेशा से ही हिन्दी बोली जाती हैं कि । अनेकों लेखक ,कवि ,संतों ने हिंदी…

Read More