बदबूदार कमरे

बदबूदार कमरे —————— स्वतंत्रता का उत्सव क्या खाक मनायें हम, अनगिनत घावों से रिस रहा जब इस धरा का तन मन। नन्हीं कलियों के कुचले जाने के खबरों का है बाजार गरम, और फिर भी कहते रहतें हैं बहुत महान है अपना वतन। इधर सड़कें सजीं, मैदान सजें और तिरंगो से सजता रहा गगन, उधर…

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नज़रिया

नज़रिया   कोरोना काल में समय कैसे गुजर जाता है पता ही नही चलता, एक दिन नीलू ने सोचा कि क्यों ना आज सुबह सुबह माया दीदी से बात की जाये ,फोन उठाया –दीदी कैसे हो,जीजाजी कैसे है,आपके शहर में कोरोना की स्थिति कैसी है? माया –अरे साँस तो लेने दो,कितने सवाल करोगी?? हम सब लोग…

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गृहस्वामिनी कपल

गृहस्वामिनी कपल अग्नि के फेरे हुए सात साक्षी मान ध्रुव तारा को जो मैं और तुम दो अलग अलग चेहरे दिल शरीर जान आत्मा व्यक्तित्व आस्तिव परिवार दोस्त वातावरण फिर भी हम ऐसे एक दूसरे मे ऐसे समाहित हुए मेरा सब कुछ तेरा हुआ तेरा सब कुछ मेरा हुआ तेरा मान सम्मान-स्वभिमान सुख-दुःख , सफलता,…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- रतन टाटा

रतन नवल टाटा “मैं सही निर्णय लेने में विश्वास नहीं करता। मैं निर्णय लेता हूं और फिर उन्हें सही करता हूँ।” – रतन टाटा भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण (2000) और पद्म विभूषण (2008) से सम्मानित रतन टाटा एक प्रसिद्ध भारतीय उद्योगपति हैं, जिन्होंने न केवल देश में, बल्कि विदेशों में भी ख्याति प्राप्त की…

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I Am A Woman

I Am A Woman “I Am A Woman” Here I stand whole and complete in majestic beauty with Grace and Mercy about my loins and feet! The Womb of all humanity has been entrusted to me through the design and the intentions of God, The Creator Almighty! I am gentle as a breeze blowing through…

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महामारी में भी ओछी राजनीति

महामारी में भी ओछी राजनीति एक बड़े शायर का शेर है लू भी चलती थी तो बादे-शबा कहते थे, पांव फैलाये अंधेरो को दिया कहते थे। उनका अंजाम तुझे याद नही है शायद, और भी लोग थे जो खुद को खुदा कहते थे।। महाभारत काल में अखंड भारत के मुख्यत: 16 महाजनपदों कुरु, पंचाल, शूरसेन,…

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चेहरा बनाये बेदाग

चेहरा बनाये बेदाग स्कीन पर किसी प्रकार का दाग केवल आपकी खुबसूरती पर ही दाग नहीं है बल्कि आपके आत्मविश्वास को भी कम करता है । साथ ही साथ यह मानसिक तनाव का कारण भी बन जाता है। लेकिन आज के इस आधुनिक युग में अब प्रत्येक प्रकार के दाग का इलाज संभव है। केवल…

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रश्मिरथी: राष्ट्रकवि की रचनाओं में मेरी अति प्रिय रचना

रश्मिरथी: राष्ट्रकवि की रचनाओं में मेरी अति प्रिय रचना युगधर्मा, शोषण के विरुद्ध विद्रोह को अपनी कलम की वाणी बनाने वाले , जीवन रस को ओज और आशावादिता से पूरित करने वाले, सौंदर्य और प्रेम के चित्र को भी अपने कलम की कूची से रंगने वाले रामधारी सिंह ‘दिनकर’  हिन्दी के एक प्रमुख राष्ट्रवादी एवं प्रगतिवादी…

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दीदीःशक्ति पुँज शिक्षिका

दीदीःशक्ति पुँज शिक्षिका एक शिक्षक के रूप में दीदी. (डॉ वीणा श्रीवास्तव) जब मेरे जीवन में आयीं…उस वक़्त किशोरावस्था की उम्र थी मेरी, जीवन की सबसे नाजुक और महत्वपूर्ण अवस्था। इस उम्र में यदि अच्छे शिक्षक मिल जाए…सही मार्ग दर्शन मिल जाए तो जीवन संवर जाता है। कुछ ऐसा ही मेरे साथ हुआ। एक शिक्षक…

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तुम आओगे या मैं जाऊं

तुम आओगे या मैं जाऊं तुम आओगे या मैं आ जाऊं कि, अब तो पतझड़ के बाद की नंगी शाखाओं पर नए पत्ते आ चुके हैं और प्रकृति भी अपने पुराने लिबास उतार कर नए आवरण में इठला रही है दिन लंबे और उदासी भरे हो गए हैं बहुत सारी उदासी इकट्ठी हो गई है…

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