भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- सिद्धू और कान्हू

’संताल-हूल’ के महान सेनानी-सिदो एवं कान्हू  संथाल परगना के भू-खंड जो ’दामिन-ई-को, के नाम से जाना जाता था, उसी क्षेत्र में भगनाडीह ग्राम के देश परगना चुनका मुर्मू के घर में चार महान सपूतों-सिदो-कान्हू एवं चांद-भैरो ने जन्म लिया। उन्होंने स्वतंत्र संग्राम के उस गौरवमय इतिहास को लिखा । उन महान अमर शहीदों के जीवन…

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जीवन का सफरनामा

जीवन का सफरनामा मेरे साहित्यिक क्षेत्र में ही नहीं अपितु जीवन में भी जो प्रेरणापुंज हैं उनके लिए आज शब्दों के जरिये मन के हर कोने को खंगालकर जो भाव निकले उन्हें व्यक्त करने की कोशिश कर रही हूँ। मेरा जन्म दुर्ग(छग) में हुआ लेकिन मेरे मां पापा गाँव में रहते थे, तब वहां अच्छे…

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नवगीत की सशक्त हस्ताक्षर- शांति सुमन

नवगीत की सशक्त हस्ताक्षर- शांति सुमन जिनका व्यक्तित्व सुगंधित फूलों का बगीचा है, जिनकी शाब्दिक अभिव्यक्ति में शांति का संदेश है, जिनकी कलम किसी अदृश्य को सदृश्य से जोड़ती है, जिनकी भावाभिव्यक्ति में उन्मुक्त कंठ की जादूगरी है , जिनके शब्दों में खो जाता है सुनने वाले का मन ऐसे स्वनाम धन्य है आदरणीय शांति…

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Random lines

Random lines.. Some memories always linger Some incidents often trigger Few instances buzz loud Very few silently sound Often past carry forward in action As if present has to accept the motion Carrying the concept we think , Concurrence may happen in future So our action becomes it’s reaction We always think we are right…

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शिक्षा का लॉकडाउन

शिक्षा का लॉकडाउन विश्व व्यापी महामारी कोरोना का समाज के विभिन्न वर्गों पर असर हो रहा है।व्यापारी, उद्योगपति,डॉक्टर,इंजीनियर,अमीर ,गरीब ,हिंदू मुसलमान, सिख पठान , तथा उनके परिवार के लोग सभी इस छूत की बीमारी से परेशान हैं। त्राहिमाम मचा कर रखा है इस एक छोटे से कोरोना जीटाणु ने । विश्व के कई देशों में…

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कथनी और करनी

कथनी और करनी अलार्म घड़ी ने जैसे ही सुबह पांच बजे का अलार्म बजाया,परेश ने आधी नींद में ही घड़ी टटोल कर उसका अलार्म बंद किया।उठ जाऊं- न उठूं , इसी उधेड़बुन में पांच- सात मिनट जाया करके आखिर उठने का फैसला किया। रोज की भांति नित्य कर्म, स्नानादि से निवृत्त होकर पूजा के कमरे…

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छठ महापर्व: बिहार में क्यों?

छठ महापर्व: बिहार में क्यों? वैदिककालीन मध्य भारतवर्ष के कीकट प्रदेश में गयासुर नामक एक दानव रहता था| वह भगवान विष्णु का उपासक था| गयासुर की काया भीमकाय थी| कहते हैं कि, जब गयासुर पृथ्वी पर लेटता था, उसका सर उत्तरी भारत में होता तथा उसके पैर आंध्र क्षेत्र में होते थे| सबसे महत्वपूर्ण यह…

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डॉ रांगेय राघव

डॉ रांगेय राघव बहुमुखी प्रतिभा सम्पन्न डॉ रांगेय राघव का जन्म,आगरा में ,१७ जनवरी,१९२३ को हुआ।शिक्षा-दीक्षा भी वहीं हुई।पिता संस्कृत,तमिल,फ़ारसी और अंग्रेज़ी के विद्वान थे।मॉं कनकवल्ली बडी सरल, उदार व दयालु महिला थीं।वे हिंदी जानती थीं,तमिल,ब्रजभाषा बहुत सुंदर बोलती थीं। इनके पूर्वजों को धर्म व भारतीय संस्कृति में गहरी आस्था थी।वे बाइबिल और क़ुरान भी…

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