मातृ दिवस

मातृ दिवस मां तो मां ही होती है, हर मां की अपनी अलग पहचान अलग कहानी होती है। शायद पहले कभी ये न समझ पाए कि ये भी कोई खास चीज कहलाती है। क्योंकि हर सांस में शायद वो बसती थी,आज भी मेरे हर कोने में उसकी ही छवि मेरे अंदर दिखती है। और अब…

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Our Special Guest

Our Special Guest “Please! Please let me through… I must see Jesus… The King of the Jews!” From Bethany and the Mount of Olives He’s coming today… they have laid palm branches and their cloaks all along His pathway! It’s so very busy… with everyone making preparations… for the Passover being so close…and the shepherds…

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चूड़ियों की खनक

  चूड़ियों की खनक रवि के पैर का उत्साह जैसे हवा से बात कर रहा था।घर जल्दी पहुंचने के लिए उसके पैर आतुर हो रहे थे। उसने कभी सोचा भी नहीं था कि वक्त के साथ हमें यू इतने लम्बे समय तक इस तरह अलग रहना पड़ेगा । पूरे एक वर्ष बाद आज उससे मिल…

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कैसे रहा जाए बी पॉजिटिव?

कैसे रहा जाए बी पॉजिटिव? जब चारों तरफ मचा हो हाहाकार, पूरे विश्व में कोरोना नाम के इस मर्ज ने आफत मचा रखी है।वैज्ञानिकों की एक साल की मेहनत,वैक्सीन के रूप में मिली है लेकिन अभी भी पूर्णत संतुष्टि नहीं मिल पाई । लोग वैक्सीन लेने के बाद भी इस रोग की चपेट में आ…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- सरदार वल्लभ भाई पटेल

भारत के बिस्मार्क : लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल हम सभी को भारतवासी होने पर गर्व होता है पर यह स्वतंत्रता हमें हमारे पूर्वजों के बलिदान और त्याग से प्राप्त हुई है | लाखों स्वतंत्रता सेनानियों ने अपना सर्वस्व त्यागा है तब आज हम आज़ादी की इस खुली हवा में साँस ले पा रहे हैं|…

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चुनौतियाँ हमसे बड़ी नहीं

चुनौतियाँ हमसे बड़ी नहीं मैं पुष्पांजलि मिश्रा जीवन के चार दशक पार करने के बाद जब अपने जीवन के बारे में सोचती हूँ तो इसे ईश्वर की कृपा मानती हूँ और भविष्य के लिए आशावादी हूँ ।ईश कृपा, माता-पिता व गुरु जनों का आशीष, अपनों के प्यार से सजे, नकारात्मकता और निराशा से दूर अपने…

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मेरे दृष्टिकोण मेंः मेरे जीवन का एक अध्याय

मेरे दृष्टिकोण मेंः मेरे जीवन का एक अध्याय हममें से हर किसी का जीवन अनुभवों और संस्मरणों की एक किताब है,खजाना है बीते पलों का।जीवन की किताब में जिंदगानी के अलग-अलग पड़ावों से जुड़े अध्याय- कुछ पारिवारिक तो कुछ व्यवसायिक; कुछ संवेदनात्मक तो कुछ व्यवहारिकता के विषय से संबंधित।पर मैं जब अपने जीवन रूपी पुस्तक…

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प्रतिबंध

प्रतिबंध बेटियां खिलखिलाती रहनी चाहिए बेटियों के खिलखिलाने से बसते हैं घर बेटियां मुस्कुराती रहनी चाहिए बेटियों के मुस्कुराने से बसते हैं घर.. पर बेटियों को खुलकर मुस्कुराने या फिर खिलखिलाने की इजाज़त ही कब थी? लड़कियां यू़ँ बिना बात के खीं खीं करती अच्छी नहीं लगती यहीं तो कहते रहे मां बापू चुनिया और…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- सिंधुताई सपकाल

सिंधुताई सपकाल – अनाथों की मॉं  “लकीर की फकीर हूँ मै, उसका कोई गम नही, नही धन तो क्या हुआ, इज्जत तो मेरी कम नही!” यह कहने वाली हम सबकी माई सिंधुताई सपकाल जो कि 1400 बच्‍चों की मॉं है जिसके परिवार में  250 दामाद, 50 बहुएं और 250 गाएं हैं, उन्‍होंने अंधेरे में डूबती…

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