Journey of life
Journey of life Delo Isufi, was born in Vlora, Albania, Europe. He has lived in Tirana since 1953. After graduating from high school, from 1962-1966 he completed his studies at the Higher Aviation Academy, where he graduated as a Fighter Pilot. He was appointed a lecturer at the Academy. He then completed his studies, specializing…
सृष्टि करती कुछ सवाल
सृष्टि करती कुछ सवाल….. क्या होता गर बच जाती उसकी जान… आ जाती लौट कर घर,वह बेटी लहूलुहान। स्वीकार कर पाते तुम उसको….? देते उसको उसका स्थान…..? या भोगती वह ,अपने ही ऊपर हुए जुल्म की सज़ा दिन-रात? अनन्त तक खिंच जाती वेदना -व्यथा की रेखाएँ…. जब देखती वह माँ का करुण विलाप.. दिशाओं को…
“आपदा आन पड़ी “
“आपदा आन पड़ी “ विकट आपदा आन पड़ी ,सकल विश्व घबराया है काल का भेष रख कर के , कोरोना वायरस आया है वुहान की पैदा इश ये, विश्व के लिए बड़ा खतरा है छूने से होते संक्रमित ,बीमार भयंकर करता है भीड़ से दूरी बना कर, बचानी अपनी काया है काल का भेष रख…
यू आर माय वैलेंटाइन
यू आर माय वैलेंटाइन मैं और तुम दो अलग अलग चेहरे दिल शरीर जान आत्मा व्यक्तित्व परिवार दोस्त वातावरण फिर भी हम ऐसे एक दूसरे मे यूं समाहित हुए मेरा सब कुछ हुआ तेरा तेरा सब कुछ हुआ मेरा तेरा मान सम्मान स्वभिमान सुख दुःख सफलता धन सम्पत्ति परिवार जिम्मेदारी हुई मेरी और मेरी हुई…
I Am Woman
“I Am Woman” Here I stand whole and complete in majestic beauty with Grace and Mercy about my loins and feet! I am gentle as a breeze blowing through the trees; A pillar of strength in times of difficulty and adversity! A well of emotions and passions are suckled from my breasts while the tears…
पिता पूरा संसार है
पिता पूरा संसार है माँ आधार है तो पिता पूरा संसार है पूरी दुनिया में जो बिना थके चले वो बेशुमार प्यार है बच्चों का भविष्य सुधार सके इसके लिए हर दम तैयार है ऊपर से सख्त अंदर उनके प्यार ही प्यार है माँ आधार है तो पिता पूरा संसार है जिससे सीखा ईमानदारी का…
हिंदी मेरा अभिमान
हिंदी मेरा अभिमान ओह माँ यह आपका फ़ोन भी ना?नाक भों सिकोडता बेटा खीझता हुआ बोला।यहाँ कुछ भी टाइप करो तो हिंदी में। माँ सुनो इसे इंग्लिश टाइपिंग में करो।बड़ी दिक्कत होती हैं।मैंने प्रश्नात्मक दृष्टि से पर मुस्कुराकर फ़ोन उसके हाथ से ले लिया।क्यों तुम्हारा स्मार्ट फ़ोन कहाँ हैं।जो करना हैं उससे करो।सुविधा तो तुम्हारें…
तुम लौट आओ
तुम लौट आओ हे बुद्ध तुम लौट आओ क्योंकि तुमने कहा था “ईर्ष्या या घृणा को प्रेम से ही खत्म किया जा सकता है” पर असंवेदनशील आत्माओं के साथ जी रही मानव जाति भूल चुकी है किसी से भी निःस्वार्थ प्रेम करना लौटकर अब तुम प्रेम क्या है इन्हें फिर से याद दिलाओ हे बुद्ध…