भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- राव तुलाराम

अमर स्वाधीनता सेनानी राजा राव तुलाराम सिंह भारत का इतिहास वीरों की गाथाओं से भरा पड़ा है। इतिहास में यूँ तो बहुत से स्वतंत्रता सेनानी हुए हैं जिन्होंने स्वाधीनता संग्राम में अपना बहुमूल्य योगदान दिया। उनमें कुछ सेनानियों ने अपनी वीरता संकल्प और दृढ़ निश्चय के बल पर अंग्रेजों को लोहे के चने चबाये और…

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पूर्व-पक्ष

पूर्व-पक्ष दिव्या माथुर से मेरा परिचय लगभग ढाई दशक पूर्व हुआ और इसका श्रेय डॉ. लक्ष्मीमल्ल सिंघवी को है जो उस समय ब्रिटेन के भारतीय उच्चायुक्त थे और हिंदी के प्रचार-प्रसार में सक्रिय थे। दिव्या के दूसरे काव्य संकलन ‘ख़याल तेरा’ का आमुख उन्होंने ही लिखा था इसलिए वह उनकी काव्य प्रतिभा से परिचित थे।…

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Another Taj Mahal

Another Taj Mahal Nestled below the lower Himalayas and the Barail ranges are the emerald green hills of Mizoram. Verdant forests, azure blue sky, brown and green rolling hills and sparkling waterfalls impart this magnificent land of the Mizos (Ram means land in Mizo) a unique charm. Sandwiched between Tripura on its west and Myanmar…

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शार्दुला की कलम से

सच कहूँ तेरे बिना! सच कहूँ तेरे बिना ठंडे तवे सी ज़िंदगानी और मन भूखा सा बच्चा एक रोटी ढूँढता है चाँद आधा, आधे नंबर पा के रोती एक बच्ची और सूरज अनमने टीचर सा खुल के ऊंघता है ! आस जैसे सीढ़ियों पे बैठ जाए थक पुजारिन और मंदिर में रहे ज्यों देव का…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- प्रोफेसर यशपाल

प्रोफेसर यशपाल- स्काई लैब अंकल किसी भी देश अथवा जाति के लिए आजादी बहुत महत्वपूर्ण होती है। एक आजाद देश ही अपना विकास, अपने नागरिकों का सही अर्थों में उन्नयन उनकी आवश्यकताओं तथा अपेक्षाओं के अनुरूप कर सकता है। लगभग 200 वर्षों तक गुलाम रहने के बाद हम आजाद हुए थे। यह आजादी कठिन संघर्षों…

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ऐ वतन

ऐ वतन ऐ वतन! मेरे भारत! तेरी माटी से बनी हूँ मैं तेरी आबो हवा में ही मैं जिंदा हूँ मेरी साँसों में बसी है तेरी खुशबू रूह में इश्क हकीकी ख़ुदाया तेरा है नहीं दरकार मुझे मौसमों की तरहा प्यार के इज़हार की मेरा हर दिन मुबारक है तेरी आगोश में हर पल महफूज़…

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भाग्यरेखा ने उकेरा

भाग्यरेखा ने उकेरा भाग्य रेखा ने उकेरा स्वप्न रेशम रूप तेरा ले रहा आकार अंतर में सलोना रूप तेरा।। मांगती रहती विधाता से सुमन रस राग भीगे। दे रहा प्रारब्ध ही यूं हो सदय उपहार मेरा।। पलक के आह्लाद पर है वाणियों का मूक पहरा। खिलखिलाती आ गयीं खुशियां, ह्रदय का मार फेरा।। अधर कोपल…

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इंग्लिश  समुद्री  डाकू  और  मुग़ल  सल्तनत 

                                                                            इंग्लिश  समुद्री  डाकू  और  मुग़ल  सल्तनत           इंग्लैंड के संसद भवन में प्रमुख द्वार…

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अतिथि एक दिन का

अतिथि एक दिन का अच्छी भली सो रही थी और सपनों में ,पर्वतों के पार दूर कहीं क्षितिज पर सैर कर रही थी कि अचानक ही धीमे से तेज … और भी तेज होती “खट – खट” की आवाज़ ने आराम करती हुई पलकों को जबरदस्ती खोल ही दिया । मैं भी किसी प्रकार उनींदी…

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माँ तुम बहुत याद आती हो

माँ माँ तुम बहुत याद आती हो जब स्कूल से घर आती हूँ, खाली घर ही पाती हूँ सूनी सी देहरी देखती हूँ, अपनी थाली खुद लगाती हूँ, छोटे को भी कभी ख़िलाती हूँ , हर निवाले के साथ माँ तुम बहुत याद आती हो। आज जब मुझे लगा कि अब मैं भी बड़ी हो…

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