मन्त्र

मन्त्र आदर्शोन्मुख यथार्थवाद के पक्षधर मुंशी प्रेमचंद जी अपनी मनोवैज्ञानिक धारणा को प्रतिष्ठित करके पाठकों के जिस तरह से सम्मुख रखते थे वह अपने आप में विचारणीय है । प्रेमचंद की अमूल्य योगदान से आज कहानी विधा विषय का स्वरूप आदर्शवाद शिल्प की दृष्टि से नए-नए आयामों को आत्मसात करती हुई संतोषजनक पड़ावों को तय…

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गीली हुई क़िताब

गीली हुई क़िताब आज सारे घर में सुबह से ही किसी उत्सव सा माहौल था। आखिर घर भर के आँखों के तारे गोलू बाबू अरे.. नहीं भाई माफ़ करना … श्रीमान चिन्मय नीलकंठ जोशी आज पहली बार विद्यालय जो जा रहे है। वैसे उन्हें घर में ही दादी ने कई श्लोक पथ करवा दिए थे।…

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हामिद के बहाने आज का विद्रूप समाज !

हामिद के बहाने आज का विद्रूप समाज !! जब भी टी वी पर मैं हवेल्स केबल का विज्ञापन देखता हूँ, जिसमे माँ का हाँथ रात का खाना(रोटी) बनाने के क्रम में जलने जैसा होता है, और पास ही खाने के लिए बैठा एक नन्हा सा बालक इसे देखता है….अनुभव करता है और अचानक उठ कर…

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Another Taj Mahal

Another Taj Mahal Nestled below the lower Himalayas and the Barail ranges are the emerald green hills of Mizoram. Verdant forests, azure blue sky, brown and green rolling hills and sparkling waterfalls impart this magnificent land of the Mizos (Ram means land in Mizo) a unique charm. Sandwiched between Tripura on its west and Myanmar…

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ब्लड प्रेशर का नियंत्रण अपने हाथों में लें

ब्लड प्रेशर का नियंत्रण अपने हाथों में लें आज के समय में उच्च रक्तचाप एक आम समस्या बनती जा रही है और आंकड़े डराने वाले हैं ।आपको जानकर हैरानी होगी कि अभी भी कई लोग ऐसे हैं जिन्हें यह पता नहीं कि उन्हें ब्लड प्रेशर की शिकायत है। यही नहीं जिन्हें ब्लड प्रेशर पता भी…

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शराबी

शराबी “चलो – चलो, जल्दी -जल्दी लादो… कंबल सब लदा गया न, और खाने का पैकेट….” वार्ड पार्षद के प्रत्याशी गाड़ी में सामान लदवा रहे थे । गाड़ी के ऊपर चिपके हुए पोस्टर, पेंट किये हुए चुनाव चिन्ह और लटकाए हुए बैनर ने गाड़ी के आकार, ढ़ांचे और रंग को उसी तरह से ढ़ंक रखा…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- विक्रम साराभाई

भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक: पद्मविभूषण डॉ. विक्रम साराभाई “वे संकट और संदेह के क्षणों में, असफलता और सफलता के क्षणों में, मेरे साथ खड़े रहे, मेरा मार्गदर्शन करते रहे। आवश्यकता पड़ने पर उन्होंने मुझे सही रास्ता दिखाया। वह एक विशालकाय व्यक्तित्व थे,और मैं भाग्यशाली था कि मैं उनकी छाया में विकसित हो सका।” –…

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याज्ञवल्क्यस्मृति

याज्ञवल्क्यस्मृति आपने मनु स्मृति का नाम खूब सुना होगा। मगर बहुत कम लोगों ने याज्ञवल्क्य स्मृति का नाम सुना होगा। वैसे तो हिन्दू धर्म में न्याय और सामाजिक व्यवहार पर केंद्र 18 से अधिक स्मृतियां रची गयी हैं। मगर आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि भारत का संविधान बनने से पहले तक हिंदुओं के लिये…

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क्यों हिंदी

क्यों हिंदी क्यों भाषा सुंदर भाती नही कतराते हैं सोचने की बात पले हैं बोल हिंदी है कुष्ट संकीर्ण मानसिक विचार दिखे क्यों होये सोचे करे सम्मान हिंदी हो घर शिक्षा हो मान उपयोग सोच विचार देवनागरी है मीठी भाषा है हिंदी है हिंदी सदियों मनोहर सदियों से नकल करें लोग गर्व करें हिंदी छोड़…

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