गृहस्वामिनी इंटरनेशनल सुपर अचीवर्स

गृहस्वामिनी इंटरनेशनल सुपर अचीवर्स नाम – शार्दुला नोगजा उम्र – ५२ साल शिक्षा – मास्टर्स ( कम्पयूटेशनल अभियांत्रिकी), जर्मनी; स्नातक ( इलेक्ट्रिकल अभियांत्रिकी-ऑनर्स), कोटा, राजस्थान उपलब्धियाँ: प्रतिष्ठित हिन्दी कवयित्री; संपादक कविताई सिंगापुर की संस्थापक कविता की पाठशाला की सह-संचालक विश्वरंग महोत्सव २०२० की सिंगापुर फ़ेस्टिवल डारेक्टर अंतराष्ट्रीय साहित्य धारा सम्मान-२०१९ तेल और उर्जा क्षेत्र में…

Read More

मेरी माँँ

मेरी माँँ माँ की ममता की छाँव है माँ की आवाज दिल का सुरुर है माँ की मौजूदगी दिल का सुकून है माँ की मुस्कुराहट फूलों की खुश्बू है माँ का दुख दिल का लहू है माँ की ममता प्यार का साया है माँ के पैरों के नीचे सारा जहाँ है माँ का साया सघन…

Read More

मजबूरी का सौदा

मजबूरी का सौदा गौरीपुरा गाँव के ठीक बीचों-बीच, बरगद के पेड़ के नीचे, गिरधारी की छोटी-सी दुकान थी। दुकान क्या थी, एक फटी-पुरानी चारपाई, जिस पर कुछ लकड़ी के खिलौने रखे रहते थे। गिरधारी के हाथ में जादू था। उसकी छेनी और हथौड़ी से बेजान लकड़ी में जान आ जाती थी। वह सुबह सूरज निकलने…

Read More

छाप ‘मंत्र’ की

छाप ‘मंत्र’ की सर्वाधिक लोकप्रिय साहित्यकार प्रेमचंद की बहुत सी कहानियों ने मुझे पुनः-पुनः पढ़ने के लिए विवश किया| उनकी कहानियों के कथानक और चरित्र हमारे आस-पास की घटनाओं और चरित्रों से इस कदर मिलते-जुलते है कि हमारे भावों और संवेदनाओं को छूते हैं| साथ ही उनका लेखन आज भी प्रासंगिक हैं| प्रेमचंद की कहानियों…

Read More

नैतिक शिक्षा की आवश्यकता

नैतिक शिक्षा की आवश्यकता भारत माता ग्राम वासिनी,आज आजादी के 70 साल बाद भी यह तस्वीर नही बदली है,आज भी गरीबों के आँसू को देख भारतमाता कराहती है ।अपने करोड़ों बच्चों के नग्न तन को देख क्षुब्ध होती है।कभी हमने गहराई से सोचा कि इतने दिनों बाद अपने ही शासन में भी क्यों हमारी स्थिति…

Read More

महिलाओं में क्यों होती है आयरन डेफिशिएंसी

महिलाओं में क्यों होती है आयरन डेफिशिएंसी 1. पीरियड्स के दौरान ब्लड लॉस पीरियड्स में सामान्य तौर पर आपका 80 मिलीलीटर खून निकलता है।अच्छी डाइट से इस लॉस को रिकवर किया जा सकता है। लेकिन अगर आपको ज्यादा ब्लीडिंग होती है, पीरियड्स 5 से 7 दिन के होते हैं या डाइट में आयरन युक्त भोजन…

Read More

गांधी जी एक समाज सुधारक के रूप में

गांधी जी एक समाज सुधारक के रूप में कोई इंसान महान पैदा नहीं होता,उसके विचार उसे महान बनाते हैं!विचार और कार्य की शुद्धता और सरलता ही महान लोगों को साधारण लोगों से अलग करती है, वे वही काम करते हैं जो दूसरे करते हैं मगर उनका लक्ष्य समाज में बदलाव लाना होता है! राष्ट्रपिता महात्मा…

Read More

इश्क रूमानियत से रूहानियत तक

  मेरा मेहबूब नज़ाकत वो कहाँ मिलती किसी को अब दोबारा जिनपर हम मर मिटे हैं उनपर हमारा दिल है हारा हर मंज़र में वो दिखते है उनसे ही सब नज़ारा उन बिन सांस भी आए ना हमें है यह गवारा नज़ाकत कहाँ मिलती किसी को अब दोबारा जिनकी हसरतों के बूते ख्वाब रातों में…

Read More