कोरोना:- प्रकृति की चेतावनी

कोरोना:- प्रकृति की चेतावनी कोरोना क्या है?:- कोरोनावायरस (Coronavirus) कई प्रकार के विषाणुओं (वायरस) का एक समूह है जो स्तनधारियों और पक्षियों में रोग उत्पन्न करता है। यह आरएनए वायरस होते हैं। इनके कारण मानवों में श्वास तंत्र संक्रमण पैदा हो सकता है जिसकी गहनता हल्की (जैसे सर्दी-जुकाम) से लेकर अति गम्भीर (जैसे, मृत्यु) तक…

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बंसती बाँसुरी

बंसती बाँसुरी वनों बागों में प्रकृति की जादूगरी पीली सरसों की डाली हरीभरी विभिन्न रंग पुष्पों की लागे भली तूलिका से रचना किसने है करी पशु पंछी की थिरकन लागे भली पवन संग सुगंध मदमताती परी जनजन मे जगाये उमंग प्रकृति विद्यादायिनी शारदे आशीष भरी बासंती परिधान से दुनिया सजी जीवनदायिनी प्रकृति फिर संवरी !…

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आउटहाउस

आउटहाउस शिव शंकर जी और मालती जी के बंगले का आउटहाउस कुछ दिनों से खाली पड़ा था। आउटहाउस में रहने की आकांक्षा में कई लोग आए पर सफल ना हो पाए।अंततः एक ऐसा परिवार आया जिस दंपति के चार बच्चे थे।बड़ी दो जुड़वां बेटियां और उसके बाद दो बेटे। सबसे छोटा वाला बेटा मात्र ढाई…

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बदलता होली का स्वरूप

बदलता होली का स्वरूप बिहार में जली थी होलिका………..राख से खेली जाती है होली !! जिंदगी जब सारी खुशियों को स्‍वयं में समेटकर प्रस्‍तुति का बहाना माँगती है तब प्रकृति मनुष्‍य को होली जैसा त्‍योहार देती है। होली हमारे देश का एक विशिष्‍ट सांस्‍कृतिक एवं आध्‍यात्‍मिक त्‍योहार है। अध्‍यात्‍म का अर्थ है मनुष्‍य का ईश्‍वर…

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बासी परांठा, दालमोठ-चाय और बालकनी का एक कोना

बासी परांठा, दालमोठ-चाय और बालकनी का एक कोना मेरी जिन्दगी की सबसे ज्यादा प्रिय चीजों में, बासी परांठा, दालमोठ-चाय और बालकनी का यह कोना शुमार है। जब भी मैं उदास होती हूँ या फिर बहुत खुश…… किसी से फोन पर बात करनी हो या चुपचाप ग़ालिब की ग़ज़ल आबिदा परवीन की आवाज़ में सुननी हो…

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एक पाती पिता के नाम

एक पाती पिता के नाम देखा है आपने कभी? फल-भार से युक्त किसी विटप को, मीठे बीज-कोशों को अपने, जो भूमि पर बिखेरकर, खुश होता है बच्चों को चखता देख। उसके पल्लव बयार संग डोल, दर्शा रहे हों मानो उसी आमोद को। उसी पुष्पद की तरह विशाल, छायादार छवि पिता की , जिसकी छाँँव तले…

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मुंशी प्रेमचंद

मुंशी प्रेमचंद मुंशी प्रेमचंद किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं उनका कथा संसार इतना समृद्ध है कि यदि कोई साहित्य सरिता मे डूबना चाहे तो उसका रोम रोम अमृत मय हो जाए।गोदान गबन सेवा सदन निर्मला जैसी ऐसी कई कालजयी कृतियाँ मुंशी प्रेमचंद ने भारतीय साहित्य को दिए हैं जिसके लिए हिन्दुस्तानी साहित्य उनका ऋणि…

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आदित्यपुर में बदलता पर्यावरण और हम

आदित्यपुर में बदलता पर्यावरण और हम झारखंड के सरायकेला खरसावां जिले के गम्हरिया प्रखंड में आदित्यपुर क्षेत्र आता है l बीसवीं सदी तक आदित्यपुर में गाँव का वजूद मौजूद था l पेड़-पौधे थे, हरियाली थी और साफ-सुथरे जल स्त्रोत मौजूद थेl वर्तमान समय में आधुनिकीकरण और औद्योगिकीकरण की अंधी दौड़ में यह सब कुछ धूमिल…

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भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में महिलाएं

भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में महिलाएं भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं की भूमिका को सराहा तो गया है लेकिन उन्हें इतिहास में उचित स्थान नहीं दिया गया। इन महिलाओं ने स्वतंत्रता अर्जित करने के लिए पुरुषों से कंधे से कन्धा मिला कर संघर्ष किया। अतः ब्रिटिश राज़ में भारत के लिए स्वतंत्रता संघर्ष में महिलाओं के…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- इंदिरा गांधी

इंदिरा प्रियदर्शिनी गाँधी “किसी ने इंदिरा गाँधी को ‘कोल्ड ब्लडेड रूथलेस वोमन’ (Indira Gandhi is a cold blooded ruthless woman) कहा | क्या आपको पता है किसने ?”, अचानक इंटरव्यू बोर्ड के एक सम्मानित सदस्य ने अकस्मात् ही पूछा | आज से कुछ ५० वर्ष पूर्व, आईएएस की लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बाद,…

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