सांझ जिंदगी की

सांझ जिंदगी की जिंदगी सतत परिवर्तनशील है। जन्म लेने से अंत तक, न जाने कितने अंजान रास्तों से चलते, फिसलते, ठोकरें खाते, संभलते हम निरंतर उस राह पर चलते रहते हैं, जिसकी मंजिल का हमें भी पता नहीं होता। जीवन की सांझ ढलने से पहले सोचा न था कि कभी ऐसा मोड़ आएगा, जो मुझे…

Read More

लॉकडाउन और कोरोना वारियर्स की चुनौतियां

लॉकडाउन और कोरोना वारियर्स की चुनौतियां हम होंगे कामयाब,हम होंगे कामयाब एक दिन मन में है विश्वास, पूरा है विश्वास,हम होंगे कामयाब एक दिन आज पूरा विश्व कोरोना नामक प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है, और इस पर विजय पाने के लिए संघर्षरत देशों के लिए एक कठिन चुनौती बन गया है, चीन से निकल…

Read More

खाद पानी 

खाद पानी  “….वो डॉक्टर अजीब है। बोली, विनी, ठीक है। अरे! ऐसे कैसे? पहले तो पढ़ाई में अव्वल, म्यूजिक में आगे, स्केटिंग में बढ़िया, स्टोरी टेलिंग गज़ब की, जर्मन सीखने में अच्छी, कराटे, कॉडिंग में भी रुचि, साइंस ओलम्पियाड़ और अबेकस में बढ़ीया। ज़रा ड्रॉइंग कॉम्पिटिशन में नाम ना आया, तो सबमें डब्बा गुल। वो…

Read More

JUBILANCE

JUBILANCE A poem in every pocket a man some stop and ask, “Any crows today?” He has his own question. Smiling about being a poet, sunshine is stopped, he asks, “Have you ever heard a human say the word?” Jubilant, I have one wish for someone, anyone, to teach me how to listen to silence….

Read More

कोरोना के साथ एकवर्षीय यात्रा

कोरोना के साथ एकवर्षीय यात्रा 2020 का यह साल भी अपने अवसान की ओर है, पर ऐसा साल रहा यह जिसने पूरी दुनिया की ही रफ्तार को थामने की कोशिश की, बहुत हद तक सफल भी रहा यह। एक वायरस-नोवेल कोरोना, जो पूरी दुनिया को डर और संशय की गिरफ्त में बाँध लेता है, सामाजिक…

Read More

हरफनमौला बंशी

हरफनमौला बंशी बंशी उठ जा! देख सभी उठ गए |सूरज पंक्षी पेड़ पौधे| देख गाय भी रंभा रही | उठ जा तू भी |बंशी को अम्मा परेशान सी झकझोर रही थी| वो चादर को सिर तक ओढ़ कर कमरे की कोने वाली चौकी पर अड़ा सा पड़ा हुआ था | उठ जा रे लड़के…. उठ…

Read More

एक शिक्षिका ऐसी भी

एक शिक्षिका ऐसी भी बात उन दिनों की है जब मेरी नियुक्ति मुम्बई के एक प्रसिद्ध कनिष्ठ महाविद्यालय में हुई थी।परिवार,दोस्त,रिश्तेदार सभी प्रसन्न थे कि सरकारी नौकरी मिल गयी,अब जिंदगी आराम से गुजरेगी।काम हो ना हो,तनख्वाह तो शुरू ही रहेगी।आज भी सरकारी नौकरी के प्रति लोगों की मानसिकता में अधिक अन्तर या बदलाव नहीं आया…

Read More