मेरी मुट्ठी में आसमां

मेरी मुट्ठी में आसमां आज जब मैं महिला सशक्तिकरण की बातें सुनती हूं तो सोचने लग जाती हूँ कि मैं कितनी सशक्त हूँ , यह समाज की महिलाएं कितनी सशक्त हैं l हम एक आधुनिक दौर में जी रहे हैं, जहां शिक्षा, सुख सुविधाएं, समाज का प्रोत्साहन सभी कुछ हम स्त्रियों को मिल रहा है…

Read More

JUBILANCE

JUBILANCE A poem in every pocket a man some stop and ask, “Any crows today?” He has his own question. Smiling about being a poet, sunshine is stopped, he asks, “Have you ever heard a human say the word?” Jubilant, I have one wish for someone, anyone, to teach me how to listen to silence….

Read More

माँ

माँ सब रिश्तों में सबसे छोटा शब्द पर भावनाएँ असीमित हैं। एक अथाह सा सागर है पर सम्भावनाएँ असीमित हैं । अन्जान दुनिया में जन्म लेकर बहुत डरी हुई थी मैं । जब गोद में लिया तूने महफूज़ , सँभली हुई थी मैं। याद है हर वो पल जब तूने दिया सहारा मुसीबतों के सागर…

Read More

हिन्दी पर अन्य भाषा का प्रभाव

हिन्दी पर अन्य भाषा का प्रभाव अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों की संख्या बढ़ती जा रही है, जहां दिन भर में सिर्फ एक हिंदी की कक्षा होती है स्वाभाविक है कि बच्चे अंग्रेजी ही ज्यादा सुनते हैं और बोलते हैं . . इन बच्चों की जुबान पर हिगलिंश हावी हो गई है। एक भी वाक्य बिल्ला…

Read More

महामारी के दिनों में प्यार !

महामारी के दिनों में प्यार ! कुछ दिनों पहले एक खबर पढ़ी थी कि बिहार के सिवान के एक प्रेमी को मुंगेर में रहने वाली अपनी प्रेमिका याद आई तो वह लॉकडाउन को धत्ता बताते हुए पैदल ही निकल पड़ा मुंगेर की ओर। करीब तीन सौ किमी की पदयात्रा कर वह अपने गंतव्य तक तो…

Read More

COVID AND HEALTH

COVID AND HEALTH As the world continues to deal with the COVID-19 pandemic at least a third of the global population continues to find itself under a so-called ‘lockdown’, while others are having to follow some form of social distancing. While many countries are considering plans to lift restrictions in the coming months, this will…

Read More

हिंदी मेरा अभिमान

हिंदी मेरा अभिमान ओह माँ यह आपका फ़ोन भी ना?नाक भों सिकोडता बेटा खीझता हुआ बोला।यहाँ कुछ भी टाइप करो तो हिंदी में। माँ सुनो इसे इंग्लिश टाइपिंग में करो।बड़ी दिक्कत होती हैं।मैंने प्रश्नात्मक दृष्टि से पर मुस्कुराकर फ़ोन उसके हाथ से ले लिया।क्यों तुम्हारा स्मार्ट फ़ोन कहाँ हैं।जो करना हैं उससे करो।सुविधा तो तुम्हारें…

Read More

हिंदी चालीसा

हिंदी चालीसा श्रेष्ठ, सुगढ़, सुखदायिनी, हिंदी सुहृद, सुबोध, सरल, सबल, सुष्मित, सहज, हिंदी भाषा बोध। नित-प्रति के व्यवहार में, जो हिंदी अपनाय, ’सरन’ सुसत्साहित्य का सो जन आनंद पाय। जय माँ हिंदी, रुचिर भारती, सुकृत कृतीत्व सुपथ संवारती। १. रचनाकारों के मन भाती, सत्साहित्य की ज्योति जगाती। २. जगमग ज्योतित करे हृदय को, हुलसित-सुरभित करे…

Read More

नारी

नारी मैं शक्तिस्वरुपा,धरनी सी, ससक्त नारी हूँ। मैं अम्बर, चाँद सितारा हूँ। मैं अग्नि, तेज ज्योतिपुंज हूँ। मैं नारी हूँ। मै प्यार, ममता करुणामय हूँ। श्रृंगार रस की, मल्लिका हूँ। मैं नारी हूँ। मैं बेटी,बहन पत्नी हूँ। माँ की ममतामयी रुप हूँ। मैं नारी हूँ। माता-पिता का सम्मान हूँ। परिवार की आन,वान,शान हूँ। मैं नारी…

Read More