The Silent Screams and Contended Smiles – An Ode To Indian Women
The Silent Screams and Contended Smiles – An Ode To Indian Women I once saw a little girl about 10 years old trying to buy an apple for 5 rupees for her younger brother. I asked her, ‘what about you?’ She sweetly smiled and said, ‘Ma has given only this money for my brother.’ Discrimination…
महाभिनिष्क्रमण
महाभिनिष्क्रमण आखिर चले ही गए तुम हाँ बताया था तुमने जीवन का ध्येय विश्व का उद्धार बोध की पिपासा बहुत से कारण थे बस मैं ही नही थी पिछले जन्म से चाहा था तुम्हें सुमेध भद्रा बनकर वादा लिया था अगले जन्म का क्या खूब निभाया तेरह वर्षों की तपस्या का प्रसाद था ‘राहुल’ पर…
सच में ‘दुर्गा’ थी इंदिरा !!
सच में ‘दुर्गा’ थी इंदिरा !! वो पर्वत राजा की बेटी ऊंची हो गयी हिमालय से जिसने भारत ऊंचा माना सब धर्मों के देवालय से भूगोल बदलने वाली इतिहास बदलकर चली गई जिससे हर दुश्मन हार गया अपनों के हाथों वो ‘इंदिरा’ छली गई… -हरिओम पंवार इंदिरा गांधी दृष्टिसम्पन्न, ऊजार्वान,तेजस्वी, आत्मविश्वासी और प्रगतिगामी नेता थीं।…
कैसे ठहरता बसन्त
कैसे ठहरता बसन्त बसन्त यहां भी आया था द्वार पर ही थी अनुरागी किसलय से भरी थी अंजुरी लहकती उमंग-तरंग सोमरस से भरे घट, परिणय पल्लवों को छूती मंज़र उन पर बैठी अभिलाषा पिक अभी कुहुक ही रही थी पूरी तरह पंचम स्वर पकड़ी भी नहीं ऊपर कहीं से अनायास निर्विघ्न चक्रवाती तूफान ने घेर…
यमुना का वरदान
यमुना का वरदान भ्रातृ द्वितीया , भाई दूज, भैया दूज, भाई टीका, यम द्वितीया आदि विविध नाम प्रचलित थे। यह त्योहार कार्तिक मास में शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है।सनातन धर्म में इस त्योहार को भाई-बहन के लिए विशेष महत्वाकांक्षी माना जाता है। यह पवित्र त्यौहार भाई-बहन के स्नेह को और भी…
विरासत का वर्तमान
विरासत का वर्तमान आखिर, जिस बिहार का अतीत इतना गौरवशाली रहा है आज वह इतना विकृत कैसे हो गया। बिहार में न तो प्राकृतिक संसाधनों की कमी है और न ही योग्यता की। आखिर वो कौन-से कारण हैं जिनके कारण रोजी-रोटी कमाने बिहारियों को दूसरे राज्यों में जाना पड़ता है। कुछ तो होगा। ऐसा…
दिव्या जी को जितना मैंने जाना
दिव्या जी को जितना मैंने जाना मिलना मिलाना कहते हैं ईश्वर के हाथों का खेल है और जीवन के किस मोड़ पर किसी ऐसी शख्सियत से भेंट करवा दें कि लगे जैसे आपको तो बहुत पहले से जानते हैं| प्रवासी हिंदी साहित्य लेखन की प्रतिनिधि साहित्यकार जिनका रचना संसार बहुआयामी है, सुश्री दिव्या माथुर जी…