मेरी मुट्ठी में आसमां
मेरी मुट्ठी में आसमां आज जब मैं महिला सशक्तिकरण की बातें सुनती हूं तो सोचने लग जाती हूँ कि मैं कितनी सशक्त हूँ , यह समाज की महिलाएं कितनी सशक्त हैं l हम एक आधुनिक दौर में जी रहे हैं, जहां शिक्षा, सुख सुविधाएं, समाज का प्रोत्साहन सभी कुछ हम स्त्रियों को मिल रहा है…