डॉ जया आनंद की कविताएं
डॉ जया आनंद की कविताएं 1.धरती धरती नेह से लरजती है संवरती है उपजाती है सरस जीवन , सहन करती है बोझ उपेक्षा का, घृणा का और अति होने पर कम्पित हो जता देती है अपना आक्रोश नहीं ..अब और नहीं 2.लड़कियां लड़कियां सहेज लेती हैं घर परिवार रिश्ते-नाते ,मित्र और अपना अस्तित्व लड़कियां द्वार…
Suhartini’s Poem
Suhartini’s Poem STRAW HOUSE I have already told you, don’t go far away! Because our straw house can not survive from the storm How could I plant the two young shoots that were sheltering on the pillars of our house? I’ve already told you before, don’t go far away It was enough for me to…
करवा चौथ का चाँद आया
करवा चौथ का चाँद आया देख सखी दूर हुआ तमस मन कमल खिला उद्गार संग घिरी थी कालिमा चहुँ ओर नभ दमके सखी चाँद आया खिल रहा था चाँद हर माह निराशा भय का जैसा प्रहर अद्भुत ज्योति है हटा धुंध करवा चौथ का चाँद आया चाँदनी की ओढ़नी लहराते नयन खिले स्निग्ध मुस्कान अमृत…
मेरी सुपर वूमन
मेरी सुपर वूमन महिला दिवस पर मुझसे जब भी पूछा जाता है कि मैं किसी ऐसी महिला का नाम लूं जिसे देखकर लगता हो कि महिला दिवस ऐसी ही महिलाओं के व्यक्तित्व को सेलिब्रेट करने के लिए बनाया गया है तो मेरे दिलोदिमाग़, मेरे ज़ेहन में सिर्फ़ एक ही नाम आता है और वह नाम…
THE ONLY ONE QUESTION
THE ONLY ONE QUESTION how to live not to be a rope in the hangman’s hand a piece of paper with death sentence or farewell letter this direction taken by the wind spreading fire the question to the answer which is either the only one or stupid freedom not bigger than the crumb which may…
सिर्फ पूजा नहीं स्वच्छता भी जरूरी
सिर्फ पूजा नहीं स्वच्छता भी जरूरी आज गुरु पूर्णिमा है। गुरु यानी आध्यात्मिक गुरु, फिजिक्स या अलजबरा सिखाने वाला गुरु नहीं। भारतीय अध्यात्म में दर्शन का बहुत महत्व है। दर्शन का अर्थ है दिव्यत्व की एक झलक पाना। कहते हैं गुरु या मंदिर की मूर्ति का एक दर्शन भी शिष्य को पवित्र कर देता है।…
महिला दिवस के बहाने..
महिला दिवस के बहाने.. तू जिन्दगी का कोमल अहसास है, छुएँ तुझे तो सारा आकाश है, लगती किसी कविता सी, मन के बहुत पास कोई ,अधूरी प्यास हो तुम घर, अंगना दौड़ती ममता की छाँव बनी तुम, माँ हो, प्रिया, बहन, पत्नी, बेटी मेरी, जिन्दगी के टूटते संबंधों में , संजीवनी सी रिश्तों की सांस…
फिर नयी सुबह तो आयेगी
फिर नयी सुबह तो आयेगी दिसंबर की शीत लहर और एक वायरस ने चीन के वुहान शहर को अपने आलिंगन में ले लिया और फिर उसका आगोश कसता गया,बढ़ता गया।सुना गया कि वुहान की प्रयोग शाला में किसी छीना झपटी में यह वायरस लाखों लाख की संख्या में ज़मीन पर गिरा तो आदमी के…
मेरे नाना-प्रेमचंद जी
मेरे नाना-प्रेमचंद जी हरे रंग की बड़ी सी जनता बस दरवाजे के सामने आकर रुक गई।सफेद खादी का कुर्ता पायजामा पहने मंद मुस्कान के साथ एक सज्जन उतरे। हमारे पिताजी और मामा जी ने आगे बढ़कर उनका स्वागत किया।वे पिताजी से गले मिले और मामा को अपने गले लगाया। बहुत आदर व प्रेम के साथ…