अबला से आत्मनिर्भरता की राह

अबला से आत्मनिर्भरता की राह ये कहानी है शशिकला जी की जो हर लड़की की तरह एक खुशहाल और जिम्मेदार लड़की थी। छोटे छोटे सपनों ने आँखों में जगह बनानी शुरू ही की थी कि १७ वर्ष के उम्र में विवाह के बंधन में बांध दिया गया। अपनी सारी जिम्मेदारिओं को भली भांति निभाते हुए…

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यू आर माय वैलेंटाइन

यू आर माय वैलेंटाइन मैं और तुम दो अलग अलग चेहरे दिल शरीर जान आत्मा व्यक्तित्व परिवार दोस्त वातावरण फिर भी हम ऐसे एक दूसरे मे यूं समाहित हुए मेरा सब कुछ हुआ तेरा तेरा सब कुछ हुआ मेरा तेरा मान सम्मान स्वभिमान सुख दुःख सफलता धन सम्पत्ति परिवार जिम्मेदारी हुई मेरी और मेरी हुई…

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Glory Of India

Glory Of India May old glory of India always wave, Above tumult in three colours fray, Honour great heroes who are brave, Standing by the ethical justice stay. Rich traditions and heritage true, Robust hearts everywhere rule, Symbol of prayers bear their fruits, Battles are won based on the truth. May haters of our land…

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खिडक़ी से धूप

खिडक़ी से धूप जीवन हार्टबीट की तरह है, जब तक उतार चढ़ाव न हो सार्थकता नही रहती। भावनाओं को आकार देना स्कूली जीवन से ही हो गया था। लिखने से ज्यादा पढ़ने के शौक ने जुगसलाई सेवा सदन पुस्तकालय से बाधें रखा । मेरी कविता यूं ही गुमनामी के अंधेरों मे गुम हो गई होती…

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प्रेमपत्र सन बहत्तर का

प्रेमपत्र सन बहत्तर का किशन आज बहुत लंबे समय के बाद तुम दिखे।समय को दिनों, महिनों और वर्षों में बाँटने की शक्ति कहाँ थी मुझमें।हर एक पल तो युग की तरह बीता था। कितने युग बीत गए इसका भान ही कहाँ रहा मुझे।मन तो सदा तुम्हें खोजता रहता था। आज तुम पर दृष्टि पड़ी तो…

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माँ

मां गोद में जिसके जन्नत होती है वो मां होती है लुटाती है जो खज़ाना ममता व प्यार का वो मां होती है बहलाती, फुसलाती, दुलारती है तो, वो डांटती भी है डांटकर खुद आंसू बहाती और फिर रूठे को मनाती भी है बिन कहे बात दिल की हमारी वो जान जाती है समस्या हमारी…

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क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद

क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद मैं गुलामी का कफन, उजला स्वप्न स्वाधीनता का नाम से आजाद, हर संकल्प से फौलाद हूं मैं। – श्रीकृष्ण सरल मात्र 14 वर्ष की आयु में चंद्रशेखर ने कानून भंग आंदोलन में अपना योगदान दिया।1921 में गांधीजी के असहयोग आंदोलन से जुड़े। इस आंदोलन में भाग लेने पर जब अंग्रेजों ने उन्हें…

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छठ की महिमा

छठ की महिमा जब विश्व की सबसे प्राचीन सभ्यता की स्त्रियां अपने सम्पूर्ण वैभव के साथ सज-धज कर अपने आँचल में फल ले कर निकलती हैं, तो लगता है जैसे संस्कृति स्वयं समय को चुनौती देती हुई कह रही हो, “देखो! तुम्हारे असँख्य झंझावातों को सहन करने के बाद भी हमारा वैभव कम नहीं हुआ…

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होली में

होली में यही हसरत मेरे दिल में रही हर बार होली में, करूं रंगीन गोरी के कभी रुखसार होली में । नहीं हद से गुज़र जाना हदों में मयकशी करना हैं वरना नालियों में गिरने के आसार होली में। चलेंगे दौर गुंजियो के चलेंगे दौर खुशियों के चले आओ हमारे घर हैं हम तैयार होली…

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