दीदीःशक्ति पुँज शिक्षिका

दीदीःशक्ति पुँज शिक्षिका एक शिक्षक के रूप में दीदी. (डॉ वीणा श्रीवास्तव) जब मेरे जीवन में आयीं…उस वक़्त किशोरावस्था की उम्र थी मेरी, जीवन की सबसे नाजुक और महत्वपूर्ण अवस्था। इस उम्र में यदि अच्छे शिक्षक मिल जाए…सही मार्ग दर्शन मिल जाए तो जीवन संवर जाता है। कुछ ऐसा ही मेरे साथ हुआ। एक शिक्षक…

Read More

Gandhi jayanti/kumud ranjan jha

गांधी समझ नहीं आएंगे नोट मे.. अगर समझना चाहते हैं, गांधी को तो, झांकिए अपने अंतरात्मा के ओट मे… गांधी समझ नहीं आएंगे नोट मे… सत्य को अब और कब तक? पढ़ते -पढ़ाते रहेंगे पुस्तकों में… एक बार, सत्य को आने तो दीजिए, अपने आचरण व्यवहार मे.. मुस्कुराते दिखेंगे गांधी, अंतरात्मा की ओट मे …….

Read More

लॉकडाउन में पेरेंट्स और बच्चे

लॉकडाउन में पेरेंट्स और बच्चे कोरोना वाइरस के बचाव के लिये होने वाले लॉकडाउन का बच्चों पर सीधा – सीधा असर है और पैरेंट्स भी परेशान हैं कि इस समय का सदुपयोग कैसे किया जाय। आईये इस विषय पर कुछ चर्चा करें । इस लॉकडाउन से हर उम्र के बच्चों के लाइफस्टाइल में अचानक ही…

Read More

विद्या भंडारी की कविताएं

विद्या भंडारी की कविताएं 1.अनबोला लड़की जब तब्दील होती है स्त्री में जाने कहाँ खो जाता है समय । निगल लिए जाते हैं जुबान पर आए शब्द । गुम हो जाती हैं परिंदो सी खिलती आवाजें ।। उड़ते पंख बदल जाते है फड़फड़ाते पंखों में । आंखो में अनचाहे ख्वाब लगते है तैरने । ऐसे…

Read More

शार्दुला नोगजा की कविताएँ

शार्दुला नोगजा की कविताएँ     सर्वे सन्तु निरामया! दी रचा स्वर्णिम धरा ने अल्पना ओ समय के रथ ज़रा मद्धम चलो! है सकूरा और जूही की गली ओ सुगन्धा चाँदनी में न जलो!   जैसे पूर्वाभास से भयभीत हो जल छिड़क माँ मंत्र बुद-बुद बोलती मानवों के क्षेम को व्याकुल धरा गाँठ अदरक,  हरिद्रा…

Read More

सरस्वती वंदना

सरस्वती वंदना माता सरस्वती ऐसा तू वर दे अंतर्तम सबका ज्योतिर्मय कर दे पाप इस धरा पर बहुत बढ़ गया है मनुज ही मनुज का रिपु बन गया है भटके हुए राही के पथ आलोकित कर दे अंतर्तम सबका ज्योतिर्मय कर दे चाहत है कइयों की पर पढ़ नही पाते निर्धनता राह में उनके रोड़ा…

Read More

अनुभूति

अनुभूति ” माँ कल मेरे स्कूल में लेख प्रतियोगिता है, क्या आप मेरी मदद कर देंगी ” – अंकुर ने स्कूल से आ कर माँ से कहा । ” हाँ क्यों नहीं बेटा किस विषय पर लिखना है ” – माँ ने प्यार से पूछा । ” प्रेम ” पर — कहा अंकुर ने अरे…

Read More

मदर्स डे पर मेरी मां

मदर्स डे पर मेरी मां मातृ दिवस के अवसर पर मेरे पुत्रों ने अपनी मां का सम्मान करने का आयोजन कियाl पत्रकार पुत्र सतेंद्र, कुमार, पुत्र अमरेंद्र के साथ खड़ी थी बहु हे- रूपा, रिंकी, रानी, अपूर्वा, पोता शिवम, आशुतोष, पोती मुस्कान, वैष्णवी, छोटा पोता श्याम, अभिराज तथा अभिनंदन और बीच में उनकी दादी दमयंती…

Read More