संस्मरण प्रेमचंद जी के परिवार का

संस्मरण प्रेमचंद जी के परिवार का बचपन में पांचवीं, छटी से ही पुस्तकों में दिनकर, महादेवी वर्मा,मैथिली शरण गुप्त, सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ जिनके नाम का तिराहा आज भी है, डॉ राम कुमार वर्मा, हरिवंश राय बच्चन जी जो इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के “अंग्रेज़ी डिपार्टमेंट , फ़िराक़ गोरखपुरी जी भी अंग्रेज़ी डिपार्टमेंट के हेड रहे पर दोनों…

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दिनकर जी की जयंती पर विशेष

दिनकर जी की जयंती पर विशेष हिंदी में दिनकर-काव्य की राष्ट्रीयता अथवा राष्ट्रीय चेतना पर विद्वानों और शोधकर्ताओं ने विविध कोणों से प्रकाश डाला है। लेकिन इस राष्ट्रीय चेतना की आधारभूमि उनकी युग चेतना का मूल्यांकन कभी भी गंभीर विवेचना का विषय नहीं बनाया गया।इस युग चेतना की व्याख्या, परिज्ञान और मूल्यांकन के बिना राष्ट्रीय…

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कंकालें पतवारों की

    कंकालें पतवारों की   हांफ रही थी वह….. पसीने से लथपथ…… सांसे तेज चल रही थी……… और कितनी गहरी खुदाई…..? इतनी रात इस मरघट में वह क्या ढूंढ रही थी ? .….. अचानक चीख पड़ी..…….यह क्या….?  यहीं तो मैंने उन पतवारों को दफनाया था । इतनी जल्दी कंकाल में कैसे बदल गये ?…

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सच्चे प्यार की परिभाषा

सच्चे प्यार की परिभाषा एम्बुलेंस १०० की स्पीड में सड़क पर दौड़ रही थी। अंदर नर्स कोयल को संभालने का भरसक प्रत्यन कर रही थी। मुँह पर लगे ऑक्सीज़न मास्क के बाबजूद कोयल की उखड़ी साँसे सामान्य नहीं हो पा रही थी। कोयल राज का हाथ पकड़े तड़प रही थी। उसकी बड़ी बड़ी आँखे बहुत…

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धीरे धीरे रे मना

धीरे धीरे रे मना “अरे चुन्नू ! क्या सारा दिन खेलते रहोगे। आज तो सूरज उगते ही अपना क्रिकेट बल्ला सम्भाल लिया। पता है, बारह माही परीक्षा सर पर आ गई है।पढ़ाई के लिए स्कूल ने तुम्हें छुट्टी दे रखी है।और मैं भी तुम्हारे लिए घर पर हूँ, ऑफिस से छुट्टी लेकर। छः माही का…

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आदित्यपुर में बदलता पर्यावरण और हम

आदित्यपुर में बदलता पर्यावरण और हम झारखंड के सरायकेला खरसावां जिले के गम्हरिया प्रखंड में आदित्यपुर क्षेत्र आता है l बीसवीं सदी तक आदित्यपुर में गाँव का वजूद मौजूद था l पेड़-पौधे थे, हरियाली थी और साफ-सुथरे जल स्त्रोत मौजूद थेl वर्तमान समय में आधुनिकीकरण और औद्योगिकीकरण की अंधी दौड़ में यह सब कुछ धूमिल…

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Be positive …The Gita

Be positive …The Gita Many pandemics have come and gone wreaking havoc on humanity. It is the choices we as civilizations have made that has brought on these calamities on ourselves. From 1918, the influenza type pandemics started. Remember the H1N1 pandemic in 1918 followed by years of pandemics in 1957,1968, 1977 the Spanish flue,…

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अंतरिक्ष की धरोहर .. कल्पना चावला

अंतरिक्ष की धरोहर .. कल्पना चावला   कुछ कर गुजरने की तमन्ना थी , कुछ जीने का नया तराना था । चांद सितारों से मिलने भरी उड़ान, किसे पता था जिंदगी खत्म करने आ जायेगा तूफान ।। भारत की वह बेटी जिसने प्रथम बार अंतरिक्ष पर अपने पाँव रखे, जिसने अपने मन की कल्पना को…

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लॉकडाउन और कोरोना वारियर्स की चुनौतियां

लॉकडाउन और कोरोना वारियर्स की चुनौतियां हम होंगे कामयाब,हम होंगे कामयाब एक दिन मन में है विश्वास, पूरा है विश्वास,हम होंगे कामयाब एक दिन आज पूरा विश्व कोरोना नामक प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है, और इस पर विजय पाने के लिए संघर्षरत देशों के लिए एक कठिन चुनौती बन गया है, चीन से निकल…

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