सिद्धार्थ यशोधरा और बुद्ध

सिद्धार्थ यशोधरा और बुद्ध जाना तय था मेरा … पर जब उसे देखता तो , मन ठहर जाता था।। किस अवलम्बन पर छोड़कर जाता उसे, वो जो मुझ में अपना सारा संसार देखती थी, फिर उसका सहारा आ गया ..उसका ‘पुत्र’ जानता था अब उस में व्यस्त हो जाएगी, जीवित रह पाएगी मेरे बिना भी…

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कटहल

कटहल राम प्रसाद जी का परिवार बनारस शहर के प्रसिद्ध रामघाट पर गंगा जी के किनारे स्थित पक्का महाल सिंधिया हाउस के पुरानी हवेली के दो कमरों में किराए पर रहते थे।उनके परिवार में पत्नी बेटा ,बहू तथा छोटा नाती कुल पांच लोगों का परिवार था।उस समय लोगों में बहुत एकता,प्रेम, भाईचारा व अपनापन हुआ…

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उमस में भी टिके रहें

  उमस में भी टिके रहें आप बरसात के मौसम को पसंद तो खूब करती हैं, लेकिन इस मौसम में पैदा होने वाली उमस आपको इसलिए पसंद नहीं, क्योंकि वह मेकअप को टिकने नहीं देती. उमस के मौसम में फाउंडेशन मेल्ट हो जाते हैं और आई लाइनर फैल जाता है, वहीं लिपस्टिक चिपचिपे हो जाते…

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बहुमुखी प्रतिभा के धनी मुंशी प्रेमचंद

बहुमुखी प्रतिभा के धनी मुंशी प्रेमचंद सर्वाधिक लोकप्रिय उपन्यासकार, साहित्यकार, नाटककार और विचारक के रूप में सर्वाधिक जाना पहचाना नाम प्रेमचंद जी का है।इन्हें हिंदी और उर्दू के लोकप्रिय साहित्यकारों में जाना जाता है। आपका जन्म 31 जुलाई 1880 को बनारस शहर से चार मील दूर लमही गांव में हुआ था।आपका बचपन बहुत ही आर्थिक…

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अच्छा लगता है

अच्छा लगता है सुनो न , बहुत दिन से कुछ कहना है तुमसे! पर उस बात का ज़ायका मुँह में घुलता है कुछ इस तरह, वो बात कह ही नहीं पाती । सुनो तो….. तुम अच्छे लगते हो अब ये मत पूछना क्यों : इन फैक्ट मेरी बात पूरी होने दो पहले फिर कुछ भी…

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सपनों का भारत

” सपनो का भारत “ हो न अमन की कमी इस जहां में मिलजुल सब रहें इस जहां में हर विस्थापितों को मिले आशियाना रहे अनाथ ना कोई इस जहां में आतंकी के आतंक का हो खात्मा उन्हें भी प्यार मिले इस जहां में बागों में खिले हर इक कली कहीं कुम्भला न जाए इस…

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खानदान 

खानदान  आनन्द और ख़ुशी जीवन का अनमोल खजाना है .यदि आनन्द और खुशी की यादों का गुलदस्ते मिल जाये तो अनेक फूलों की खुशबू आती है .जब जी चाहे उस गुलदस्ते का एक फूल निकालकर अपने को उस सुगंध में डुबो दें . ऐसा ही आनन्द और ख़ुशी का गुलदस्ता मेरी और सुनन्दा की दोस्ती…

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हिन्दी : कल, आज और कल

हिन्दी : कल, आज और कल हिन्दी हमारी मातृभाषा और हमारी राष्ट्रभाषा है। हमारे राष्ट्र के माथे की बिन्दी है। भाषा संप्रेषण का सशक्त साधन होता है। जीवंतता, स्वायत्तता तथा लचीलापन भाषा के प्रमुख लक्षण हैं। इसलिये देश में हिन्दी बोली जाने के आधार पर 14 सितंबर 1949 को संविधान की भाषा समिति ने हिंदी…

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महिला सशक्त भी है और सक्षम भी

महिला सशक्त भी है और सक्षम भी महिला सशक्तिकरण और सक्षमीकरण की नारेबाजियों का दौर है। जो मन में अनेक विचारों को जन्म देता है। मैं स्वयं एक स्त्री हूँ,.. स्त्री वर्ग के लिए आगे आकर कार्य करती हूँ, सृजन के क्षेत्र में स्त्री विमर्श से बचती हूँ क्योंकि मैं स्त्री पुरुष के विमर्श की…

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