कोरोना दारुण व्याधि रचायो
कोरोना दारुण व्याधि रचायो कोरोना दारुण व्याधि रचायो, चीन देश वाहि पैदा कीन्हों, सब जग माहि पठायो, जर्मन, इटली, फ़्रांस, रूस, सारे जग को भरमायो, इंगलैंड और अमेरिका सोचें, सधै ना कोनु उपायो, जग पूछे बेशर्म चीन से, क्यों चमगादड़ खायो, हालैंड, पाकिस्तान, कनाडा, सब को सोच थकायो, भारत के तत्पर प्रयास लख सब जग…
मेरे राम आ गए
मेरे राम आ गए मेरे राम आ गए प्रभु फिर लौट कर अपने अयोध्या धाम आ गए मुकुट माथे सजा कर अब मेरे श्री राम आ गए जगमग हुई अयोध्या नगरी प्राण प्रतिष्ठा हो रही ग्रहण है पांच सदियों का व्यथा उर की पुरानी है हुआ अवतार सरयू पर दबी इक इक निशानी…
At the foot of the Lord’s cross
At the foot of the Lord’s cross Night offers me the loneliness Get away from the sound of laughter Forcing me to look into God’s face Forcing me to carve a cry Reminiscing about God’s wounds Because sin is dancing happily Because pride is beyond measure Because of my pride colonized You While your cry…
जीना सिखाती ज़िन्दगी
जीना सिखाती ज़िन्दगी आज पहली बार अज़ीब सी मनःस्थिति है। लोग न जाने कैसे बड़ी बड़ी बातें कर लेते हैं किसी के बारे में भी मेरे साथ कभी भी कोई बुरा व्यवहार करता है तो मुझे बुरा लगता है। कोशिश रहती है कि मेरी तऱफ से कभी कोई आहत न हो।पर जब अति हो जाती…
कुछ कही कुछ अनकही
कुछ कही कुछ अनकही एक थी केतकी ,पहाड़ों की खुशनुमा वादियों में अपने रूप रंग की खुशबू बिखेरती,हिरनी सी कुलांचें भरती, इस बुग्याल से उस बुग्याल तक दौड़ती चली जाती थी बस अपने आप में खोई हुई,अपने आप में मगन।दीन दुनिया से कोई वास्ता न था बस अपनी ही धुन में किसी भी टीले…
यह_कैसी_शिक्षा
यह_कैसी_शिक्षा शिक्षा प्राप्त करना हमारे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य होता है, न केवल ज्ञान अर्जित करने के लिए, अपितु रोजगार प्राप्ति के मुकाम की ओर अग्रसर होने के लिए भी यह खासतौर पर सहायक होता है। पर हमारे समाज में शायद इस दिशा में कुछ ज्यादा ही ध्यान दिया जा रहा है और मैं…
भारतीय नववर्ष की अनमोल वैज्ञानिकता
भारतीय नववर्ष की अनमोल वैज्ञानिकता हमारा ” नव-वर्ष चैत्र मास, शुक्ल पक्ष प्रथमा से मनाया जाता है..” संवत्सर-चक्र के अनुसार सूर्य इस ऋतु में अपने राशि-चक्र की प्रथम राशि मेष में प्रवेश करता है। भारतवर्ष में वसंत ऋतु के अवसर पर नूतन वर्ष का आरम्भ मानना इसलिए भी हर्षोल्लास पूर्ण है क्योंकि इस ऋतु में…