प्रकाशोत्सव

प्रकाशोत्सव ताल ठोक रहा तम का दानव लिए अँधेरा मन का दूर खड़ा मानव दिखावे के रोशनी सजती सबके घर – द्वारे मन का तम मिटा ना सका तू मानव, प्यारे ……….. ताल ठोक रहा ………. रात – रात पूरी चला मंज़िल ना पाया लौट बुद्धू घर को आया चला जिस डगर वह भी निकला…

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एक प्याली चाय 

एक प्याली चाय  प्रेम की परिभाषा है, एक प्याली चाय, भोर की पहली किरण की संगिनी, सर्द सुबह को मादक महक से गुदगुदाती, आनंद के चरमसुख पर पहुंचाती है…  एक प्याली चाय…..  प्रेयसी के रूप सी, कभी गोरी, कभी काली, तेज़-तीखी सजनी सी, काली मिर्च-अदरक वाली, मनभाती, दिल-लुभाती, सपनों में आती, दिन-भर जी तोड़ मेहनत…

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स्वच्छता तन-मन और उपवन की

स्वच्छता तन-मन और उपवन की उठो चलो आगे बढ़ो, कि विश्व तुझको देखता । वक्त की है पुकार ये, फिर कौन तुझको रोकता? स्वच्छ बना इस धरा को, करके योगदान तुम । बन जा प्रहरी इस उपवन का, खड़े जिस दिशा में तुम। स्वच्छता से स्वस्थता आएगी, हमारे भारत देश में। बढ़ेगा हर कदम फिर,…

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कैसे रहा जाएं बी पॉजिटिव

कैसे रहा जाएं बी पॉजिटिव व्यथित मन परमात्मा की क्रूर करनी के आगे लाचार हूं,आहत हूं और उसकी निष्ठुरता से बेहद नाराज भी हूँ कि ऐसा क्यों किया। रोज इतने जनों को एक-एक कर जाते हुए देख कर, सुन कर मन मे न चाहते हुए भी निराशा आ ही जाती थी,पर थोड़ी देर बाद सोचती…

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मिथिला का लोक पर्व “सामा- चकेवा”

मिथिला का लोक पर्व “सामा- चकेवा” सामा-चकेवा एकमात्र मिथिला में मनाया जाने वाला लोक पर्व है. यह पर्व मिथिला की संस्कृति से जुड़े होने के साथ ही इसकी पौराणिक मान्यता भी है. बहनो द्वारा भाई के लिए मनाया जाने वाले इस त्यौहार का शुभारम्भ कार्तिक शुक्ल सप्तमी, छठ के पारण यानि सुबह के अर्घ के…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- राजा राम मोहन राय

नवजागरण युग के पितामह- राजा राम मोहन राय राजा राम मोहन राय 18 वी सदी के महापुरुष,आधुनिक समाज के जन्मदाता,ब्रह्म समाज के संस्थापक,देश को जगाने वाले स्वतंत्रता सेनानी,बहुआयामी समाज सेवी, भारत भाषायी प्रेस प्रवर्तक तथा बंगाल के नवजागरण युग के पितामह। स्वर्गीय राजा राममोहन राय का जन्म 22 मई 1772 को राधा नगर जिला मुर्शिदाबाद,…

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औरत ने जन्म दिया मर्दों को

“औरत ने जन्म दिया मर्दों को, मर्दों ने उसे बाज़ार दिया… जिस कोख से उसने जन्म लिया उस कोख का कारोबार किया!!” साहिर लुधियानवी की चुभती पंक्तियाँ, मुज़फ़्फ़रपुर कांड को भली भाँति दर्शाती है!..आज के परिवेश में देश में महिलाओं की स्थिति अच्छी नहीं कही जा सकती है…महिलाओं का शोषण दिनों दिन बढता जा रहा…

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