इंग्लिश समुद्री डाकू और मुग़ल सल्तनत
इंग्लिश समुद्री डाकू और मुग़ल सल्तनत इंग्लैंड के संसद भवन में प्रमुख द्वार…
इंग्लिश समुद्री डाकू और मुग़ल सल्तनत इंग्लैंड के संसद भवन में प्रमुख द्वार…
यू आर माई वेलेंटाइन….. चाय के कप के साथ रखे अखबार पर छपी तारीख और फेसबुक ने याद दिलाया आज का दिन। चाय कड़क और मीठी लगने लगी, एक तमन्ना मन ही मन भाप सी ऊपर उठने लगी। ‘सुनिये जरा…’ पुकारा हमने। ‘क्या है जी… बच्चों को दूध-चाय देना है। नाश्ते की भी तैयारी करना…
मैं और मेरी दुनिया अति उल्लास से आत्मकथा लिखने बैठी थी । पहले तो लगा कि आज लॉटरी निकल गयी । स्व- कथा लिखनी है । लेखनी को गति मिल जाएगी । आज आत्म- जीवनी लिख सभी को बता दूंगी कि हमने किला फ़तेह कर ली । अपनी गाथा से चकाचौंध कर दूंगी दुनिया को…
हम हिन्दुस्तानी की है शान प्यारी “मां” की बिंदी । सबकी प्यारी हिंदी।। भारत वर्ष में चारों ओर बोलने वाली अनगिनत भाषाओं में यह कहना की कौन सी भाषा अधिक व कौन सी कम बोली जाती है। उत्तर भारत में हमेशा से ही हिन्दी बोली जाती हैं कि । अनेकों लेखक ,कवि ,संतों ने हिंदी…
समर्पित जीवन जब से होश संभाला स्वयं को शिक्षकों के बीच पाया | हिंदी के प्रखण्ड विद्वान्-दादा डॉ. मुरलीधर श्रीवास्तव राजेन्द्र कॉलेज छपरा के प्राचार्या थे जिन्होंने अपने ज्येष्ठ पुत्र शैलेन्द्र की शादी हिन्दी स्नातकोत्तर की गोल्ड मेडलिस्ट वीणा से बिना कुण्डली देखे बिना उपजाति पूछे ,सिर्फ अंक पत्र देखकर की थी | शैलेन्द्र और…
TESTIMONY OF A MOTHER The Queen of Heaven weeping with tears that rend her heart, Who mourns as she grasps and clasps the body parts , Of pierced and bloodless body of her lifeless son , A pietà of human flesh and bone as the only ONE . Mother with Child the perfect image of…
लेखा जोखा 2020 साल 2020 अब बस कुछ ही घंटों का मेहमान है। ना मौसम बदलेगा, ना ही हवाएँ बदलेंगी – बस कैलेंडर की तारीखें बदल जाएगी। सरसों के पीले फूल, गेंदे के फूल, गुलदाबदी, डहलियाँ की सुंदर क्यारियाँ भी ज्यों कि त्यों रहेंगी। लेकिन साल बदल जाएगा। एक और साल चित्रगुप्त के मोटी बहीखाते…
गुजरात की नवरात्रि गुजरात की नवरात्रि का सबसे प्रमुख आकर्षण होता है गरबा नृत्य या डाँडिया नृत्य। भारत के अधिकतर राज्यों में मूर्ति पूजा का चलन है लेकिन गुजरात में मूर्ति पूजा की जगह खुले आसमान के नीचे माँ की तस्वीर लगा कर उसकी चारों तरफ झूम कर गरबा नृत्य करके नवरात्रि मनाने की परंपरा…
अभी बहुत दूर जाना यह हम सभी जानते हैं कि पूरी दुनिया में 8 मार्च को अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस के रुप में मनाया जाता है । जिसका मुख्य उद्देश्य होता है महिलाओं को खुद से परिचय करवाना , उनके दिल में खुद के प्रति सम्मान की भावना उत्पन्न करना एवं अपने अधिकारों के प्रति सचेत…
मैं बुद्ध नहीं होना चाहती बुद्ध हो सकती थी मैं—- पर मैंने पति को भगवान मान लिया उसकी चाह, उसकी ख़ुशी को अपना सम्मान मान लिया छोड़ दूँ नवजात को ,रात सुनसान , है अंधेरा तू माँ कहलाने लायक़ नहीं , हृदय पाषाण है तेरा बूढ़े सास ससुर , जिनकी सेवा का मिला था उपदेश…