कोरोना और जीवनशैली

कोरोना और जीवनशैली मनुष्य की जीवनशैली का इतिहास बहुत ही प्राचीन है।आदि मानव से लेकर आज तक मनुष्य ने जीवन की जुगुप्सा और जिज्ञासा की आग में अनेकानेक संघर्षों की आहुति दी है।जीवन की यात्रा जिजीविषा का पर्याय है।मनुष्य का जीवन अन्य प्राणियों से भिन्न है यह आदिकाल में ही स्पष्ट हो गया था,जब मनुष्य…

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एक स्त्री की तीन आवाजें !

एक स्त्री की तीन आवाजें !   दोपहर की चाय जब तक उबलती, तब तक सीमा खिड़की के पास रखी कुर्सी पर बैठ जाती। सामने स्कूल से लौटते बच्चे, दूध वाला, दोपहर की सुस्ती में पसरे कुत्ते और बगल की अरोड़ा आंटी की आवाज़ें – सब रोज़ की तरह चल रहा होता, पर सीमा की…

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पधारो हे अतिथि

पधारो हे अतिथि नववर्ष कुसुम हुआ है आज पुष्पित पल्लवित, देखो मोरे घर आंगन द्वारे उजास प्रकाश का स्त्रोत सांझ सकारे पधारो हे अतिथि अभिनंदन तुम्हारा इनकी सुगंध और निराली अदाएं बरसातीं हैं लिए, मेह नेह, इनकी हवाएँ दवाओं से बढकर करतीं असर इनकी अप्रतिम अदाएं अलौकिक दुआएं, ये चांद रातों में, अमृत बरसाएं, झूमें…

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क्षितिज की लालिमा करे आह्वान”

“क्षितिज की लालिमा करे आह्वान” 15 अक्टूबर शरद पूर्णिमा कोजागरी लक्ष्मी पूजा के दिन बिहार के सहरसा जिले में जन्मी बच्ची को डॉक्टर ने हाथों में थामकर घोषणा की, “यह बच्ची बेहद विलक्षण, आगे चलकर पूरी दुनिया में नाम रोशन करेगी”। 2 वर्ष चार महीने की छोटी आयु में ही मां सीता के रूप झांकी…

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मंजिल मिलेगी, चुनैतियों के पार

मंजिल मिलेगी, चुनैतियों के पार बात पुरानी है, यही कोई साठ साल पहले की… मैं अपने घर की चुलबुली, सुन्दर, हँसने-हंसाने वाली सबकी लाड़ली गुडिया थी …मेरी बड़ी बहन मुझसे ठीक विपरीत, गंभीर, शान्त, पढ़ाकू …. एक दिन मेरे ताऊ जी ने मेरी बहन का मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य से मुझसे कहा, “ज़रा अपना हाथ…

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रमजीता पीपर

रमजीता पीपर रमजीता पीपर से गाँव की पहचान है या गाँव से इस पीपल के पेड़ की इसके बारे में दद्दा से ही पता लग सकता है। दद्दा की उम्र बहुत अधिक नही है, यही 70 के लगभग, पर लोग उन्हें दद्दा कहने लगे हैं, शायद उनके ददानुमा कहानियों और बातों के कारण हो, या…

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संवाद

संवाद “अरि ओ पिंकी,सुना है तेरे पड़ोस में एक नई फैमली रहने आई है,कैसा है वह परिवार?” रिंकी ने घर मे घुसते ही अपनी सहेली पिंकी से पूछा। पिंकी अपनी प्यारी सहेली को देख बहुत खुश हुई,और बोली” मैं सोंच ही रही थी तुम्हें इस नये पड़ोसी के विषय में बताऊँ, जैसा कि तुम्हें पता…

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जाना है बहुत दूर

जाना है बहुत दूर आज उम्र के इस पड़ाव पर आकर अपने बारे में कुछ सोचने की कोशिश करती हो तो मेरा बचपन सबसे पहले मुझे याद आता है । मेरा जन्म कलकत्ता में हुआ था। मेरे माता पिता शिक्षित और बहुत संस्कारवान थे । परिवार में कोई चीज की कमी नहीं थी और हमें…

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वास्तविक आजादी से दूर

  वास्तविक आजादी से दूर हम भारतवासी पिछले 70 वर्षों से आज़ादी की खुशफ़हमी में जरूर जी रहे हैं, परन्तु क्या वास्तव में हम स्वछन्द, स्वतन्त्र और निर्भीक जीवन बिता पा रहे हैं। आज भी देश का एक बड़ा वर्ग जीवन के मूलभूत आवश्यकताओं, जैसे, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्याप्त सन्तुलित आहार इत्यादि से भी वंचित है।…

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जयति जय माँ शारदे

जयति जय माँ शारदे जयति जय माँ शारदे। जयति जय माँ शारदे। मां बागेश्वरी,वीणापाणि, ज्ञान की देवी,हँसवाहिनी, बुद्धि का मां वर दे, जयति जय माँ शारदे। जयति जय माँ शारदे। धवल वस्त्र है, सौम्य स्वरूपा, कमलदलआसन,विद्द्यारूपा, चरणों में ये शीश झुका दूँ, तन,मन, धन सर्वश्व लुटा दूँ, अंधकार इस पूरे जग का, ज्योतिर्मय कर हर…

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