Glory Of India

Glory Of India May old glory of India always wave, Above tumult in three colours fray, Honour great heroes who are brave, Standing by the ethical justice stay. Rich traditions and heritage true, Robust hearts everywhere rule, Symbol of prayers bear their fruits, Battles are won based on the truth. May haters of our land…

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माँ तेरे सोच जैसा

“माँ तेरे सोच जैसा….” मेरे सारे सपनों को , अपना ही मानकर मेरी परेशानियों में , हाथ मेरा थामकर मुझमें वह एक अटूट विश्वास भरती थी बस , हर वक़्त एक चमत्कार करती थी कब सोती, कब वह जगती , रब ही जाने पर , मिन्नतें दुआयें , वह हजार करती थी अपनी आंखों में…

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राम तुम्हारा चरित स्वयम् ही काव्य है

राम तुम्हारा चरित स्वयम् ही काव्य है अयोध्या की यात्रा एक चिर प्रतीक्षित अविस्मरणीय यात्रा थी, वर्षों की कामना पूर्ण हो रही थी और अपनी कल्पना के साकार हो पाने की अनुभूति हो रही थी,,, इतिहास के पन्नों पर बिखरी अयोध्या नगरी की अनगिनत कहानियाँ, उनके सच, और उस यथार्थ का मुखर मौन और उनके…

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फूल का इंतजार

फूल का इंतजार आज फूल के कदम जमीन पर नहीं पड़ रहे थे | मिट्टी और ईट के उसके कच्चे पक्के घर में खुशियाँ इस तरह उतर आईं थीं | मानो सितारों की जगमगाहट उतर कर जमीन पर आ गई हो | हमेशा चिढ़ी सी रहने वाली दादी ने भी आज उसके गाल को चूमकर…

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प्रेम का पथ

प्रेम का पथ प्रकृति ने सिखाया प्रेम समर्पित भाव से बंधन मानव से मानव करे प्रेम हृदय देखो बने चंदन। नेह से बने रिश्तों का महकता है सदा प्रकाश प्रेम जोत जगे हृदय में हो जाता मन वृंदावन। ममता के पलने में झूले प्रेम आनंदित हो संतान मात पिता , गुरू सखा प्रेम ही है…

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स्त्री विमर्श के बहाने

स्त्री विमर्श के बहाने स्त्री विमर्श, महिला सशक्तिकरण और वीमेंस लिब यह सब कुछ ऐसे शब्द हैं जिनकी चर्चा आजकल जोरों पर है या दूसरे शब्दों में कहा जा सकता है कि आधुनिक समय में सबसे ज्यादा ट्रेंड करने वाले शब्द हैं, जो कि बहुत आवश्यक भी है। महिलाओं पर पुरूषों के राज करने की…

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कंकालें पतवारों की

    कंकालें पतवारों की   हांफ रही थी वह….. पसीने से लथपथ…… सांसे तेज चल रही थी……… और कितनी गहरी खुदाई…..? इतनी रात इस मरघट में वह क्या ढूंढ रही थी ? .….. अचानक चीख पड़ी..…….यह क्या….?  यहीं तो मैंने उन पतवारों को दफनाया था । इतनी जल्दी कंकाल में कैसे बदल गये ?…

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उत्तराखंड की दिवाली

उत्तराखंड की दिवाली वर्षों तक उस बैलों की जोड़ी के कंधों पर हल रखकर खेत जोते गए। खेती में दिन-दूनी रात चौगुनी उन्नति होती गई। अपने साथी ग्वारा के साथ ही बुल्ला भी उस घर के लोगों की जान था। लेकिन एक दिन जंगल से घास चरकर लौटते समय बुल्ला की आंख में किसी पेड़…

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बसंत पंचमी की अनमोल याद

                                            बसंत पंचमी की अनमोल याद यूं तो बसंत पंचमी पर्व प्रति वर्ष एक नई ऊर्जा, उत्साह और उमंग लेकर आता है और एक नई स्वर्णिम स्मृति की छाप हृदय पर छोड़ जाता है,…

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