कोरोना की मार और 15 अगस्त

कोरोना की मार और 15 अगस्त 15 अगस्त … स्वतंत्रता-दिवस …खुशी और आनंद का दिवस…अंग्रेज़ी हुकूमत से भारत की आज़ादी का, बंधन-मुक्त होने का दिवस…… मुझे याद आते हैं, मेरे बचपन के दिन.. जब मैं स्कूल में थी और 15 अगस्त का दिन आता था… वह साठ का दशक था.. आज़ादी मिले चन्द साल ही…

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उचित सहयोग

उचित सहयोग   जब से संदीप को पैरालिटिक अटैक आया था और उसका कामकाज बंद सा ही हो गया था, तब से परिवार की आर्थिक स्थिति डवाँडोल रहने लगी थी। वैसे तो उसकी पत्नी काजल बहुत ही समझदार और संतुलित महिला थी, हिसाब किताब से घर चलाना उसे आता था, किसी से सहयोग लेना भी…

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माँ

मां गोद में जिसके जन्नत होती है वो मां होती है लुटाती है जो खज़ाना ममता व प्यार का वो मां होती है बहलाती, फुसलाती, दुलारती है तो, वो डांटती भी है डांटकर खुद आंसू बहाती और फिर रूठे को मनाती भी है बिन कहे बात दिल की हमारी वो जान जाती है समस्या हमारी…

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हिंदी दिवस के जन्मदाता

हिंदी दिवस के जन्मदाता गत वर्ष गृहस्वामिनी में मेरा एक संस्मरण प्रकाशित हुआ स्वर्गीय व्यौहार राजेंद्र सिंह से जुड़े , उनके साथ कुछ पल रेलवे प्लेटफॉर्म पर एक छोटी सी मुलाकात के रूप में । आज उनके ही पौत्र डॉ व्यौहार अनुपम सिन्हा , जो मेरी छोटी बुआ का मंझला बेटा काका जी( श्री राजेंद्र…

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Wars for Peace

Wars for Peace Boys are playing the game of war they have wooden swords and water guns or a game with extra lives they already know that blunks can kill a chicken at the shooting range they aim straight for the heart Boys are playing the game of war they have split the atom they…

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कैसा गणतंत्र कैसी आज़ादी

कैसा गणतंत्र कैसी आज़ादी सोने की चिड़िया कहलाये जाने वाला मेरे सपनों का भारत क्यों बदल गया जहां हर कोई बेहाल जहां हर कोई घायल लादे आज़ादी और गणतंत्र का बोझ बोझिल कांधों पर गणतंत्र कैसा ये गणतंत्र आज़ादी कैसी ये आज़ादी जहाँ आज भी धर्म पर होते बवाल कई न आज़ादी मंदिर की न…

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होली- जनकल्याण का प्रकृति पर्व

होली- जनकल्याण का प्रकृति पर्व प्रकृति पर्व होली रंग राग उमंग उत्साह और सामाजिक समरसता का सुंदर संयोजन है,,, जीवन का ऐसा सुखद संदेश है,,जिस में बसंत के आगमन के साथ ही प्रकृति के रुप में विलक्षण बदलाव आता हैं,धरती अपना आपादमस्तक श्रृंगार करती हैं,,नीले आसमान में बिखरी बाल अरुण की लालिमा ,,वृक्षों की हरीतिंमा,फूलों…

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FESTIVAL OF LIGHTS

FESTIVAL OF LIGHTS Diwali the most awaited Hindu festival, Celebrated with lights,family reunion treats, Auspicious prosperity, Joyful activities, Shopping clothes,eatables, gifts, sweets. The one thing we forget is our own country, Blindly purchase lamps,tea candles for divinity, L.E.D. light strings,crackers,plastic facilities, Forget all that money goes to other country’s treasury. Diwali was to be celebrated…

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My life

MY LIFE VULNERABLE CONSCIOUSNESS As the moments are gone and the time is playing blindflies with the empty moments of the eternity the consciousness is speechless looking for a truth, an answer to the endless questions… (Collection of poems , Dreams of Oasis (Amphictyon of Hellenism, Department of Literature, Thessaloniki, 2014 . The collection was…

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