Women

Woman. From the first ray of light you reflect, from the genes of another woman who generates your life. From the very first wailing you give a sign of wanting to impose yourself with all your strength and reason on the beauties and the contrarieties that are easy encounters on the path of existence. The…

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Random lines

Random lines.. Some memories always linger Some incidents often trigger Few instances buzz loud Very few silently sound Often past carry forward in action As if present has to accept the motion Carrying the concept we think , Concurrence may happen in future So our action becomes it’s reaction We always think we are right…

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ये गुलाब

ये गुलाब खुद टूटकर भी ये गुलाब दो दिलों को जोड़ता है, खूबसूरती बेहिसाब इसकी रुख इश्क़ का जो मोड़ता है! कांटो से बाबस्ता मगर निखार भी कमाल का , ये मोहब्बत का नूर है जवाब हर सवाल का ! प्रेम की निशानी है सुंदर प्रेम कहानी है रूमानियत की अक्श है धडकनों की जुबानी…

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मनीराम दीवान

मनीराम दीवान अठारहवीं शताब्दी में अंग्रेज चाय चीन से खरीदते थे। मगर उनकी व्यापार में बेईमानी और लाभांश पर सौ प्रतिशत कब्जा चीन को नष्ट किये दे रहा था। अतः एक बड़ा युद्ध हुआ जिसमे चीन ने अंग्रेजों को चाय देने से इंकार कर दिया।जिससे उनका चीन की चाय पर से एकाधिकार जाता रहा।उधर अमेरिका…

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तेरे जैसा दोस्त कहाँ

जिंदगी के साथ भी, जिंदगी के बाद भी! सिर्फ हमारे प्यार में ही नहीं बल्कि दुनिया के हर रिश्ते में शामिल होना चाहिए दोस्ती का एक अहम भाव क्योंकि सुना है दोस्त तब भी जान लुटा सकते हैं जब दोस्त की जान पर बन आए फिर चाहे वो सही हो या गलत, दोस्त अपनाते हैं…

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एकल परिवार

एकल परिवार   नीलेश बहुत अच्छी कंपनी में मैनेजर था। वह अपनी सहकर्मी रीटा को पसंद करता था। माता-पिता भी दोनों की शादी के लिए तैयार हो गए… और रजिस्ट्रर्ड शादी करवाकर 150-200 लोगों को पार्टी दे दी। क्योंकि माता-पिता दोनों ही अपने नौकरी एवं कार्यक्षेत्र में व्यस्त होने की वजह से शादी की व्यवस्थाओं…

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साक्षात्कार

वरिष्ठ कवि एवं शिक्षाविद डा.अरुण सज्जन की षष्ठी पूर्ति के अवसर पर लिया गया साक्षात्कार भगवती चरण वर्मा की काव्य चेतना शोध ग्रंथ, नीड़ से क्षितिज तक, संस्पर्श, उजास जैसे काव्य संग्रह, अक्षरों के इंद्रधनुष निबंध संग्रह जैसी कई पुस्तकों के रचयिता और कला संस्कृति, काव्य पीयूष, रामवृक्ष बेनीपुरी साहित्य अलंकरण सम्मान, बिहार हिंदी साहित्य…

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ये तब नहीं समझा

ये तब नहीं समझा मेरी दादी, जिन्हें हम ईया बुलाते थे पाँच फीट से भी कम उनकी हाईट थी पर किसी धोखे में न रहना इच्छाशक्ति में वह बिल्कुल डायनामाइट थीं लंबे वक्त से वैधव्य झेलते हुए उस छोटी, बेहद दुबली सी काया में कमाल की सेन्स ऑफ फाईट थी बेटियों की शादी, इकलौते पुत्र…

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मेरे प्रिय कथाकार और उनकी एक कहानी

एक उत्सव हिंदी कथा सम्राट प्रेमचंद एवं कथा, कथाकार और कथा प्रशंसकों के नाम।जुलाई माह प्रतिदिन संध्या सात बजे गृहस्वामिनी के यू ट्यूब चैनल पर । अंतरराष्ट्रीय कथा महोत्सव में 5 जुलाई संध्या सात बजे प्रसिद्ध और वरिष्ठ कथाकार  डॉ सी भास्कर राव जी की कहानी लेकर आ रही हैं कथाकार डॉ जूही समर्पिता और…

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दिव्या माथुर की रचनाओं पर प्रतिष्ठित लेखकों की चुनिंदा प्रतिक्रियाएं

दिव्या माथुर की रचनाओं पर प्रतिष्ठित लेखकों की चुनिंदा प्रतिक्रियाएं दिव्या की कहानियों में एक तरफ़ औरत की परजीविता और यथस्थिति का यथार्थ है तो दूसरी तरफ़ संस्कार जनित संवेदनाएं। उनके लेखन में कहीं भी कथ्य या भाषा का आडम्बर नहीं है। अपने देश से दूर रहते हुए भी उनके पास भारतीय यथार्थ और संस्कार…

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