मां के सपने

“मां के सपने” कितने सपने संजोए थे तूने, हम सबके संग, कितने सपने थे तुम्हारी आंखों में, कितनी कल्पनाएं थी, तुम्हारे आंखों में चमक, जिन्दगी जीने की ललक, एक उल्लास मन में लिए, सबको संवारा बड़ी लगन से, अपनी सजग नयन से, कई सपने भी टूटे, फिर भी !! तुम मुस्कुराती रही, हम-बच्चों के संग,…

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हिन्दी

हिन्दी हिन्द के हिन्दोस्तां की बेटी है.हिन्दी। भारत के ललाट की शोभा बिन्दी है हिन्दी। देवभाषा संस्कृत की पुत्री बनकर उपजी हिन्दी। सभी भाषाओं की अग्रजा बनकर आई है हिन्दी। सभी बोलियाँ संग साथ ले हिल मिल संग चले । अपने और परायों बीच संवाद बनी हिन्दी। भाषा जोड़ रही है सबको एक छत्र के…

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हिंदी चालीसा

हिंदी चालीसा श्रेष्ठ, सुगढ़, सुखदायिनी, हिंदी सुहृद, सुबोध, सरल, सबल, सुष्मित, सहज, हिंदी भाषा बोध। नित-प्रति के व्यवहार में, जो हिंदी अपनाय, ’सरन’ सुसत्साहित्य का सो जन आनंद पाय। जय माँ हिंदी, रुचिर भारती, सुकृत कृतीत्व सुपथ संवारती। १. रचनाकारों के मन भाती, सत्साहित्य की ज्योति जगाती। २. जगमग ज्योतित करे हृदय को, हुलसित-सुरभित करे…

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वज़न कम करने के आसान तरीके 

वज़न कम करने के आसान तरीके  वजन कम करना इतना ज्यादा मुश्किल भी नहीं है यदि आप दृढ़ संकल्प व मेहनत करते है तो जल्दी ही अपने वजन पर नियंत्रण पा सकते हैं और घर बैठे ही वजन कम कर सकते हैं। १. फल और सब्जियों का अधिक सेवन फल और सब्जियों में फाइबर, पोषक…

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पिता

पिता यह तुम्हारा स्नेह ही तो था, जो संघर्षों के जंगल में, किसी बासंती बयार की तरह, सहलाता रहा मेरे शूल चुभे पांवों को. फूलों की सेज न सही, हरियाली तो थी मेरे सामने .. खुले आकाश की तरह. कुछ सपने थे इन्द्रधनुषी, .. कल्पना के पंखों पर तैरते हुए.. किसी अज्ञात मंजिल की तलाश…

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साइकिल

साइकिल “गौरी की माँ जरा पानी तो पिलाओ।” रामधर पसीने से तर-बतर थे,चेहरा गर्मी से लाल हो रहा था। “कुछ काम बना..?” रामधर ने एक सांस में पानी गले के नीचे उतार दिया और तौलिये से मुँह पोछने लगे। “जरा पंखा तेज कर दो..” मालती मशीन की तरह रामधर की हर बात का पालन करती…

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मैं कतरा कतरा

मैं कतरा कतरा मैं क़तरा क़तरा अन्तस् का लो तुम्हें समर्पित करती हूँ। बस याद में तेरी दीपक सी प्रिय लौ बनकर मैं जलती हूँ। मेरे जीवन के मरुथल में, तुम ही पानी की धार बने। पतझड़ के मौसम में प्रियतम, तुम साँसों का आधार बने। अब दरस की आस में अँखियों से, मैं स्वयं…

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Parthenon Light

Parthenon Light Ηowling wind  shakes your soul, penetrates it, It’s  the miracle of divine creation and inspiration, Called maternal instinct, What nourished you, Woman and  mother, Tireless companion and nurturer of emotions and rebirth, Fighter of life, Stable companion and sustainable resource of cell replacement, Unforgotten, Glorious and holy, You vibrate our universe, You constructively…

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ये गुलाब कब से विदेशी हो गया

ये गुलाब कब से विदेशी हो गया वो किताबों के पन्नों में महकता रहा ताउम्र प्रेमी जोड़े के बीच एक ‘पर्दा’ बना दिलों को जोड़ गया कहीं शेरवानी में और बारात में ‘कली’ बन पिन में लगाया गया कभी गजरे में सजा कभी ‘सेज ‘ पर सजाया गया उम्र भर इसको कभी मन्नतों की चादर…

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