भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- राव तुलाराम

अमर स्वाधीनता सेनानी राजा राव तुलाराम सिंह भारत का इतिहास वीरों की गाथाओं से भरा पड़ा है। इतिहास में यूँ तो बहुत से स्वतंत्रता सेनानी हुए हैं जिन्होंने स्वाधीनता संग्राम में अपना बहुमूल्य योगदान दिया। उनमें कुछ सेनानियों ने अपनी वीरता संकल्प और दृढ़ निश्चय के बल पर अंग्रेजों को लोहे के चने चबाये और…

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रिश्ते हुए तार तार

रिश्ते हुए तार तार नताशा का रो -रोकर बुरा हाल था उस पर दोहरी मार पड़ी थी। एक तो कोरोना की चपेट में आकर उसके पति का स्वर्गवास हो गया था दूसरे उसके बेटे शलभ ने अपने पिता का शव लेने और उनका अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया था। वह ऐसा करके अपनी…

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मीठे बोल

मीठे बोल जो भी देवेश की कक्षा से स्टाफ रूम में आता, वह झल्लाते हुए कहता-” पता नहीं यह कैसा लड़का है नाक में दम कर रखा है।” कोई भी टीचर ऐसा नहीं था जो उसकी शिकायत ना करता हो ।सभी को परेशान कर रखा था उसने । देवेश सामान्य बालकों से अलग था ।…

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उदित सत्य का सूर्य

उदित सत्य का सूर्य झूठे नाम, झूठे मान, झूठी शान… आखिर बताओ बंधु मेरे… फिर सच की चाह क्यों…? और सच की राह क्या.. कहां, किस ओर…? झूठ और झूठे की… होती क्यों जयजयकार रे बंधु..! होती क्यों वाह वाह…! हाथ कंगन को लुभाती आरसी…, सच चीख चीख क्यों होता बेहाल…! है सारे अमीरखाने खजाने…

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ओह, पुरुष क्या तुम नहीं जानते?

ओह,पुरुष “ओह, पुरुष क्या तुम नहीं जानते?” ओह, पुरुष क्या तुम सुनते नहीं हो, तुम्हारी पत्नी कई आँसू रो रही है! ओह, पुरुष क्या तुम देखते नहीं हो तुम्हारी पत्नी कई डर छुपा रही है! ओह, पुरुष क्या तुम्हें महसूस नहीं हो रहा तुम्हारी  पत्नी सुरक्षा के लिए तरस रही है! ओह, पुरुष क्या तुम्हें…

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भारतीय वैज्ञानिक 

भारतीय वैज्ञानिक      मैं ऋषि कणाद का अनादि कण, हूँ सूक्ष्म किन्तु न मेरा कोई अंत,   मैं देता ज्ञानी आर्यभट्ट सा जगत को शून्य का तत्व, सूर्यग्रहण, चंद्रग्रहण क्यों होता है सुलझाता मेरा तत्त्व,   मैं रसायनशास्त्री नागार्जुन का रसरत्नाकर, अलग-अलग धातु से स्वर्ण बनाऊ ऐसा मैं जादूगर,   मैं योगाचार्य ऋषि पतंजलि…

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संस्कार

संस्कार वैष्णव जन तो तेने कहिये जे, पीर पराई जाने रे.. नरसी मेहता का भजन नेपथ्य में कहीं चल रहा था । ” पर दु:खे उपकार करे तोये, मन अभिमान न आणे रे..” सरला बेन भी साथ में गुनगुनाने लगीं । मिहिका सामने बैठी अपनी वृद्धा विधवा माँ के चेहरे की रुहानियत और मासूमियत को…

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यू आर माय वैलेंटाइन

यू आर माय वैलेंटाइन मैं और तुम दो अलग अलग चेहरे दिल शरीर जान आत्मा व्यक्तित्व परिवार दोस्त वातावरण फिर भी हम ऐसे एक दूसरे मे यूं समाहित हुए मेरा सब कुछ हुआ तेरा तेरा सब कुछ हुआ मेरा तेरा मान सम्मान स्वभिमान सुख दुःख सफलता धन सम्पत्ति परिवार जिम्मेदारी हुई मेरी और मेरी हुई…

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दशहरा : भक्ति की विरासत

दशहरा : भक्ति की विरासत शिवरात्रि, होली, दीपावली, छठ – फिर बीच में तीज, सत्तुआनी, जितिया, भैया दूज – ये वर्ष के त्यौहार हैं बिहार के। कहने को तो बिहार एक भौगोलिक इकाई है लेकिन उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम में बहुत फर्क है। कहते हैं ना, चार कोस पर बदले वाणी, ढाई कोस पर पानी…

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