नवरंग

नवरंग बरसात पर लिखी गई होगी कविता और प्रेमिका के बिछोह के गीत, पर गाँव में तो बरसात बड़ी मुसीबत है। हर तरफ पानी, कीचड़। रास्ते बंद। ना बिजली ना कहीं आना-जाना। तीन किलोमीटर चलकर जाओ तब पक्‍की सड़क मिलती है। गाँव की कच्ची पगडंडी को पकड़कर उसने तो बारहवीं क्लास तक पढ़ लिया। भैया…

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माँ

माँ मुझे याद है आपको अक्सर तीज त्योहार पर पूछती थी कि क्या चाहिए आपको और आपका हमेशा एक ही जवाब होता था…. मुझे मेरे सभी बच्चों की खुशहाली चाहिए। सच में माँ कभी अपने लिए कुछ नहीं चाहती, वो ख़ुश होती है, बच्चों को उनके मन पसंद खाना खिलाकर, वो ख़ुश होती बच्चों के…

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करवा चौथ का उपहार

करवा चौथ का उपहार तेरे प्रेम के सिंदूर से मेरा जीवन हो सप्तरंग तेरे स्नेह की बिंदिया से फिले रहे मेरा मुख तेरे विश्वास की चुडिय़ां से खनकती रहे मन तेरा मंगल होना ही मेरा मंगलसूत्र रहे तेरी खुशियों ही मेरे पायल की छुनछुन रहे तेरी सफलता की खुशी से ओठ सुर्ख लाल रहे तुझे…

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…..जीवन दंश का क्या ?

…..जीवन दंश का क्या ? पढ़ती हूं ,सुनती हूं, फिर से नव पुष्प खिलेंगे, नव पल्लव फिर सज जाएंगे, पर जो टहनी सूख गई, असामयिक दावानल से, उन दरख़्तों का क्या? झुलसी वल्लरियों का क्या? जीवन की आस झलकाते परंतु अब, ठूंठ बन चुके स्याहवर्णी नवपादपों का क्या? कुछ घरों में चिरनिंद्रित मायें, रोटी जलती…

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शैल अग्रवाल की कविताएं

शैल अग्रवाल की कविताएं   1.प्रेम में अक्सर शब्द जो कभी कहे ही नहीं गए साफ-साफ सुने जाते हैं जैसे बारिश की बूंदें गिरती हैं रेगिस्तान में खो जाने को धीरे धीरे जैसे भूखे की आँख में आ जाती है चमक रोटी की आस में जैसे प्रार्थना में शब्द उच्चारते हम मंत्र की तरह पर…

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कोरोना का कमल

कोरोना का कमल एक ऐसी बीमारी जिसने आदमी के शरीर को ही नहीं संवेदनाओं को भी संक्रमित किया है उसका उदाहण चारदीवारियों में क्वारंटाइन हुए हर मनुष्यों के भावनाओं के टेस्ट रिपोर्ट से मिल रहा है। इस कोरोना काल में जब अपने अपनों से दूर हैं वैसे में पराए का अपनापन जीवन और जज्बातों को…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- दयानंद सरस्वती

महर्षि दयानंद सरस्वती-वेदों की ओर लौटो महर्षि दयानंद सरस्वती जी आधुनिक भारत के चिंतक, निर्माता एवं आर्य समाज के संस्थापक थे। वह एक धार्मिक महापुरुष एवं समाज सुधारक के रूप में जाने जाते हैं। बहुत कम व्यक्ति यह जानते हैं कि वह प्रथम स्वाधीनता संग्राम के अग्रदूत रहे हैं। राष्ट्र की स्वतंत्रता में उनके योगदान…

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नैतिक शिक्षा की आवश्यकता

नैतिक शिक्षा की आवश्यकता भारत माता ग्राम वासिनी,आज आजादी के 70 साल बाद भी यह तस्वीर नही बदली है,आज भी गरीबों के आँसू को देख भारतमाता कराहती है ।अपने करोड़ों बच्चों के नग्न तन को देख क्षुब्ध होती है।कभी हमने गहराई से सोचा कि इतने दिनों बाद अपने ही शासन में भी क्यों हमारी स्थिति…

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लंग कैंसर

      लंग कैंसर पुरी दुनिया में होने वाले कैंसरों में सबसे अधिक लंग कैंसर के रोगी ही होते हैं ।हमारा शरीर अनेक प्रकार के अलग-अलग कोशिकाओं से निर्मित है, साधारणतः हमारा शरीर आवश्यकतानुसार नई कोशिकाओं के उत्पादन को नियंत्रित करता है ,जब कुछ कोशिकाएँ उत्पादन की नियंत्रण से बाहर हो जाए, बदलना शुरू…

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कैक्टस

कैक्टस दस दिन के दुधमुँहे मुन्ना को गोदी में लिए, देहरी पर खड़ी संचिता, कुछ अधिक खीझ और कम भय के साथ सामने बैठक में दीवान पर लेटे सचिन को देख रही थी। उसकी सास मनियादेवी अभी-अभी पैर पटकती इसी देहरी से बाहर निकली हैं। उनके स्वर का ताप संचिता के समूचे तन से लिपटा…

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