आज भी जिंदा है होरी

आज भी जिंदा है होरी त्रासदी सामान्य मनुष्य के जीवन का एक अनिवार्य अंग है। सुख और दुख दोनों ही जीवन के दो पहलू हैं। आशावादी कलाकार जीवन के दुख में क्षणों में भी आने वाले सुख की किरण देखता है और निराशावादी इस द्विधा में जीवन में दुखाक्रांत क्षणों को ही देखता है और…

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घर से चलकर पूरी दुनिया तक की यात्रा हैं – दिव्या की कहानियाँ

घर से चलकर पूरी दुनिया तक की यात्रा हैं – दिव्या की कहानियाँ चुनिंदा कथाकार ऐसे होते हैं जो शून्य से शुरू तो होते हैं किन्तु वे किस हद तक चले जाएंगे, इस बारे में कयास लगा पाना बहुत मुश्किल होता है। हिंदी साहित्य की पहली और दूसरी पीढ़ियों के कथाकारों और यहाँ तक कि…

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पेट की आग

पेट की आग रमिया का विवाह दीनू से लगभग सात वर्ष पूर्व महाराष्ट्र के एक छोटे से गांव में हुआ था। दीनू गन्ने के खेतों में श्रमिक के रूप में काम करता था। घर का गुज़ारा किसी तरह चल ही जाता था। धीरे-धीरे उसके चार बच्चे भी हो गए थे। रमिया, दीनू को समझाती थी…

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आखिर कब होगीं आजाद

आखिर कब होगीं आजाद इस बार का स्वतंत्रता दिवस हमारे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि इस बार हमारे देश को एक सूत्र में बांधने के लिए सरकार द्वारा एक विशेष कदम उठाया गया, जिससे आज जाकर हम सब एक हैं । यह कहावत चरितार्थ हुई है। आजाद हुए 70 साल हो गए हैं लेकिन…

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तीज के बहाने

तीज के बहाने तीज के बहाने स्त्रियां महीनों पहले से देखने लगती हैं पंचांग करनी होती हैं उसे कई तैयारियां नयी साड़ी, सिंदूर की डिब्बी, बिंदी, चुड़ियां और भी कई सुहाग की निशानियां तीज के बहाने बनाती है परम्परागत पकवान गुजिया ठेकुआ में मिलाती हैं अपने संस्कारों की मिठास फल फूल और पूजा सामग्री से…

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हल्की सी एक रोशनी

हल्की सी एक रोशनी नया एंटी रेप एक्ट पर राष्ट्रपति की मंजूरी की मोहर लगते ही महिलाओं के साथ होने वाले हर तरह के अपराधों के लिए कड़ी सजाएँ तय हो गई हैं। सुधार के बाद इस विधेयक को पारित किया गया है ।एंटी रेप कानून ने आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम 2013 के रूप में…

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बड़े घर की बेटी

बड़े घर की बेटी ‘बड़े घर की बेटी’ सामाजिक जीवंतता की एक कालजयी रचना है। मुंशी प्रेमचंद की कहानियां सीधी-साधी होती हैं और सामान्य ढंग से बातें करती हैं। इस कहानी में के चरित्र आने स्वाभाविक रूप में हैं और कथाकार ने कहीं भी भाषा कौशल या अभिव्यक्ति चतुराई का प्रयोग नहीं किया है। इन्हीं…

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हिंदी की पीड़ा

हिंदी की पीड़ा हिंदी, आज हिंदी दिवस का निमंत्रण पाकर वैसे ही खुशी से उछल पड़ी जैसे करवा-चौथ पर पति अपनी महत्ता देखकर फूला नहीं समाता है. वो उठी और सोलह श्रृंगार करके सभा-स्थल की ओर बढ़ गयी.वहाँ पर उसे विशिष्ट-अतिथि की कुर्सी पर बिठाया गया. ये देखकर उसका मन बल्लियों उछलने लगा.थोड़ी देर में…

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बारिश

बारिश!! शनिचरी को बारिश पसंद नहीं है! ये बुड़बक बारिश जब -जब आता है। वह खेत खलिहान घूमने नहीं जा पाती है। शनिचरी को बारिश पसंद नहीं है! मे मे करती उसकी सभी..बकरियाँ घर वापस आ जाती हैं बस एक झोपड़ी है फूस की उसमें वह रहेगी या उसकी बकरियाँ शनिचरी को बारिश पसंद नहीं…

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Dumped

DUMPED Goddess Durga immersed In a nearby pond Floating with stray ribs of straw and dry leaves non-stop A baby corpse wrapped emerged in dark blue Sadly a girl infant nipped in the bud by crooks. A baby with pale pink placenta could not bloom Dumped without mercy without a crying in doom Saddened the…

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