माटी का सपूत
माटी का सपूत देशभक्ति अपने उबाल पर थी, जय हिंद के नारों से गली-गली, मोहल्ला-मोहल्ला गूंज उठता था, समूचा देश एक क्रांति के दौर से गुजर रहा था । आए दिन देशभक्ति और वीरो की हुंकार देश की जनता के प्राणों में नये जोश भर देती थी, देशभक्तों की टोलियों द्वारा योजनाएँ बनाकर ट्रेनों पर…