हिंदी है हम

हिंदी है हम हिंदी को प्रायः भाषा मात्र समझने की भूल न जाने हम क्यों कर लेते हैं जबकि हिंदी तो भारत की चिंतन धारा का मूल है । इस बात से सभी सहमत हैं जो लोग अपनी मातृभाषा और मातृभूमि को यथोचित सम्मान नहीं देते उन्हें जीवन में पर्याप्त परिश्रम करने के बाद भी…

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शब्द सुमन : राष्ट्रकवि के चरणों में

शब्द सुमन : राष्ट्रकवि के चरणों में “मुझे क्या गर्व हो ,अपनी विभा का, चिता का धूलिकण हूँ, क्षार हूँ मैं। पता मेरा तुझे मिट्टी कहेगी, समा जिसमें चुका सौ बार हूँ मैं।” कौन है ऐसा स्वपरिचय देता हुआ? अरे वह तो ,सरस्वती का वरद पुत्र, रामधारी सिंह ‘दिनकर’ नाम जिसका हुआ। ‘राम’ को धारण…

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कभी देखा है किसी स्त्री को कर्ण होते..!!

कभी देखा है किसी स्त्री को कर्ण होते..!! कभी देखा है किसी स्त्री को कर्ण होते..!! कानो में कुंडल जिस्म पर कवच धारण किए हुए..??? संवेदनाओं का लक्ष्य भेद कुण्डलों सा सामाजिक विचारों को धारण करने की बातें।हाथों में मर्यादाओं की चूड़ियाँ, माथे पर भव्य सुर्ख लाल सौभाग्य की बड़ी सी बिंदी मानो सूर्य को…

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मां शारदे

मां शारदे जय मां शारदे,हे मां शारदे, हम सबको शुभ वर दे, विद्या का असीम भंडार भर दे, गागर में सागर भर दे, तू तो ज्ञान का रुप है, अज्ञानता का अंधकार मिटा दे, जीवन को सार्थक कर दे, हम सब सुंदर सृजन करें, संस्कारों से शोभित कर दे, विद्या का वरदान दे, तूने ही…

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Christmas Eve

Christmas Eve Long ago, in a far off land On a cool dark night A sudden music of choir grand A surprising wondrous sight! The angels delivered a message – A message to humankind A message in heavenly language From the heavenly Father kind: ‘Let there be Peace on earth Let humanity sing and rejoice…

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सावन क्वीन

बारी मैदान क्लब हाउस में सावन मिलन का प्रोग्राम रखा गया। जिसमें सावन क्वीन प्रतियोगिता एवं विभिन्न प्रकार के गेम और गीत -संगीत आदि का आयोजन किया गया था ।   सावन क्वीन प्रतियोगिता में संचालक के रूप में डॉ.शालिनी थी ।रीता रॉय, अलका जयसवाल और गीता गौड ने बेहतरीन नृत्य का प्रदर्शन किया।मेंहदी प्रतियोगिता…

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बिना पते की चिठ्ठी

बिना पते की चिठ्ठी मेरे घर के आगे एक छोटा बगीचा है जिसमें मैंने नारियल, नींबू, अमरूद, चम्‍पा, रातरानी, आम के पेड़ लगा रखे हैं। छोटी क्‍यारियों में गेंदा, चमेली, उड़हुल के फूल हैं। उड़हुल के भी कितने रंग है ना। जब छोटी थी तब केवल लाल या गुलाबी रंग के उड़हुल के फूल हुआ…

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‘ईदगाह’ मेरी पसंद

‘ईदगाह’ मेरी पसंद ‘ईदगाह’ हिन्दुस्तान के महान कहानीकार मुंशी प्रेमचंद जी की कहानी है। यह मुझे इसलिए बहुत अच्छी लगती है क्योंकि इस कहानी का मुख्य किरदार एक छोटा सा बच्चा है हामिद । यह अपनी दादी के पास रहता है क्योंकि उसके मां-बाप दोनों की मौत हो चुकी है। बचपन के सामान्य सपने व…

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देश की शान तिरंगा।

देश की शान तिरंगा। लहराये उतुंग शिखर पर देश की शान तिरंगा हमारा।। विश्व पटल पर विजयी है दे शांति का संदेशा प्यारा।। हम स्वतंत्रता के रंग में डूबे कश्मीर से कन्याकुमारी।। धर्म है सबकी मानवता एक राष्ट्र,एक नीति हमारी।। राष्ट्रभाक्ति है सबसे बढ़कर प्रेम से रहते हमसब मिलकर।। बलिदान हुए जो देश के लिए…

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