छत से छाये पिता

छत से छाये पिता माँ के आशीष-फूल में तुम मनका से जड़ते रहे पिता मौसम की बौछारों में भी तुम छत से छाये रहे पिता रोके थे अपने दम-खम से दिन के सब झंझावातों को गिरने से बचा लिया हरदम तुमने सपनों के पातों को विपरीत दिशा से धूलों की रोकते रहते आँधियों को जगते…

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हिन्दी फिल्में और हिन्दी का प्रसार

हिन्दी फिल्में और हिन्दी का प्रसार कहते हैं कि राजनीति, फिल्में और क्रिकेट — हम भारतवासियों का अस्सी से ज्यादा समय इनकी चर्चा करने में ही बीतता है। इन तीनों ने देश को कभी तोड़ा भी है और बहुत कहीं जोड़ा भी है। फिल्मों का तो भारतीय जीवन में और उनके मानस पटल पर बहुत…

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बड़े लोकेर बेटी लोग

बड़े लोकेर बेटी लोग यह बहुत पुरानी बात नहीं है। एक शहर में एक व्यापारी परिवार था। धन दौलत, ऐशो–आराम की कोई कमी नहीं थी। दूसरे विश्व युद्ध के समय कपड़ों के व्यापार में अच्छी आमदनी हुई। पूरे शहर में एक ही कोठी थी-पीली कोठी। घर के सामने बगीचा, शेरों वाली मूर्ति और संगमरमर का…

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मन और गुलाब

मन और गुलाब मन गुलाब सा कोमल सुरभित, आज कर रहा स्नेह निवेदित संग साथ का सुख चाहें हम मेरी कविता तुम्हें समर्पित मन वाणी और भाव हृदय के आज सभी तुमको को है अर्पित यह गुलाब सी रंजित कविता बने दोस्ती की मिसाल जब हम तुम बंधे एक बंधन में गुथे हुए फूलों से…

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रुदाली-गुलाबो

“रुदाली-गुलाबो” रुदाली अपने समय की चर्चित फिल्म रही है। फिल्म देखने वालों को पता है कि राजस्थान में रुदाली उन महिलाओं को कहा जाता है जो रईस लोगों के मरने पर रोने का स्वांग करती हैं। जो जितना बड़ा स्वांग रच सके वह उतनी बड़ी रुदाली , और जिसके न रहने पर रोने का स्वांग…

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कलयुगी सावित्री

कलयुगी सावित्री रोज की तरह उस दिन भी धनिया काम करने आई तो बहुत बुझी बेजान सी दिख रही थी ।मैं अभी अभी स्कूल से लौटी थी इसलिए मैंने उस पर ध्यान नहीं दिया वह जूठे बर्तन उठाकर उन्हें साफ करने चल पड़ी ।मैं थोड़ी देर आराम करने के लिए बिस्तर पर लेट गई अक्सर…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- एम. एस. स्वामीनाथन

भारत के अन्नदाता- एम. एस. स्वामीनाथन खेतों में बालियान खड़ी थीं पर उसमें दाने कम थे भूखा था देश सारा और पड़े बेवस से हम थे दुखी हुआ स्वामीनाथन तब खोज कुछ ऐसी कर डाली हरित क्रांति आयी देश में मुस्कुरायी गेंहूं की बाली। गोदाम भरे अनाजों से जेबों में हरियाली छाई धरती उम्मीद से…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- जेआरडी टाटा

जेआरडी टाटा  जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा का जन्म 29 जुलाई उन्नीस सौ चार को पेरिस, फ्रांस में हुआ । वे रतनजी दादाभाई टाटा और उनकी फ्रांसीसी पत्नी सुजैन ब्रीएयर की दूसरे संतान थे। उनके माता-पिता की कुल 5 संतानें थीं। जिसमें जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा दूसरे नंबर पर थे। उन्होने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कैथेडरल और…

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वसीयत

वसीयत दिन – रात, सोते- जाते ,उठते- बैठते, एक ही ख्याल, एक ही बात , एक ही विचार, अपनी लाडली के नाम वसीयत में क्या करूँ ? क्या दूँ उसे जो उसकी मुस्कान सदाबहार बनी रहे ? क्या करूँ उसके नाम कि उसकी आँखों में बिजलियाँ चमकती रहें, क्या लिख दूँ जिसे पाकर वह सनातन…

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अयोध्या विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय का फैसला

अयोध्या विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय का फैसला अयोध्या विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने सर्वसम्मति से फैसला देते हुए केंद्र सरकार को तीन महीने के भीतर मंदिर निर्माण के लिये एक ट्रस्ट स्थापित करने, मंदिर निर्माण की योजना बनाने तथा संपत्ति का प्रबंधन करने का आदेश दिया।…

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