सौभाग्यवती रहूँ सदा

सौभाग्यवती रहूं सद तेरे प्रेम के सिंदूर से मेरा जीवन हो सप्तरंग तेरे स्नेह की बिंदिया से फिले रहे मेरा मुख तेरे विश्वास की चुडिय़ां से खनकती रहे मन तेरा मंगल होना ही मेरा मंगलसूत्र रहे तेरी खुशियों ही मेरे पायल की छुनछुन रहे तेरी सफलता की खुशी से ओठ सुर्ख लाल रहे तुझे न…

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विजयी भारत

विजयी भारत आप में से बहुतों ने १९६२ का युद्ध देखा होगा व उसकी कहानियां भी सुनी होंगी।मेरे भी ज़हन में आज कई दिनों से वो १९७५ का पाकिस्तान व भारत के युद्ध जिसके “सायरन” की गूंज,वो मेरे घर की छत से जहाजों की फर्राटेदार उड़ानें और उस पर हम दोनों बहनों को मां और…

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कोविड-19 और विश्व

कोविड-19 और विश्व साल 2020 नववर्ष की शुरुआत मंगल कामना एवं बधाइयों के साथ साथ कोरोना वाइरस की सूचनाओं से हुई । अंतर्राष्ट्रीय समाचारों में देश दुनिया की खबरों में कोरोना संक्रमण की सूचनाएं आने लगी ।चीन से कुछ ऐसे विडियो प्रसारित हुए जिसमें लोग खड़े- खड़े गिर रहे थे। खबरों का बाजार गर्म होने…

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महादेवी वर्मा – हिंदी के विशाल मंदिर की सरस्वती !!

महादेवी वर्मा – हिंदी के विशाल मंदिर की सरस्वती !! नष्ट कब अणु का हुआ प्रयास विफलता में है पूर्ति-विकास। (-रश्मि) सन 26 मार्च 1907 में फर्रुखाबाद में, पिता बाबू गोविन्दप्रसाद और माता हेमरानी देवी के घर में छायावाद के उस चौथे स्तंभ का जन्म हुआ जिसे महादेवी वर्मा के नाम से जाना जाता है।…

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गणतंत्र

गणतंत्र आज घर लौटते हुए शालिनी बहुत थकान महसूस कर रही थी। अगले दिन २६ जनवरी थी, इसलिए वो स्कूल में होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह के लिए बच्चों को तैयार कर रही थी। पांचवी कक्षा की क्लास टीचर होने के साथ साथ उस पर स्कूल में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी जिम्मेदारी थी।…

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नई राष्ट्रीय शैक्षिक नीति और उच्च शिक्षा प्रणाली

नई राष्ट्रीय शैक्षिक नीति और उच्च शिक्षा प्रणाली नई राष्ट्रीय शैक्षिक नीति (NEP) 2020 भारत में शिक्षा के सभी स्तरों पर परिवर्तनों लागू करने का प्रयास है, जिसमें देश में शिक्षा की nai समझ- स्कूलों, कॉलेजों और शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के दृष्टिकोण में बदलाव की आवश्यकता पर बल है एनईपी ने मानव संसाधन विकास…

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वर्तमान साहित्य में स्त्री उत्थान क्यों और कैसे ?

  वर्तमान साहित्य में स्त्री उत्थान क्यों और कैसे ? साहित्य के संदर्भ में चाहे अतीत हो या वर्तमान अथवा भविष्य। उत्पीड़ा की एक त्रासदी होती है। अतीत हमेशा भुक्तभोगी पीड़ाओं से गुज़रता है, तो वर्तमान आशादायी भविष्य की ओर संकेत करता है। पीड़ा और त्रासदी में कोई परिवर्तन नहीं होता, केवल समय गतिशील होता…

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संपादक की बात

संपादक की बात चलना है, केवल चलना है ! जीवन चलता ही रहता है ! रुक जाना है मर जाना ही, निर्झर यह झड़ कर कहता है (आर सी प्रसाद) जो जीवन की धूल चाट कर बड़ा हुआ है तूफ़ानों से लड़ा और फिर खड़ा हुआ है जिसने सोने को खोदा, लोहा मोड़ा है जो…

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बदला हुआ आदमी

बदला हुआ आदमी गाड़ी स्कूल के मैदान में आकर रुक गई। गेट पर मौजूद लोगों ने अन्दर जाकर मुख्य अतिथि के आगमन की सूचना दी। यह सुनकर आयोजकों में खुशी की लहर दौड़ गई। स्कूल के प्रधानाचार्य गाँव के कुछ गणमान्य नागरिकों के साथ गेट पर आए। सबने माल्यार्पण कर मुख्य अतिथि का स्वागत किया…

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