Amma

Amma My mother was full of natural grace, Strong, beautiful dynamic pace, Moulded her children with iron hands, Not like footprints on seashore sands. Like four seasons of the year, Changed her moods without fear, Protected her creations from heat or rain, No storm could discourage or make her vain. Like a hawk she watched…

Read More

पिता

पिता देखा है बचपन से कैसे अपनी हर ख्वाहिश को छिपा कर हम भाई बहन को दी हर सुख की छांव कभी न रुके न थके कभी न कहीं गए कभी न कोई छुट्टी बस काम और बस काम अच्छी से अच्छी शिक्षा खान पान ,पहनावा रखा हम भाई बहन का कर खुद के लिए…

Read More

माँ तू अनमोल है

माँ तू अनमोल है न जाने कितनी ही बार लड़खडाते कदमो को संभाली होगी माँ न जाने कितनी ही बार गिरने से बचाई होगी माँ न जाने कितनी ही बार गोद में लेकर थपकी दी होगी माँ न जाने कितनी ही बार कितने जतन की होगी मेरी हंसी खुशी के लिए माँ न जाने कितनी…

Read More

प्यारी बेटी

    प्यारी बेटी हालाँकि सरकार ने कोरोना सम्बंधित नियमों में काफ़ी छूट दे दी थी, लेकिन अमित की बेटी अंकिता के ऑफिस वालों ने अभी भी घर से ही काम करने को प्राथमिकता दी थी।अमित की पत्नी सरला एक  स्कूल में अध्यापिका थीं और शाम होने से पहले घर आ जाती थीं ।इसलिए ऑफिस…

Read More

लघुकथा- माँ के साथ फोटो

लघुकथा- माँ के साथ फोटो बड़ा ही अजीब आदमी है हमारा बॉस। अभी पिछले साल ही ट्रांसफर होकर आया था। उसका हर काम ही अलग निराला होता है, जाने कहाँ से उसे क्या विचार आ जाते हैं, बड़ी IIM से MBA करके आया हुआ है, उसकी नियुक्ति,ऑफिस में कर्मचारियों में बढ़ते हुए डिप्रेशन को कम…

Read More

पेट की आग

पेट की आग रमिया का विवाह दीनू से लगभग सात वर्ष पूर्व महाराष्ट्र के एक छोटे से गांव में हुआ था। दीनू गन्ने के खेतों में श्रमिक के रूप में काम करता था। घर का गुज़ारा किसी तरह चल ही जाता था। धीरे-धीरे उसके चार बच्चे भी हो गए थे। रमिया, दीनू को समझाती थी…

Read More

कितनी और कैसी: आजादी ?

कितनी और कैसी:: आजादी ? आधी आबादी की आजादी कैसी और कितनी? इस पर हमेशा बात होती रहती है। कानूनी और संवैधानिक फ्रेम में सब कुछ बहुत आदर्श लगता है। समानता, स्वतंत्रता, और न्याय पाने के अधिकार सभी के लिए हैं। न्यायपालिका से संरक्षित भी हैं।लेकिन क्या स्त्री क्या पुरुष, दोनों के लिए ये किताबी…

Read More

COVID AND HEALTH

COVID AND HEALTH As the world continues to deal with the COVID-19 pandemic at least a third of the global population continues to find itself under a so-called ‘lockdown’, while others are having to follow some form of social distancing. While many countries are considering plans to lift restrictions in the coming months, this will…

Read More

अरे! जरा संभल कर

अरे! जरा संभल कर अँधेरी गलियों के स्याह- घुप्प अंधकार में, आशंकित- भयभीत ह्रदय ढूँढेगा तुम्हारा हाथ, पकड़ जिसे मैं चुभते पत्थरों पर, चलने में लड़खड़ाने पर, गिरफ्त को और महसूस करूँ कसता हुआ, इन शब्दों के साथ,”अरे! जरा संभल कर।” जब कोरों से झाँकते बूँदों को, तुम संभाल लो अपनी हथेलियों में, फिर बना…

Read More