भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- सुभद्रा कुमारी चौहान

अग्रणी महानायिका “हिंदी साहित्य हमेशा समाज से सम्बद्ध रहा है। साहित्य मात्र मनोरंजन का माध्यम नहीं वरन सामाजिक समस्याओं और विसंगतियों का आईना भी है।” आधुनिक हिंदी साहित्य के क्षेत्र में शुरुआत से ही देश की स्वतंत्रता की आवश्यकता और गुलामी की विवशता पर लेखकों ने खुल कर कलम चलाया था।भारतेन्दु हरिश्चन्द्र से लेकर आज…

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नई शिक्षा नीति :एक चिरप्रतीक्षित अनिवार्य कदम

नई शिक्षा नीति :एक चिरप्रतीक्षित अनिवार्य कदम भारत ऋषियों – मुनियों, योग,ध्यान और प्राणायाम की धरती रही है। सदियों पहले से यहां पृथ्वी के अध्ययन वाले विषय को ‘भूगोल’ और जिसकी गति हो उसे, ज+गत=’जगत’ कहा गया। अपनी इसी सभ्यता और समृद्धि के कारण, भारत हमेशा से ही विदेशी आक्रमणों का शिकार और दुश्मनों के…

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भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में महिलाएं

भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में महिलाएं भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं की भूमिका को सराहा तो गया है लेकिन उन्हें इतिहास में उचित स्थान नहीं दिया गया। इन महिलाओं ने स्वतंत्रता अर्जित करने के लिए पुरुषों से कंधे से कन्धा मिला कर संघर्ष किया। अतः ब्रिटिश राज़ में भारत के लिए स्वतंत्रता संघर्ष में महिलाओं के…

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मीठे बोल

मीठे बोल जो भी देवेश की कक्षा से स्टाफ रूम में आता, वह झल्लाते हुए कहता-” पता नहीं यह कैसा लड़का है नाक में दम कर रखा है।” कोई भी टीचर ऐसा नहीं था जो उसकी शिकायत ना करता हो ।सभी को परेशान कर रखा था उसने । देवेश सामान्य बालकों से अलग था ।…

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तड़प

तड़प यादों की धूप में बैठी अंजली का मन साइबेरिया के पंछी की तरह इस शहर से उस शहर उड़ रहा है । अपनी बालकनी से ही न जाने कहाँ कहाँ की सैर कर रही है ।आज उसका मन फिर से विचलित हो रहा था। उसे आज राज की यादें आ रही थी । गाँव…

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सौम चन्द्रिका

सौम चन्द्रिका गरल गरल हुआ वदन सुधाविहीन सिंधु मन। जल रहा नयन नयन धुआं धुआं धरा गगन।। स्वार्थ छद्म से यहाँ चिनी गई इमारतें मूक प्राणियों के कत्ल से सजी इबादतें नाम पर विकास के हरा भरा भी कट रहा वक्ष भूमि का लहूलुहान जैसे फट रहा कर्णभेदती बिगाड़ती रही ध्वनि: पवन मूल से उखड़…

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श्रेया

श्रेया   ऑफिस से लौटकर श्रेया कमरे में अपनी बैग रखने गई । अनायास ही उसकी नज़र दीवार पर टँगी नानी की तस्वीर पर गई।श्रेया के जीवन में नानी की अहमियत बहुत थी । या यूँ कहें कि नानी उसकी सब कुछ थी।तस्वीर को देख श्रेया की आँखों से अविरल आँसू बहने लगे ।  …

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यू आर माय वैलेंटाइन

यू आर माय वैलेंटाइन मैं और तुम दो अलग अलग चेहरे दिल शरीर जान आत्मा व्यक्तित्व परिवार दोस्त वातावरण फिर भी हम ऐसे एक दूसरे मे यूं समाहित हुए मेरा सब कुछ हुआ तेरा तेरा सब कुछ हुआ मेरा तेरा मान सम्मान स्वभिमान सुख दुःख सफलता धन सम्पत्ति परिवार जिम्मेदारी हुई मेरी और मेरी हुई…

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