भोर की प्रतीक्षा
भोर की प्रतीक्षा आज प्लेटफार्म पर कुछ ज्यादा ही भीड़ थी,शायद कोई रैली जा रही थी..पटना,लोग दल के दल उमड़े चले आ रहे थे ,हाथों में झंडे ,छोटे बड़े झोले,गठरियाँ लादे हुए …मुफ्त में यात्रा कर ,कुछ रूपये बचाने के लिए बेबस मजबूर लोग भी थे।तोकुछ ऐसे लोग भी थे जो रैली के बहाने बिना…
हमारी हिन्दी
हमारी हिन्दी हिन्दी भारत की हर श्वास है, इक नवीन विश्व की आस है। तन में बहता अरुण रक्त है, हर भारतवासी इसका भक्त है। हिंदी प्रेम-विजय की बोली, मानवता पनपी इसकी झोली। यही ग्रीष्म-शीत ऋतु बसंती, माँ देवी के माथे की बिंदी। वर्ण से शब्द, शब्द से वाक्य, हर भाव में भाषा महान है।…
मंच हमारा विचार आपका
मंच हमारा विचार आपका भारतीय समाज आज शिक्षित ,स्वतंत्र और आधुनिक होने के बाद भी मध्यकालीन युगीन भारतीय समाज की तरह ही महिलाओं के प्रति संकीर्ण एवं विकृत मानसिकता का शिकार है जिसके कारण महिलाओं पर अपराध दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। आज महिलाओं के प्रति अपराध में तेजी से बढ़ोतरी हुई है…
नर का पौरुष
नर का पौरुष जब-जब संकट ने जाल बुना नर ने पौरुष का वार चुना यूँ शैय्या पर जीकर क्या हो उसने मृत्यु अधिकार चुना विद्युत सम तलवार लिये तड़ितों को अपने तुनीर धरे लगा गाँठ जनेऊ में भरकर भीषण हुंकार चला कितने रत्नाकर लाँघ दिए अगणित सेतु भी बाँध दिए माँ के वचनों की रक्षा…
मैं कतरा कतरा
मैं कतरा कतरा मैं क़तरा क़तरा अन्तस् का लो तुम्हें समर्पित करती हूँ। बस याद में तेरी दीपक सी प्रिय लौ बनकर मैं जलती हूँ। मेरे जीवन के मरुथल में, तुम ही पानी की धार बने। पतझड़ के मौसम में प्रियतम, तुम साँसों का आधार बने। अब दरस की आस में अँखियों से, मैं स्वयं…
प्लास्टिक के फुल
प्लास्टिक के फुल शिखा की आज क्लास नहीं थी। लेकिन तब भी वह आज कॉलेज आई थी। स्टाफरूम में अपना बैग रखकर वह बैठ गई थी। ये ऑल गर्ल्स कॉलेज’ है और ज्यादातर प्राध्यापिकाएँ महिला ही हैं। इकक््का-दुक्का ऑफिस स्टाफ, कम्प्यूटर डाटा विशेषज्ञ और अर्थशाक्त्र के प्रोफेसर डॉ. भगत को छोडकर। जब उसने कॉलेज ज्वाइन…