तामील

तामील   हुक्मे नज़रबंदी है ये फ़रमाया आला पीर ने तू बहुत नाचीज़ बन्दे तू हुक्म की तामील कर   वक्त की पाबंदगी का है यह फ़रमान प्यारे तू बहुत ख़ुदगर्ज़ बन्दे फरमां यह क़बूल कर   तू रहेगा आज से पिंजरे में ज्यूँ पंछी कोई तू बहुत आज़ाद बन्दे पिंजरे से ना परहेज़ कर…

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विनायक पूजन

विनायक पूजन तीज त्यौहार की रौनक कुछ ऐसी आई , संग पार्वती गजानन लाई। कितनी अद्भुत लीला है, बरसो बाद ये नज़ारा है। ना ही ढोल और ताशे है, ना ही बाप्पा का नारा है। सूनी आंखें पंडाल नदारत, मंदिर में मीलों की सूनी कतार नदारत। ना वो मोदक ना वो वेंडी , मूर्तिकारो के…

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हम हिन्दुस्तानी की है शान

हम हिन्दुस्तानी की है शान प्यारी “मां” की बिंदी । सबकी प्यारी हिंदी।। भारत वर्ष में चारों ओर बोलने वाली अनगिनत भाषाओं में यह कहना की कौन सी भाषा अधिक व कौन सी कम बोली जाती है। उत्तर भारत में हमेशा से ही हिन्दी बोली जाती हैं कि । अनेकों लेखक ,कवि ,संतों ने हिंदी…

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स्नेहमय व्यक्तित्व –ममता कालिया

स्नेहमय व्यक्तित्व –ममता कालिया ‘ममता कालिया, एक ऐसा नाम है जो हिंदी साहित्य लेखन में सर्व स्वीकृत है। उनका मुस्कुराता चेहरा और मिलनसारिता सभी को आकर्षित करती है। मेरे पिता हिंदी के साहित्यकार और आचार्य रहे हैं उपकुलपति भी। अतः उनके कारण ममता जी के लेखन और स्वभाव से परिचित रही। इनकी जोड़ी हिंदी साहित्य…

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रत्न बड़े अनमोल

   रत्न बड़े अनमोल-                    ————————-    औषधि मणि मंत्राणाम्, ग्रह-नक्षत्र  तारिका। भाग्यकाले भवेत् सिद्धिः , अभाग्यं निष्फलं भवेत ।। अर्थात, औषधि, मणि(रत्न) एवं मन्त्र, ग्रह-नक्षत्र जनित रोगों को दूर करते हैं। यदि समय सही है तो शुभ फल प्राप्त होते है, जबकि विपरीत समय में ये…

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पिता पूरा संसार है

पिता पूरा संसार है माँ आधार है तो पिता पूरा संसार है पूरी दुनिया में जो बिना थके चले वो बेशुमार प्यार है बच्चों का भविष्य सुधार सके इसके लिए हर दम तैयार है ऊपर से सख्त अंदर उनके प्यार ही प्यार है माँ आधार है तो पिता पूरा संसार है जिससे सीखा ईमानदारी का…

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ममता कालिया से सन्दीप तोमर की साहित्यिक चर्चा

ममता कालिया से सन्दीप तोमर की साहित्यिक चर्चा ममता कालिया हिंदी साहित्य की प्रमुख भारतीय लेखिका हैं। वे कहानी, नाटक, उपन्यास, निबंध, कविता जैसी अनेक साहित्यिक विधाओं में बराबर दखल रखती हैं। हिन्दी कहानी के परिदृश्य पर उनकी उपस्थिति सातवें दशक से निरन्तर बनी हुई है। लगभग आधी सदी के काल खण्ड में उन्होंने 200…

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मार्गरेट मीड

मार्गरेट मीड सर्वविदित है कि मानव से अधिक अस्थिर मति, विविध क्रिया कलापों में व्यस्तता एवं परिवर्तित मानसिकता जैसा अन्य कोई जीव पृथ्वी पर नहीं।समय समय पर मानवशास्त्रियों ने अनेक अध्ययन और सर्वेक्षण भी किये थे,जिनके भिन्न परिणाम सामने आये थे। मार्गरेट मीड एक ऐसी मानवशास्त्री, जिन के महान व्यक्तित्व ने उन का कद इतना…

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जागृति

जागृति हरसिंगार के छोटे छोटे फूल पेड़ों के नीचे गलीचा से बिछ गए हैं उनके फूलों की भीनी खुशबू से हवा मदमस्त ! और मदमस्त हवा अपने झोंके में गूंजते मंत्रोच्चारण को जैसे झूला झूला रही, दुर्गा मां का आगमन जो हो गया है, ढाक की आवाज आरती मेें बजती घंटियां, पावन कर रही हैं…

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