पहले मैं इंसान हूँ
पहले मैं इंसान हूँ पहले मैं इंसान हूँ फिर नारी हूँ बेटी हूँ बहन हूँ पत्नी हूँ माँ हूँ दोस्त हूँ दुश्मन हूँ रिश्वतों का दरीचा हूँ जानती हूँ हज़ारों खामियां हैं मुझमें पर जैसी हूँ अच्छी हूँ आखिर इंसान हूँ देखती हूँ खुद को खुद की निग़ाहों से अपूर्ण हो कर भी खुद में…
सर्वं शिवमयं जगत
सर्वं शिवमयं जगत ‘सर्वं शिवमयं जगत:’ – इस जगत में सबकुछ शिव का ही प्रकटीकरण है। वह सबसे सुंदर हैं तो सबसे भद्दे और बदसूरत भी। अगर वो सबसे बड़े योगी व तपस्वी हैं तो सबसे बड़े गृहस्थ भी। वह सबसे अनुशासित भी हैं, सबसे बड़े पियक्कड़ और नशेड़ी भी। वे महान नर्तक हैं तो…
दूध के दाम
दूध के दाम प्रेमचंद साहित्य की समीक्षा करना थोड़ी जुर्रत की बात है! कहानी विधा के दूसरे उन्मेष काल के चमकते सितारे प्रेमचंद थे।कोई सोच भी नहीं सकता था कि किसी की लेखनी से कहानियों की ऐसी गंगा प्रवाहित होगी जिसमें भारतीय ग्रामीण समाज केंद्र में होगा और बरसों ये कहानियाँ समय की धारा में…
संवेदनशील कलम की धनी-टोनी मोरिसन
संवेदनशील कलम की धनी-टोनी मोरिसन टोनी मोरिसन एक प्रख्यात अमेरिकी कवयित्री, नाटककार, और उपन्यासकार थीं। मॉरिसन ने अफ्रीकी अमरीकी जीवन को गहराई से जिया और उनमें से कहानियाँ गढ़ कर लोगों के सामने रखा। उनका लेखन मनोरम, काव्यमय गद्य का बेहतरीन उदाहरण है। यूँ तो सुरुचिपूर्ण लेखन में उनका परम विश्वास था, परन्तु जो…
यह_कैसी_शिक्षा
यह_कैसी_शिक्षा शिक्षा प्राप्त करना हमारे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य होता है, न केवल ज्ञान अर्जित करने के लिए, अपितु रोजगार प्राप्ति के मुकाम की ओर अग्रसर होने के लिए भी यह खासतौर पर सहायक होता है। पर हमारे समाज में शायद इस दिशा में कुछ ज्यादा ही ध्यान दिया जा रहा है और मैं…