Lantern of love
Lantern of love Mother. A touch of unscrupulous affection Fluttering of chivalric greatness Infinity of mental beauty You enliven faded memories You encourage charity events You change the flow of time, of the historical error You teach the universe generously You magnetize sea treasures You magically unlock the cabinets of the earth You endure the…
चाहत चाय की
चाहत चाय की गुदगुदाती सर्द तन को, ताप देती है बदन को, भोर की स्वर्णिम लाली। उसपे गर्म चाय की प्याली तन को देती सुकून निराली। चाय में घुलता मिठास, जब अपनो का हो साथ। चाय की हर गर्म चुस्की, होठों पे बिखेरतीं मुस्की, हर घूंट पियूषा सा लागे जब चाय की चाहत जगे। फूर्ति…
प्राण का संबंध
प्राण का संबंध “सुनो तुम्हारी माँ का क्या नाम है?” स्कूल के प्रांगण में एक छात्रा को रोकते हुए प्रीति ने पूछा। लड़की हतप्रभ होकर प्रीति को देखने लगी। प्रीति मुस्कुराई। लड़की से कहा- “मैं समझ रही हूँ तुम्हारे दिल की बात। लोग अमूमन पिता का नाम पूछते हैं और मैंने तुमसे तुम्हारी माँ का…
पुत्री को पत्र
पुत्री को पत्र प्रिय तान्या खुश रहो कुछ दिनों से देख रही हूँ तुम बीच बीच में बहुत भावुक हो जाती हो।कल ही तुमने बातों बातों में मुझसे कहा कि माँ कभी-कभी लगता है मैं तुम्हारेजैसी होती जा रही हूँ। अब तो वही सब करने लगी हूँ जिनका मैं कभी मजाक बनाया करती थी। माँ तुम्हारा…
राम और राजनीति
राम और राजनीति संस्कृत के रम् धातु से बने कण-कण में बसने वाले राम,शब्द और नीति दोनों ही दृष्टियों से राजनीति की हवा में रचे बसे नजर आते हैं।राम की राजनीति को दो प्रकार से देखा जा सकता है। ‘राम की राज-नीति’ और ‘राम की राजनीति’। राम के नाम पर की जाने वाली राजनीति आज…
हिंदी साहित्य में ग्रामीण लोकप्रिय और कालजयी कहानियां
हिंदी साहित्य में ग्रामीण लोकप्रिय और कालजयी कहानियां आज 14 सितंबर यानी हिंदी दिवस है। हिंदी दिवस मनाने का औचित्य हिंदी के उपयोग को और अधिक बढ़ावा देने से पूर्ण होता है। हिंदी साहित्य अपनी सभी विधाओं में इतना समृद्ध है कि यहां पर उन सबका एक साथ जिक्र कर पाना संभव नहीं होगा। इसलिए…
दोगले इंसान
दोगले इंसान सहमी खड़ी है इंसानियत कौन मसीहा कौन हैवान ! सोच-समझ चली चालों को फिर दे देते हादसों का नाम ! पूज कर कन्या रस्म निभाते नज़रों में छुपा रखते शैतान ! ओढ़ मुखौटा धर्म-कर्म-कांड पूजते अल्लाह औ भगवान ! पत्थरों में दिखता जिनको ईश् जीवों की पीड़ा से वो अनजान ! पढ़ न…