ममता कालिया

ममता कालिया ‘ममता से मिलने चलोगी? मुझसे पूछ रहे थे आदरणीय रवींद्र कालिया जी डायरेक्टर ज्ञानपीठ ‘9 साल छोटी पत्नी’ ‘गालिब छुटी शराब’ फ़ेम के लेखक जिन्हें हमने बचपन से पढ़ा था पत्रिकाओं में मुझसे मुखातिब थे! क्या खुशनुमा दिन होगा! और पूछ रहे थे ममता जी यानी ममता कालिया के बारे में, जिनकी प्रसिद्धि…

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सतह की धूप

सतह की धूप नीरजा फूले नहीं समा रही थी। चारों तरफ बधाईयों का तांता लगा हुआ था। ममी – पापा उसे गले लगा के बैठे थे। पूरे जिले में सबसे अच्‍छे नम्‍बर लाकर वह पास हुई थी बारहवीं क्‍लास में। टेबल पर लड्डू के डिब्‍बे रखे थे। किसी ने गले में गेंदे की माला डाल…

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India’s Neighbourhood Policy Must Change In View Of Emerging Developments                             

India’s Neighbourhood Policy Must Change In View Of Emerging Developments      Well, it’s election time in our neighbourhood : Myanmar, Bangladesh and Nepal. Fed up with slowing down of the economy, bouts of violence & unrest and a bleak future for youth, the common voter is looking for much needed change and relief in…

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एक शिक्षिका ऐसी भी

एक शिक्षिका ऐसी भी बात उन दिनों की है जब मेरी नियुक्ति मुम्बई के एक प्रसिद्ध कनिष्ठ महाविद्यालय में हुई थी।परिवार,दोस्त,रिश्तेदार सभी प्रसन्न थे कि सरकारी नौकरी मिल गयी,अब जिंदगी आराम से गुजरेगी।काम हो ना हो,तनख्वाह तो शुरू ही रहेगी।आज भी सरकारी नौकरी के प्रति लोगों की मानसिकता में अधिक अन्तर या बदलाव नहीं आया…

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लॉकडाउन

लॉकडाउन कोरोना वैश्विक महामारी ने हम सब के जीवन को रोक सा दिया है । सब कुछ बंद है, आवागमन ,व्यापार , पर्यटन , उद्योग धन्धे , होटल रेस्टोरेंट , सिनेमा उद्योग , नौकरियां आदि । सब कुछ वर्क फ्रॉम होम हो गया है चाहे वह शिक्षा यो या सरकारी , प्राइवेट काम काज ।…

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अपने राम

अपने राम   इनके,उनके,किनके राम, सबके होते अपने राम। कबिरा के भी अपने राम, तुलसी के भी अपने राम।   तन में राम,मन में राम, सृष्टि के कण -कण में राम। क्षण में राम, तृण में राम, सब भक्तों के दिल में राम।   केवट के भी अपने राम, सबरी के भी अपने राम। सुग्रीव…

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माँ का मातृत्व

माँ का मातृत्व नौ महीने गर्भ से हो जाता सफर शुरू माँ का फिर जन्म देते ही उसकी सारी दुनिया घूमती सिर्फ अपने बच्चे के ही इर्द गिर्द हर आँसू, हर दर्द, हर दुःख हर तकलीफ बन जाती उसकी छोटी अपने बच्चे की मुस्कान के आगे माँ का मातृत्व ही कुछ ऐसा है जिसका न…

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शादी एक गुनाह

शादी एक गुनाह अभी पूजा करने के लिए आसन बिछा कर शांत चित्त होकर बैठी ही थी कि बाहर दो महिलाओं की तेज़ आवाज़ में बात करने की चिरपरिचित आवाज़ आने लगी। फ़िर भी उधर से अपना मन हटाकर मै पूजा करने लगी थोड़ी देर के बाद उन दोनों में से एक महिला ज़ोर ज़ोर…

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