Glory Of India

Glory Of India May old glory of India always wave, Above tumult in three colours fray, Honour great heroes who are brave, Standing by the ethical justice stay. Rich traditions and heritage true, Robust hearts everywhere rule, Symbol of prayers bear their fruits, Battles are won based on the truth. May haters of our land…

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यू आर माय वैलेंटाइन

यू आर माय वैलेंटाइन   प्यार मोहब्बत आशिकी ये बस अल्फाज थे। मगर… जब तुम मिले तब इन अल्फाजोंं को मायने मिले बदलना आता नहीं हमें मौसम की तरह, हर इक रुत में तेरा इंतज़ार करते हैं, ना तुम समझ सकोगे जिसे क़यामत तक, कसम तुम्हारी तुम्हें इतना प्यार करते हैं।   0

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मुंशी प्रेमचंद

मुंशी प्रेमचंद महान साहित्यकार युग दृष्टा, कालजई कथाकार मुंशी प्रेमचंद जी की जयंती पर हार्दिक नमन। मुंशी प्रेमचंद जी की कहानियां आज भी प्रसांगिक है। प्रेमचंद जी सर्वांगीण संपूर्णता के कुशल कथाकार कहे जाते हैं। प्रेमचंद जी कई भाषाओं के ज्ञाता भी थे उन्होंने पहले उर्दू में लिखा फिर हिंदी में लिखने लगे उन्होंने बहुत…

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माँ शारदे की रहे कृपा

माँ शारदे की रहे कृपा पीले पत्तों से झरे गम सारे खिली खुशियां बन नव कलियां आया लेकर नव हर्ष नव उत्साह बसन्त ये खिली पीली सरसों चमकी सूरज की लालिमा खिली कोपलें कोमल कोमल नई पत्तियों से हुआ श्रृंगार पेड़ों का बसंत आया बन खुशियों भरे नव जीवन का दूत माँ शारदे की रहे…

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माटी का सपूत

माटी का सपूत देशभक्ति अपने उबाल पर थी, जय हिंद के नारों से गली-गली, मोहल्ला-मोहल्ला गूंज उठता था, समूचा देश एक क्रांति के दौर से गुजर रहा था । आए दिन देशभक्ति और वीरो की हुंकार देश की जनता के प्राणों में नये जोश भर देती थी, देशभक्तों की टोलियों द्वारा योजनाएँ बनाकर ट्रेनों पर…

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सरिता सुराणा की कविताएं

सरिता सुराणा की कविताएं १.आओ अमृत महोत्सव मनाएं आओ अमृत महोत्सव मनाएं आजादी की गौरव गाथा गाएं। याद करें आजादी के रणबांकुरों को गुमनामी के अंधेरों में खोए उन वीर शहीदों को श्रद्धानत हम शीश नवाएं। आओ अमृत महोत्सव मनाएं।। न भूलें बाल, पाल और लाल के साहस को भगतसिंह, राजगुरु और सुखदेव के बलिदानों…

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अनाथ लड़की

अनाथ लड़की यह तो निर्विवाद सत्य है कि साहित्य समाज का आईना है, और सच्चा साहित्यकार वहीं है, जो तत्कालीन परिस्थितियों के परिवेश में समाज में व्याप्त आचरण, सभ्यता और कुरीतियों से आपको परिचित कराता है। पर यही वह साहित्यकार है, जो आपको समाज के कटु यथार्थ के साथ साथ उसके लिए खूबसूरत आदर्शों की…

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आदित्यपुर में बदलता पर्यावरण और हम

आदित्यपुर में बदलता पर्यावरण और हम झारखंड के सरायकेला खरसावां जिले के गम्हरिया प्रखंड में आदित्यपुर क्षेत्र आता है l बीसवीं सदी तक आदित्यपुर में गाँव का वजूद मौजूद था l पेड़-पौधे थे, हरियाली थी और साफ-सुथरे जल स्त्रोत मौजूद थेl वर्तमान समय में आधुनिकीकरण और औद्योगिकीकरण की अंधी दौड़ में यह सब कुछ धूमिल…

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कैसे रहा जाएं बी पॉजिटिव

कैसे रहा जाएं बी पॉजिटिव व्यथित मन परमात्मा की क्रूर करनी के आगे लाचार हूं,आहत हूं और उसकी निष्ठुरता से बेहद नाराज भी हूँ कि ऐसा क्यों किया। रोज इतने जनों को एक-एक कर जाते हुए देख कर, सुन कर मन मे न चाहते हुए भी निराशा आ ही जाती थी,पर थोड़ी देर बाद सोचती…

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