भाषा किसकी है?

भाषा किसकी है? 14 सितम्बर यानी ‘हिंदी दिवस’ फिर आने वाला है। इस कोरोना महामारी में कहाँ नया बैनर बनेगा? पिछले साल के बैनर में 2019 में केवल 19 को 20 करके काम चलाया जा सकता है, पर्यावरण की दृष्टि से संसाधन भी बचेगा, दफ्तर के बड़े बाबू ने सोचा। हर साल की गिनी-चुनी प्रतियोगिताएं…

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हिंदी मेरा अभिमान

हिंदी मेरा अभिमान ओह माँ यह आपका फ़ोन भी ना?नाक भों सिकोडता बेटा खीझता हुआ बोला।यहाँ कुछ भी टाइप करो तो हिंदी में। माँ सुनो इसे इंग्लिश टाइपिंग में करो।बड़ी दिक्कत होती हैं।मैंने प्रश्नात्मक दृष्टि से पर मुस्कुराकर फ़ोन उसके हाथ से ले लिया।क्यों तुम्हारा स्मार्ट फ़ोन कहाँ हैं।जो करना हैं उससे करो।सुविधा तो तुम्हारें…

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हिन्दी फिल्में और हिन्दी का प्रसार

हिन्दी फिल्में और हिन्दी का प्रसार कहते हैं कि राजनीति, फिल्में और क्रिकेट — हम भारतवासियों का अस्सी से ज्यादा समय इनकी चर्चा करने में ही बीतता है। इन तीनों ने देश को कभी तोड़ा भी है और बहुत कहीं जोड़ा भी है। फिल्मों का तो भारतीय जीवन में और उनके मानस पटल पर बहुत…

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क्यों हिंदी

क्यों हिंदी क्यों भाषा सुंदर भाती नही कतराते हैं सोचने की बात पले हैं बोल हिंदी है कुष्ट संकीर्ण मानसिक विचार दिखे क्यों होये सोचे करे सम्मान हिंदी हो घर शिक्षा हो मान उपयोग सोच विचार देवनागरी है मीठी भाषा है हिंदी है हिंदी सदियों मनोहर सदियों से नकल करें लोग गर्व करें हिंदी छोड़…

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हिंदी है हमारी मातृभाषा

हिंदी है हमारी मातृभाषा नहीं है यह मात्र एक भाषा, हिंदी है हमारी मातृभाषा ।। चाहे हो जीवन में आशा, चाहे हो मन में निराशा, मिली हर अभिव्यक्ति को परिभाषा इतनी अथाह मेरी मातृभाषा ।। नहीं है यह मात्र एक भाषा, हिंदी है हमारी मातृभाषा ।। हर सपने को शब्दों में बुना , हिंदी भाषा…

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हिंदी की पीड़ा

हिंदी की पीड़ा हिंदी, आज हिंदी दिवस का निमंत्रण पाकर वैसे ही खुशी से उछल पड़ी जैसे करवा-चौथ पर पति अपनी महत्ता देखकर फूला नहीं समाता है. वो उठी और सोलह श्रृंगार करके सभा-स्थल की ओर बढ़ गयी.वहाँ पर उसे विशिष्ट-अतिथि की कुर्सी पर बिठाया गया. ये देखकर उसका मन बल्लियों उछलने लगा.थोड़ी देर में…

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क्या है हिन्दी..?

क्या है हिन्दी..? “हिंदी” क्या है..? एक भाषा, जो संस्कृत से जन्म लेकर संस्कृति का निर्माण करती है..? एक संस्कृति..? जो किसी उन्नत सभ्यता को पहचान दिलाती है..? एक सभ्यता…? जिसमें मिट्टी की पकड़ है सोंधी सी प्राकृतिक महक है..? एक सोंधी सी खुशबू…? जो आत्मा में बसती है ईश्वरीय अहसास कराती है..? एक स्वरूप..?…

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हिन्दी है अभिमान

हिंदी है अभिमान हिंदी हिंदी प्यारी हिन्दी हिन्दी है अभिमान जग जग में गूंजे ये है, हमको हैअभिमान मीठे बोली लगती हिन्दी, प्रेम रस बरसाती है अनजाने भी मीठे कंठ से बोले है हिंदी महान प्रेम पाठ पढ़ाती है देश को, देश से मिलाती है हिंदी देश की शान है हम सबको अभिमान है भाषाओं…

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हिंदी अपने राजभाषा के गौरव से बहुत दूर

हिंदी अपने राजभाषा के गौरव से बहुत दूर वैचारिक संप्रेषण के लिए भाषा को आवश्यकता होती है। धरती पर जब से मनुष्य का अस्तित्व है तभी से वह भाषा का प्रयोग कर रहा है। ध्वनि एवं संकेत दोनों रूपों में वैचारिक आदान-प्रदान होता रहा है। भारत भाषा और बोलियों की दृष्टि से समृद्ध देश है।…

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डॉ रांगेय राघव

डॉ रांगेय राघव बहुमुखी प्रतिभा सम्पन्न डॉ रांगेय राघव का जन्म,आगरा में ,१७ जनवरी,१९२३ को हुआ।शिक्षा-दीक्षा भी वहीं हुई।पिता संस्कृत,तमिल,फ़ारसी और अंग्रेज़ी के विद्वान थे।मॉं कनकवल्ली बडी सरल, उदार व दयालु महिला थीं।वे हिंदी जानती थीं,तमिल,ब्रजभाषा बहुत सुंदर बोलती थीं। इनके पूर्वजों को धर्म व भारतीय संस्कृति में गहरी आस्था थी।वे बाइबिल और क़ुरान भी…

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