महिला सशक्त भी है और सक्षम भी

महिला सशक्त भी है और सक्षम भी महिला सशक्तिकरण और सक्षमीकरण की नारेबाजियों का दौर है। जो मन में अनेक विचारों को जन्म देता है। मैं स्वयं एक स्त्री हूँ,.. स्त्री वर्ग के लिए आगे आकर कार्य करती हूँ, सृजन के क्षेत्र में स्त्री विमर्श से बचती हूँ क्योंकि मैं स्त्री पुरुष के विमर्श की…

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“गृहस्वामिनी को वार्षिकोत्सव की शुभकामना”

“गृहस्वामिनी को वार्षिकोत्सव की शुभकामना”   वार्षिकोत्सव के संग आज़ हर घर पहुंची गृहस्वामिनी, साहित्य कर्म मानवता धर्म को समर्पित हमारी यह दैनंदिनी। महिलाओं की यह पत्रिका महिलाओं की यह सहगामिनी, महिलाओं द्वारा हीं है संचालित साहित्य समृद्धशालिनी।   सफर संघर्ष भरा शुरू हुआ था छ: बरस कहीं पहले, एक-एक कलम के सिपाही जोड़ काम…

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हिंदी अतुल्य भाषा है

हिंदी अतुल्य भाषा है यह तो हम सब जानते हैं कि प्रत्येक राष्ट्र की पहचान उसकी भाषा से होती है क्योंकि जब तक दो व्यक्ति आपस में लिखित या मौखिक रूप से बात नहीं करेंगे, तब तक न तो वह व्यापार कर सकते हैं और न ही एक दूसरे को किसी प्रकार का अन्य सहयोग…

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डरपोक

डरपोक साड़ी के पल्लू को संम्हालती हुई मालती ने पीछे देखा। रात के अंधेरे में कुछ दिखाई नहीं पड़ा। पैदल चलती हुई वो थोड़ा रुकी फिर चलने लगी। सोचा कहीं सड़क के किनारे लाइट वाले खंभे पर रुकेगी। ऐसा डर उसे पहले नहीं लगता था ।अकेले आने जाने की आदत है उसे। पिछले चार सालों…

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एक लौ उम्मीदों की

एक लौ उम्मीदों की धरती से लेकर आसमां तक उदासियों का मंजर फैला है हर तरफ़ हैं खबरें मौत की हर तरफ़ आंसुओं का रेला है सोचा था संभल जाएंगे हम धीरे-धीरे ज़िन्दगी की उधड़ी तुरपाईयों को जतन से सी लेंगे हम धीरे-धीरे पर इम्तहान की हद अभी बाकी है कुछ कर्ज़ की किश्त अभी…

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बेबाकी और उन्मुक्तता का सशक्त स्वर : ममता कालिया

बेबाकी और उन्मुक्तता का सशक्त स्वर : ममता कालिया कुछ कहानियां श्रृंखलाबद्ध रूप में एक जगह एकत्रित मिली और जब पढ़ना शुरू किया तो पढ़ती ही चली गई । थोड़ा सा प्रगतिशील, अपत्नी, निर्मोही ,परदेशी, पीठ, बड़े दिन की पूर्व सांझ, बीमारी , कामयाब,बोलने वाली औरत ,मेला, आपकी छोटी लड़की इत्यादि-गजब का आकर्षण था कहानियों…

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कोरोना और मेडिकल साइंस

कोरोना और मेडिकल साइंस वर्तमान समय में विश्व भर को कोरोना महामारी ने विभिन्न तरह से ग्रसित किया है, और कर रहा है। इसके द्वारा लाखों संख्या में संक्रमण और मानव जीवन का ह्रास हो रहा है, और मानव से मानव का हर तरफ भय के वातावरण ने सबको विचलित कर रख दिया है। इस…

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