Food In Train

जाने क्या है IRCTC की यत्रीयों के लिए खाने की ऑनलाइन बुकिंग की नयी योजना

ट्रेन मेंअपनी सीट पर मंगवाना चाहते हैं फ़ूड , IRCTC एप्रूव्ड के इस ऐप से करें ऑनलाइन ऑर्डर। लंबी दूरी की यात्रा में IRCTC ट्रेन में भी भोजन मंगवाने की सुविधा देता है।  इसके लिए इसने देशभर में बहुत से रेस्टोरेंट्स के साथ पार्टनरशिप की है।  यात्रा शुरू करने या यात्रा के दौरान आप Food…

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नई राष्ट्रीय शैक्षिक नीति और उच्च शिक्षा प्रणाली

नई राष्ट्रीय शैक्षिक नीति और उच्च शिक्षा प्रणाली नई राष्ट्रीय शैक्षिक नीति (NEP) 2020 भारत में शिक्षा के सभी स्तरों पर परिवर्तनों लागू करने का प्रयास है, जिसमें देश में शिक्षा की nai समझ- स्कूलों, कॉलेजों और शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के दृष्टिकोण में बदलाव की आवश्यकता पर बल है एनईपी ने मानव संसाधन विकास…

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विस्थापित

विस्थापित इंसानों के भीतर एक अग्नि, जठराग्नि… बहुत तेज ताप वाली अग्नि का, धीमे – धीमे जलना, इसी जठराग्नि के वशीभूत हो, उसका चलायमान हो जाना, एक चकाचौंध भरी जादू नगरी की ओर, पर उसकी आत्मा तो वहीं रह जाती है, खेत के किसी कोने में, या गली के नुक्कड़ पर। आत्मा बहुत कम जगह…

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माँ

(माँ…) नौ महीने माँ के गर्भ में एक ख्वाब पनपता है मन्द मन्द पल दिन और महीने माँ का सुखद वज़ूद साकार होता है. 🌱 गुजरना वो नौ महीने का आह !! वो पहला !!! …अहसास सकुं भरा.. दुसरा उलझनों का सहना.. अपने होने का अहसास दिलाना.. हर चेहरे पर नई खुशी भर जाना. गर्भ…

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वीर स्थली का सिंह नाद

वीर स्थली का सिंह नाद 1 जुलाई, 2016 को भारतीय सेना की एक महत्वपूर्ण पलटन ‘9 पैरा स्पेशल फोर्सेस’ अपना 50वाँ स्थापना दिवस बड़े उत्साह और गर्व के साथ मना रही थी | सेना से सेवा निवृत हुए बहुत से अधिकारी भी सपरिवार इस महाकुम्भ में भाग लेने के लिए देश- देश से आए हुए…

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हिंदी भाषा काः हिन्दुस्तानियों से संवाद ।

हिंदी भाषा काः हिन्दुस्तानियों से संवाद । अभी तो मेरे अच्छे दिन हैं । काश ये सपना टूटे ना, हिन्दी पखवाड़ा बीते ना। अभी ही तो होंगे, काव्य गोष्ठी और पुस्तक विमोचन, और ना जाने कितने कितने? कार्यक्रमों के आयोजन । नेता हो या अभिनेता, सब अभी ही तो हिन्दी बोलेंगे, कानों में मिसरी घोलेंगे।…

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लॉकडाउन और शिक्षण समाज

लॉकडाउन और शिक्षण समाज बात उन दिनों की है जब समपूर्ण संसार में हड़कंप मचा था,त्राहिमाम की वस्तु स्थिति थी जीवन चक्र जैसे रूक सा गया था।एक अंजान अदृश्य शत्रु के भय से और इस भय से उपजा जो रक्षात्मक उपाय था उसे लॉकडाउन की संज्ञा दी गई।क्या विद्यालय क्या देवालय सब जगह बस ताले…

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मेरे प्रथम गुरु

मेरे प्रथम गुरु हर छोटी बड़ी बात वो समझाते हैं प्यार से, कभी किसी गलती पर आंखे दिखाते , कभी हाथ फेरते सर पर मेरे दुलार से, मनुहार से!! जीवन की हर पेचीदगी उनके मार्गदर्शन से ही हल हुए उनकी सही दिशा -दर्शन से निर्बल हौसले मेरे सबल हुए!! तुम केवल कर्ता हो अपने सुकर्म…

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