दुख के बादल
दुःख के बादल कोरोना काल चल रहा था।रीमा भी लॉकडाउन का बहुत अच्छी तरह से पालन कर रही थी। लॉकडाउन को चलते दो महीने हो चुके थे।रीमा ने बिल्कुल भी हार नहीं मानी थी।शुरु-शुरु में विचलित जरूर हुई थी,जब टेलीविजन मर मरने वालों को संख्या देखती थी। लॉकडाउन में रीमा ने वो सब काम किए…