माँ

माँ मुझे याद है आपको अक्सर तीज त्योहार पर पूछती थी कि क्या चाहिए आपको और आपका हमेशा एक ही जवाब होता था…. मुझे मेरे सभी बच्चों की खुशहाली चाहिए। सच में माँ कभी अपने लिए कुछ नहीं चाहती, वो ख़ुश होती है, बच्चों को उनके मन पसंद खाना खिलाकर, वो ख़ुश होती बच्चों के…

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अतीत के साये

अतीत के साये कहानियों के कितने पात्र सदियों से हमारे आसपास इर्दगिर्द घूमते रहते हैं और न जाने कितनी कहानियां, लघुकथाएं, कितने उपन्यास लिखे पढ़ें गए, सराहे गए। कुछ धूल धूसरित हुए पड़े रहे हैं, शेल्फों में। ऐसी ही असंख्य पुस्तकें उस लाइब्रेरी में मौजूद थीं, जिन्हें बरसों से झाड़ा तक नहीं गया था, खोलकर…

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वसंत की नायिका

वसंत की नायिका वह कहता है कि उसकी हसरतें अक्सर लज़्ज़ित हो जाती है जब ह्र्दयरूपी मंच में उसके प्रेम या इश्क़ को एक मर्यादित स्थान देने की बात करती हूँ।सिर्फ़ इतना कह की तुम्हारी सौम्यता कोई भी परिधि नही लाँघ सकती। उसकी पहले से ही सिकुड़ी आँखे थोड़ा और संकुचित हो जाती है मेरी…

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बदबूदार कमरे

बदबूदार कमरे —————— स्वतंत्रता का उत्सव क्या खाक मनायें हम, अनगिनत घावों से रिस रहा जब इस धरा का तन मन। नन्हीं कलियों के कुचले जाने के खबरों का है बाजार गरम, और फिर भी कहते रहतें हैं बहुत महान है अपना वतन। इधर सड़कें सजीं, मैदान सजें और तिरंगो से सजता रहा गगन, उधर…

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कोरोना दारुण व्याधि रचायो

कोरोना दारुण व्याधि रचायो कोरोना दारुण व्याधि रचायो, चीन देश वाहि पैदा कीन्हों, सब जग माहि पठायो, जर्मन, इटली, फ़्रांस, रूस, सारे जग को भरमायो, इंगलैंड और अमेरिका सोचें, सधै ना कोनु उपायो, जग पूछे बेशर्म चीन से, क्यों चमगादड़ खायो, हालैंड, पाकिस्तान, कनाडा, सब को सोच थकायो, भारत के तत्पर प्रयास लख सब जग…

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FESTIVAL OF LIGHTS

FESTIVAL OF LIGHTS Diwali the most awaited Hindu festival, Celebrated with lights,family reunion treats, Auspicious prosperity, Joyful activities, Shopping clothes,eatables, gifts, sweets. The one thing we forget is our own country, Blindly purchase lamps,tea candles for divinity, L.E.D. light strings,crackers,plastic facilities, Forget all that money goes to other country’s treasury. Diwali was to be celebrated…

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सुनो दिसम्बर

सुनो दिसम्बर सुनो दिसंबर, यह जो वक्त की गाड़ी तुम खींचकर यहाँ तक लाए हो बहुत भारी थी मजदूरों पर, मजबूरों पर कमजोरों पर, मजबूतों पर कितनों की कमर टूटी कितनों की संगत छूटी बेबस रहा हर एक लम्हा जीवन भी रहा कुछ थमा-थमा परेशान रहे हम सभी कैद रही हर चलती साँस पर इंतजार…

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लाल गुलाब

लाल गुलाब किताब के पन्नों के बीच रखा है आज भी तेरा दिया वो लाल गुलाब, आज भी बसती है उसमें सुगंध तेरे प्यार की। समेटे है ना जाने कितनी यादें तुम्हारी, वक्त ठहरता नहीं,कहीं भी,,, कभी भी। पर जम गये हैं मेरे हृदय पटल पर वो बीते हुए प्यारे लम्हें, जो कभी संग बिताये…

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नवरात्रि दक्षिण में – एक सामाजिक झांकी

नवरात्रि दक्षिण में – एक सामाजिक झांकी नाम ही स्पष्ट कर देता है कि यह नौ दिनों का उत्सव जो शरद और वसंत दोनों कालों में आता है संध्याकालीन पूजा का द्योतक है जैसे कृष्ण जन्माष्टमी अर्धरात्री की पूजा है। केरल में विशु नामक पर्व वर्षारंभ का शुभ समय सूर्योदय से पूर्व होता है। होलिका…

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