मेरी बेटियाँ:मेरी शान

मेरी बेटियाँ:मेरी शान लोग गलत थे जो कहते थे अक्सर, बेटों से चलता परिवार है, जो कहते थे मेरा बेटा मेरे घर की शान है, आज उनका घर खाली पड़ा श्मशान है, बेटियों से ही बढ़ती हर घर की शान है, बेटियाँ ही माता पिता का अभिमान हैं। खुद रहते हैं वो अब वृद्धाश्रम में…

Read More

Τurbulence

Τurbulence Deafening sounds surround us Strong winds, painful… Anger overcomes our flesh Eternal the cycle of life We are immersed in absolute darkness We can not catch up The endless journey And the last hymn accompanies us Salvation in a Godless homeland is unbearable… Dr. Sofia Skleida Writer Athens, Greece 0

Read More

Christmas Eve

Christmas Eve Long ago, in a far off land On a cool dark night A sudden music of choir grand A surprising wondrous sight! The angels delivered a message – A message to humankind A message in heavenly language From the heavenly Father kind: ‘Let there be Peace on earth Let humanity sing and rejoice…

Read More

माँ तुम बहुत याद आती हो

माँ माँ तुम बहुत याद आती हो जब स्कूल से घर आती हूँ, खाली घर ही पाती हूँ सूनी सी देहरी देखती हूँ, अपनी थाली खुद लगाती हूँ, छोटे को भी कभी ख़िलाती हूँ , हर निवाले के साथ माँ तुम बहुत याद आती हो। आज जब मुझे लगा कि अब मैं भी बड़ी हो…

Read More

जन्मकुंडली बनाम मानव चोला

जन्मकुंडली बनाम मानव चोला अद्भुत है यह मानव चोला। और उससे भी अद्भुत हैं यह ज़िंदगी। हमें ज़िंदगी का राज़ पाने के लिए ज़िंदगी को ज़िंदगी से जोड़े रखना होता है। इसी जोड़ के लिए ज्योतिष विज्ञान में जन्मपत्रिका, एक बहुत ही महत्वपूर्ण कड़ी का कार्य निभाती है। यहाँ कुछ प्रश्न उत्पन्न होते हैं- जैसे…

Read More

My Christ

My Christ Turn your gaze to the world, to every living being in the Universe. Merciful to your children who, while asking for your help, Oh Christ, they continue to scourge You every day. Pitiful, suffering eyes, they beg man to change. My brother, listen: open your heart, it is my Christ who speaks to…

Read More

बापू की ओर

  बापू की ओर मिथ्या से सत्य की ओर घृणा से प्रेम और करुणा की ओर सांप्रदायिकता से भाईचारे की ओर हिंसा की बर्बरता से अहिंसा की संवेदना की ओर बर्बर भीडतंत्र से सत्याग्रह की ओर विलासिता से सच्चरित्रता की ओर उपभोक्तावाद से सादगी की ओर अंध औद्योगीकरण से कुटीर उद्योग की ओर पूंजी के…

Read More

बाल मनोविज्ञान की सर्वश्रेष्ठ कहानी ईदगाह

बाल मनोविज्ञान की सर्वश्रेष्ठ कहानी ईदगाह प्रेमचन्द की कहानियां हमारे आसपास और दैनंदिन जीवन की हर छोटी-बड़ी घटनाओं से प्रेरित होती है,उनको पढ़ते समय यही प्रतीत होता है जैसे यह घटना हमारी आंखों के सामने घटित हो रही है अथवा हमारे परिवेश से ही जुड़ी हुई है, विशेष रूप से बाल मनोविज्ञान से जुड़ी कहानियां,अपनी…

Read More

दिव्या माथुर की रचनाओं पर प्रतिष्ठित लेखकों की चुनिंदा प्रतिक्रियाएं

दिव्या माथुर की रचनाओं पर प्रतिष्ठित लेखकों की चुनिंदा प्रतिक्रियाएं दिव्या की कहानियों में एक तरफ़ औरत की परजीविता और यथस्थिति का यथार्थ है तो दूसरी तरफ़ संस्कार जनित संवेदनाएं। उनके लेखन में कहीं भी कथ्य या भाषा का आडम्बर नहीं है। अपने देश से दूर रहते हुए भी उनके पास भारतीय यथार्थ और संस्कार…

Read More

प्रेम-रुमानियत से रुहानियत

प्रेम- रुमानियत से रुहानियत प्रेम ने अपनी जादुई किरणों से मेरी आँखें खोलीं और अपनी जोशीली उँगलियों से मेरी रूह को छुआ तब….जब उठ गया था प्रेम या प्रेम जैसे किसी शब्द पर से मेरा विश्वास प्रेम ने दुबारा मेरी ज़िन्दगी के अनसुलझे रहस्यों को खोलने का सिलसिला शुरू किया फिर से उन अनोखे पलों…

Read More