इन्तजार

इन्तजार गत चार सालों से उर्मि रांची के मानसिक चिकित्सालय में जिन्दगी के मनहूस दिन काट रही है । हर शाम उसे किसी न किसी का इन्तजार रहता है । आँखें दरवाजे पर लगी रहती हैं शायद कोई आ जाय । किसी मरीज के घरवाले आते हैं किसी के रिश्तेदार मिलकर जाते हैं , पर…

Read More

राम के नाम पर दंगे

राम के नाम पर दंगे राम कौन हैं ! ‘रमते कणे कणे इति राम:’… जो प्राणी मात्र के हृदय में रमण करते हैं वह ‘राम’ है तथा जिनमें आमजन रमण करते हैं, ध्यान लगातें वह हैं ‘राम’ । शेक्सपियर ने कहा था कि नाम में क्या रखा है, हमारे यहां भी एक कहावत है ‘आंख…

Read More

काश !

काश! विमान मिलान ऐयरपोर्ट से टेक ऑफ कर इटली की सीमा को छोड़कर भारत की ओर बढ़ चुका था | विशाल और श्यामली दोनों बहुत खुश थे | भारत पहुँचकर सबसे मिलने की कल्पना मात्र से उनका मन उमंग से भर उठा था | पिछले पाँच सालों से वे अपने घरवालों से नहीं मिले थे…

Read More

डाॅ उमा सिंह किसलय की कविताएं

डाॅ उमा सिंह किसलय की कविताएं १.मैं धार हूँ नदिया की मैं धार हूं नदिया की रंग तरंग में बहती हूं संग संग दो किनारों के मैं बीच में बहती हूं है जटिल बहुत पथ ये अवरोध कई पग में धारा टकराती है हर संकट से मग में नदिया की सनक यही सागर से मिलना…

Read More

क्षितिज की ओर

क्षितिज की ओर     मुग्ध हो कर देख रहा हूं और बह रहा हूं अस्तित्व की बाढ़ में तेरी अविजित मुस्कान इधर झनझनाती तंत्रियों में शुरू सामूहिक गान।   तू झुलसा रही मेरे अहं को मेरी दुर्बलता को उमड़ रहा न जाने क्या झुकती नज़र, कभी उठती नज़र पर इसके माने क्या? फुलवारी कुछ…

Read More

बड़े भाईसाहब

बड़े भाईसाहब प्रेमचंद जी की लिखी हुई यूं तो बहुत सी कहानियाँ हैं जो मुझे पसंद हैं जैसे ईदगाह, बड़े घर की बेटी, दो बैल, हार की जीत, बड़े भाईसाहब, पूस की रात, गरीब की हाय आदि। पर आज मैं “बड़े भाईसाहब” के बारे में यहाँ बताना चाहूंगी। “बड़े भाईसाहब”, कहानी दो भाइयों के बीच…

Read More

Christmas

CHRISTMAS The happiest season is here again, shielded faces can’t stop us from recapturing, that brightest star that led to the three wise men, to find the Christ that was born in Bethlehem. Heaven and nature sing; Joy to the World the Lord has come! Christmas, it’s Christmas, time to love! Humanity is wanting for…

Read More

अयोध्या:इतिहास के आईने में

अयोध्या:इतिहास के आईने में हे राम, जीवन एक कटु यथार्थ है और तुम एक महाकाव्य ! तुम्हारे बस की नहीं उस अविवेक पर विजय जिसके दस बीस नहीं अब लाखों सर – लाखों हाथ हैं, और विभीषण भी अब न जाने किसके साथ है. इससे बड़ा क्या हो सकता है हमारा दुर्भाग्य एक विवादित स्थल में…

Read More

लता मंगेशकर: मानवता को उपहार

लता मंगेशकर: मानवता को उपहार लता मंगेशकर जैसी विभूतियाँ इस धरा पर कभी-कदा ही अवतरित होती हैं। वे मानवता को मिला दैवी उपहार हैं। स्वर साम्राज्ञी ने आम और खास सबके दिल पर राज किया। उन्हें कई पुरस्कार मिले पर वे किसी पुरस्कार की मोहताज नहीं रहीं। चार पीढ़ियों को अपने सुर से उपकृत करने…

Read More