नयी दिशा

नयी दिशा धूप-गुगुल के सुगंध से सुवासित और स्त्रियों के शुभ मंगल गान से गुंजायमान था हरिपुर गांव का वातावरण। लाल-पीली साड़ियों में स्त्रियाँ, धोती-कुर्ते में पुरुष और रंग-बिरंगे परिधानों में सजे बच्चे-बच्चियाँ उत्सव सा माहौल बना रहे थे,उनके परिधान सुख-समृद्धि की गवाही दे रहे थे।सब के चेहरे से संतुष्टि और खुशी झलक रही थी।अवसर…

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हमारी धरती, हमारा स्वास्थ्य

हमारी धरती, हमारा स्वास्थ्य मानव शरीर पंचतत्वों से निर्मित है। जल, गगन, समीर, अग्नि, और पृथ्वी यानि कि भूमि। इन्हीं पंचत्तवों से पैदा होकर हम फिर इन्हीं में विलीन हो जाते हैं। उपनिषदों में, वेदों में तथा सभी धार्मिक ग्रंथों में वातावरण – धरती, जंगल, वायु, नदी की चर्चा एक मित्र की तरह होती है।…

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आधी आबादी- पूरी आबादी की जननी

आधी आबादी- पूरी आबादी की जननी आधी आबादी पूरी आबादी की जननी है । पर फिर भी हर युग में इन्हें अपना स्थान बनाने और बचाये रखने में संघर्ष ही करना पड़ा है।खैर आज की परिस्थिति काफी अलग है या यों कहूं कि पहले से संतोषजनक है क्योंकि सुखद परिवर्तन हुआ है ।खैर…. संघर्ष आज…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की-मौलाना अबुल कलाम आज़ाद

मौलाना अबुल कलाम आज़ाद मौलाना अबुल कलाम आजाद की कुछ पंक्तियां जो मन को छू लेती हैं- अगर स्वर्ग से कोई देवदूत भी उतर कर मुझसे कहे कि, अल्लाह ने मेरे लिए भारत की स्वतंत्रता का उपहार भेजा है तब भी मैं उसे तब तक स्वीकार नहीं करूंगा, जब तक हिंदुओं और मुसलमानों में एकता…

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स्वराज एवं एक भाषा के हिमायती – महर्षि दयानन्द सरस्वती

स्वराज एवं एक भाषा के हिमायती – महर्षि दयानन्द सरस्वती महर्षि दयानन्द सरस्वती के बारे में जब चिन्तन करने लगते है तो सामान्य मनुष्य अथवा महापुरूषों के व्यक्तित्व व कृतित्व के समान चिन्तन तो करना ही होता है किन्तु यहां पर एक विशेष चिन्तन की गहनता दिखती है, जो उनका ‘ऋषित्व’ होता है। गुजरात के…

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संकल्प

संकल्प दीपू ज्यादातर विद्यालय में देरी से ही पहुँचता थ। देर से आने वाले बच्चों की अलग लाइन बनवाई जाती है तथा उनका नाम भी उनकी कक्षा के अनुसार लिखा जाता है ताकि उनके कक्षाध्यापक उन्हें जान सकें और समझा सकें ।उस रजिस्टर में नवीं कक्षा में पढ़ने वाले दीपू का नाम एकाध दिन छोड़कर…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की-अमर्त्य सेन

डॉ अमर्त्य सेन अमर्त्य सेन अर्थशास्त्री हैं। इनका अध्ययन,चिंतन और अनुसंधान अद्वितीय है।बचपन से ही प्रतिभावान एवं कुशाग्रबुद्धि  थे। इनका जन्म 3 नवंबर 1933 में बंगाल के शांति-निकेतन  में हुआ था। सेन के पिता का नाम आशुतोष सेन था और मां का नाम अमिता सेन । अमर्त्य सेन के पिता ढाका विश्वविद्यालय में रसायन शास्त्र…

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इश्क रूमानियत से रूहानियत तक

  मेरा मेहबूब नज़ाकत वो कहाँ मिलती किसी को अब दोबारा जिनपर हम मर मिटे हैं उनपर हमारा दिल है हारा हर मंज़र में वो दिखते है उनसे ही सब नज़ारा उन बिन सांस भी आए ना हमें है यह गवारा नज़ाकत कहाँ मिलती किसी को अब दोबारा जिनकी हसरतों के बूते ख्वाब रातों में…

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ओ सितंबर

ओ सितंबर ओ सितंबर ! तुम आ ही गए. गुनगुनाते से कुछ छोटे होते दिन और मीठी सी सिहरन वाली लंबी रात लिए. ठहरी हुई हवा एक भूला-सा नगमा सुना रही है. चिनार ने फिर बिखरा दी है एक सुनहरी चादर….. पत्तो के बदलते रंग जैसी ख्वाहिशें भी कुछ और अमीर हो गयी हैं. पेड़ो…

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