आओ बुद्ध हो जाएं

आओ बुद्ध हो जाएं आओ बुद्ध हो जाएं क्षण भर के लिए उतारकर बोझ संबोधनों का,जिम्मेदारियों का,ओढ़ ले पलभर के लिए उन्मुक्तता उस विहंग भाँति जो बेशक़ उड़ान भरता है अपने नीड़ ख़ातिर विस्तृत आसमाँ में…!! माना बुद्ध होना आसान नही हम स्त्रियों को,नही त्याग सकती वे अपने निर्वाण हेतु घर की दहलीज़, एकांतवास नही…

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वह

वह — किताबों की जिंदगी से तब्दील हुई जब गृहिणी में आटा-दाल से सम्बंध जो कर बचत का हिसाब लगाना, साड़ी बांधना, पल्लू सम्हालते हुए रोटी बेलना, चूडियों और पायल के बंधनों से बंधना, नये सम्बंधों और संबोधनों को दिनचर्या का हिस्सा बनाना, उसी बीच माँ की प्यार भरी थपकी अपनी जुगनू सी रोशनी से…

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खोमचे वाली

  खोमचे वाली अपेक्षाकृत साफ सुथरे चेन्नई स्टेशन पर खड़ी लोकल ट्रेन की महिला बॉगी में फैले गजरों के फूलों और दक्षिण भारतीय व्यंजनों की मिली- जुली सुगंध ने मानो दो घंटो की एक सुखद यात्रा की भूमिका सी लिख दी थी। परंतु यह स्थिति ज्यादा देर तक नहीं रही। धीरे – धीरे डब्बे में…

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जुगनू अम्मा

जुगनू अम्मा आज सुबह से ही मन उदास सा है। रात भर नींद नहीं आई थी और अब सात बजने पर भी आंखें खुल नहीं रही हैं। फटाफट फ्रेश होकर गैस पर चाय चढ़ा दी और तेज पत्ती डालकर कप में छानकर बाहर बालकनी में आ गया। आजकल सुबह कितनी सुहानी हो गई है। चिड़ियों…

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दिवाली का घरौंदा

दिवाली का घरौंदा मान्यताओं के अनुसार दीपावली प्रभु राम के चौदह वर्ष के वनवास के बाद पुनः अयोध्या नगरी लौटने पर मनाया जाता है। घर घर मिट्टी के दिए, वंदनवार ,रंगोली की सजावट से उनके आगमन की खुशी का इजहार करना ही उद्देश्य होता है। उस वक़्त को आज भी कुछ नए तौर तरीकों से…

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बाल गणपति

बाल गणपति निरखत मैया हांसे अति लो आया मेरा बाल गणपति ।। झमक झमक झम – घुंघरू बाजे धमक धमक धम- ढ़ोलक साजे ध्रातिट ध्रातिट -पग चालन गति लो आया मेरा बाल गणपति ।। थुलथुल दुलदुल – चित्त का चोर मृदुल छवि- छाये चहुँ ओर चिहुंक चिहुंक – नटखट वो कति लो आया मेरा बाल…

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मेरे राम आ गए

मेरे राम आ गए   मेरे राम आ गए प्रभु फिर लौट कर अपने अयोध्या धाम आ गए मुकुट माथे सजा कर अब मेरे श्री राम आ गए   जगमग हुई अयोध्या नगरी प्राण प्रतिष्ठा हो रही ग्रहण है पांच सदियों का व्यथा उर की पुरानी है हुआ अवतार सरयू पर दबी इक इक निशानी…

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कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद

कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद मुंशी प्रेमचंद जी इस युग के महान कथा सम्राट हैं । मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित उनका जीवन परिचय करता है। आदर्शोनुमुख, यथार्थवाद , प्रेमचंद साहित्य की मुख्य विशेषता है । इनके जीवन का सफर बहुत कठिन था पर उनका आत्मबल ,उनका आत्मविश्वास ,इतना प्रबल था कि उन्होंने हर आंधी तूफान को…

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सर्दी में जरूरी है नियमित व्यायाम

सर्दी में जरूरी है नियमित व्यायाम सर्दियों में एक्टिव रहना कठिन हो सकता है।आरामदायक कंबल और आलस हमें अपने बिस्तर पर रहने का लालच देता है। यह वह समय भी है जब हम आलसी और ऊर्जा की कमी महसूस करते हैं। हालांकि, अगर आप सुस्ती से जूझ रहे हैं और ठंड के मौसम में तरोताजा…

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शुभेच्छा

शुभेच्छा संप्रेषित कीजै सब अभिव्यंजनाएं साकार होवें सब मधुर कल्पनाएं खंडित हो जाएं कलुषित वर्जनाएं नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं ।। पल्लवित हों सम्यक संकल्पनाएं झेलनी न पड़े कभी अवहेलनाएं स्पर्श करे नहीं आपको प्रवंचनाएं नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं ।। कलम से निर्गत हों अधिसूचनाएं नाम से जारी हों कई परियोजनाएं संयमित वाणी त्यागे…

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