हिन्दी भाषा – आज के परिवेश में
हिन्दी भाषा – आज के परिवेश में अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी दिवस हाल में ही मनाया गया है | बधाइयों का दौर देश विदेश भर में चलें और सोशल मीडिया की भी शान बना | हिन्दी को अक्षुण्ण रखने की कसमें भी खूब खाई गईं | अनेकानेक चिंतायें प्रकट की जा रही थी कि इस दौर मे…
लैंगिक समानता और सशक्तिकरण
लैंगिक समानता और सशक्तिकरण सभी महिलाओं को आवश्यक रूप से नारीवादी नहीं होना चाहिए और सभी नारीवादियों को जरूरी नहीं कि महिलाएं हों। पितृसत्तात्मक सामाजिक योजना में, यह वास्तव में बहस का मुद्दा है कि क्या नारीवाद एक महिला का अंतिम गढ़ है या अस्तित्व के लिए उसकी प्राथमिक स्थिति है। हालांकि, इस बात से…
सूरदास
सूरदास हिंदी – उर्दू साहित्य के विराट नभ पर दिवाकर सा दैदीप्यमान एक नाम – मुंशी प्रेमचंद । प्रेमचंद एक ऐसे कथाकार थे जिन्होंने साहित्य को सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बनाते हुए , अपनी कहानियों और उपन्यासों में किसानों, दलितों, श्रमिकों की दयनीय स्थिति का और स्त्री शोषण का मार्मिक चित्रण किया । उनकी…
स्त्री-शिक्षा पर गांधी जी की अवधारणा
स्त्री-शिक्षा पर गांधी जी की अवधारणा गांधी जी सदैव कहा करते थे कि एक आदमी को पढ़ाओगे तो एक व्यक्ति शिक्षित होगा। एक स्त्री को पढ़ाओगे तो पूरा परिवार शिक्षित होगा। “गांधीजी शिक्षा के माध्यम से महिलाओं की मुक्ति में विश्वास रखते थे और उन्होंने भारतीय समाज के कायाकल्प की दिशा में चलायी गयी राजनीतिक…
अंतरराष्ट्रीय वातायन सम्मान-समारोह डॉ. कमल किशोर गोयनका और श्री गीत चतुर्वेदी सम्मानित
एक शानदार अंतरराष्ट्रीय वातायन सम्मान-समारोह डॉ. कमल किशोर गोयनका और श्री गीत चतुर्वेदी सम्मानित लंदन, 5 फ़रवरी 2022: बसंत महोत्सव पर केंद्रीय हिंदी संस्थान के तत्वावधान में आयोजित वातायन के अंतरराष्ट्रीय वार्षिक सम्मान समारोह में प्रख्यात लेखक डॉ कमल किशोर गोयनका जी को वातायन शिखर सम्मान (लाइफ़-टाइम अचीवमेंट) और लोकप्रिय और प्रसिद्ध लेखक गीत…
Lantern of love
Lantern of love Mother. A touch of unscrupulous affection Fluttering of chivalric greatness Infinity of mental beauty You enliven faded memories You encourage charity events You change the flow of time, of the historical error You teach the universe generously You magnetize sea treasures You magically unlock the cabinets of the earth You endure the…
घर पर ही नहीं अब ट्रेन में भी मंगवायें खाना ऑनलाइन – जानें आसान तरीका
क्या आपने कभी पहियों पर रहते हुए अपने पसंदीदा भोजन का एक टुकड़ा ऑर्डर किया ? क्या आप अगली ट्रेन यात्रा में ऑर्डर फूड डिलीवरी करने की योजना बना रहे हैं ? एक विश्वसनीय और अच्छी तरह से मान्यता प्राप्त ई-खानपान सेवा प्रदाता को देखना चाहते है जो भोजन की समृद्धि और स्वाद सहित सभी…
एक पिता का संघर्ष
एक पिता का संघर्ष “बड़े भाग्य से बेटियाँ मिलती है।” ये कहते हुए माखनलाल जी अपनी पत्नी कमला के करीब बैठ गए। कमला :- “वो तो ठीक है मुझे खुद पहली सन्तान बेटी चाहिए लेकिन सासू माँ और ससुर जी वो तो लड़की का जन्म लेना बुरा समझते हैं।” माखनलाल :- “अरे चिंता ना करो…