विजयी भारत
विजयी भारत “ह्रदय का ज्वार सड़कों पर फबेगा, कफन को बाँध सीने पर कहेगा। मचाने और बकंर सब हटा दो, किधर तोपें लगी हैं, यह भी तो बता दो। हमें सहना नहीं है, ये है ठाना, नहीं दबने का हासिल कुछ है ,जाना। तो अब रण हो रहेगा और अब ही, है शोणित तो बहेगा…