भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- जेआरडी टाटा
जेआरडी टाटा जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा का जन्म 29 जुलाई उन्नीस सौ चार को पेरिस, फ्रांस में हुआ । वे रतनजी दादाभाई टाटा और उनकी फ्रांसीसी पत्नी सुजैन ब्रीएयर की दूसरे संतान थे। उनके माता-पिता की कुल 5 संतानें थीं। जिसमें जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा दूसरे नंबर पर थे। उन्होने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कैथेडरल और…
Happy Daughter’s Day Bandhura
Happy Daughter’s Day Bandhura Happy Daughter’s Day Bandhura, One can’t be fortunate enough to see themselves being reborn as their own child, they wouldn’t remember crawling and then walking, running and now even Flying … But today! I am proud to announce in front of the whole world , that “I am that fortunate person”……
ज्ञान के गौरव
ज्ञान के गौरव अंधकार से जो प्रकाश का स्वप्न दिखाते हैं जीवन की शूलभरी राहों पर पुष्प खिलाते हैं संघर्षों में जो मंगल के गान रचाते हैं वंदनीय जग में गुरु की अनुपम सौगातें हैं अमर हुए तुलसी कबीर भी गुरु का ज्ञान मिला प्रतिभा की जय हुई जगत मे शुभ सन्मार्ग मिला एकलव्य आरुणि…
हमारी सांस्कृतिक भूमि अयोध्या नगरी
हमारी सांस्कृतिक भूमि अयोध्या नगरी परमपुज्य अनंतश्री विभूषित योगी सम्राट श्री श्री १०००८. श्री देवरहा बाबा जी महाराज ने वर्षों पूर्व प्रयागराज के कुंभ के मेले मे संतो ,राजनितिज्ञों और आम जनता की जिज्ञासा एवं प्रार्थना को स्वीकार करते हुए ये सांत्वना दी थी कि,,,”अयोध्या में रामजन्मभूमि पर मंदिर का निर्माण अवश्य होगा। जन जन…
मातृभाषा और बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा में भारतीय भाषाओं का महत्व
मातृभाषा और बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा में भारतीय भाषाओं का महत्व-राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के संदर्भ में किसी व्यक्ति के जीवन में उसकी मातृभाषा के महत्व की सबसे अच्छी और सटीक तुलना करने के लिए माँ के दूध से बेहतर कुछ नहीं। जैसे जन्म के एक या दो वर्ष तक बच्चे के शारीरिक और भावनात्मक…
MOTHER
MOTHER Mother is a way to heaven Mother is the angel according to child Words are not enough to explain her Mother is the person the child trusts She deserves the biggest of love Because mother is the most important asset She is our first teacher She is teaches Mother is beautiful As time goes…
संघर्ष अदृश्य शत्रु से
संघर्ष अदृश्य शत्रु से कोविद 19 एक सूक्ष्म जीवाणु जो वैश्विक आपदा के रूप में समस्त विश्व के मानव जाति को धीरे धीरे अपने शिकंजे में जकड़ता जा रहा है।एक अदृश्य शत्रु आज मानव सभ्यता के समक्ष एक चुनौती है, न केवल मानव जीवन के लिए बल्कि मानव सभ्यता द्वारा निर्मित प्रत्येक क्षेत्र पर घातक…
सिर्फ एक देह नहीं है औरत
*सिर्फ एक देह नहीं है औरत* ================ ” *औरत काम पे निकली थीं* *बदन घर रख कर* *ज़िस्म खाली जो नज़र आए तो मर्द आ बैठे* !! “ औरत की आजादी की बात जब भी की जाती है तो एक सवाल अब भी जेहन में कौंधता है कि क्या औरत का अस्तित्व सिर्फ एक शरीर…