एक पत्र पिता के नाम

एक पत्र पिता के नाम (मेरे पापा जिनको मैंने कोरोना काल में खो दिया उनको समर्पित) कलम से एक पत्र लिखा है आज लिखा है उनको जो हैं शायद नाराज़ तभी तो अब नहीं कभी आती उनकी आवाज़ जाने कहां चले गए वो जिनपर था मुझको नाज़ न किया कोई गिला न शिकवा किया मुझसे…

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जागें फिर हम भारत वासी!

जागें फिर हम भारत वासी! जागें फिर हम भारतवासी, हे,महाकाल, पर्वतवासी। धर रुद्ररुप घट-घटवासी, जागें फिर हम भारतवासी। भारत पर संकट छाया है, फिर रक्तबीज बन आया है। अब रक्षक बन काशी वासी, जागें फिर हम भारत वासी। वोट बैंक के बीच भंवर में, जाति-धर्म हैं सब के प्यादे । अब भारत माँ इनकी दासी!…

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अम्फन के बाद की शाम

अम्फन के बाद की शाम आज शाम आकाश , उजले-नीले बादलों से आच्छादित। यूँ प्रतीत हो रहा जैसे मानो, प्रकृति अपने आलय के छत को, सजा रही अनेक गुब्बारों से। जो हवा के साथ गतियमान हैं, कभी बदलते आकार, रंग कभी। सजावट की गुणवत्ता नाप रहे हो जैसे , किसी गृहस्वामिनी के गृह -सज्जा के…

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रीता रानी की कविताएं

रीता रानी की कविताएं 1.अनुपात – समानुपात किसी भी शोक को सभी ने अपने-अपने पाव में नापा , प्रविष्ट हुए सब अपनी- अपनी खोह में , दुख की कालिमा को देखने के लिए । थोड़ी देर के लिए शोक समानुपातिक हो गया , इस तरह व्यक्तिगत होकर भी वह सार्वजनीन हो गया ।   समाज…

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नज़रिया

नज़रिया   कोरोना काल में समय कैसे गुजर जाता है पता ही नही चलता, एक दिन नीलू ने सोचा कि क्यों ना आज सुबह सुबह माया दीदी से बात की जाये ,फोन उठाया –दीदी कैसे हो,जीजाजी कैसे है,आपके शहर में कोरोना की स्थिति कैसी है? माया –अरे साँस तो लेने दो,कितने सवाल करोगी?? हम सब लोग…

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हिन्दी और हम

हिन्दी और हम हर देश की आबोहवा में रची होती है वहाँ की भाषा, ।साँस की तरह जिलाए रखती है, रीत, प्रीत, जन, मन, संस्कृति, संस्कारों को। अपनी माटी में जैसे पेड़ सिर उठाये खड़ा रहता है, बिल्कुल वैसा ही संबल मिलता है अपनी भाषा से…. क्या संसार में कहीं का एक दृष्टांत उद्धृत कर…

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मैरी क्यूरी: वैज्ञानिक खोज की एक विरासत

मैरी क्यूरी: वैज्ञानिक खोज की एक विरासत मैरी क्यूरी विज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी थीं और वैज्ञानिक समुदाय में महिलाओं के लिए एक गुरु, एक मार्गदर्शक थीं। रेडियोधर्मिता के साथ उनके काम ने ग्राउंड-ब्रेकिंग खोजों को जन्म दिया जिसने आधुनिक चिकित्सा और भौतिकी के पाठ्यक्रम को बदल दिया। यह लेख मैरी क्यूरी की एक विस्तृत…

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ऐ वतन

ऐ वतन ऐ वतन! मेरे भारत! तेरी माटी से बनी हूँ मैं तेरी आबो हवा में ही मैं जिंदा हूँ मेरी साँसों में बसी है तेरी खुशबू रूह में इश्क हकीकी ख़ुदाया तेरा है नहीं दरकार मुझे मौसमों की तरहा प्यार के इज़हार की मेरा हर दिन मुबारक है तेरी आगोश में हर पल महफूज़…

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नशा

नशा कथासम्राट् मुंशी प्रेमचंदको मेरा नमन । ३१जुलाई सन् १८८०में वाराणसी के लमही गॉंव में जन्मे धनपत राय का जीवन परिवार की ज़िम्मेदारी,विमाता के क्रोध और गरीबी में बीता ।उनके ही शब्दों में-“पॉंव में जूते नथे,देह पर साबुत कपड़े न थे,महँगाई अलग थी ।दस रुपये मासिक वेतन पर एक स्कूल में नौकरी की ।” एक…

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Deteriorating Situation In Sri Lanka

Deteriorating Situation In Sri Lanka It’s the unfortunate period of political and acute economic crisis in some countries of Indian Sub- continent. Afghanistan reverted to Taliban rule from 15th August 2021 but after so many months common man is struggling for fulfilling his basic needs and children too are suffering on nutrition front.Women in general…

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