भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- सत्यजित राय
भारतीय सिनेमा के रत्न – सत्यजित राय 2-3 साल की शैशवावस्था में पिता का साया सिर से उठ गया और मामा के यहाँ रहना हुआ। ननिहाल का वातावरण साहित्यिक और संगीतमय था। घर में तमाम लोगों का आना-जाना लगा रहता था। माँ सुप्रभा देवी अपना सारा लाड़-प्यार अपने इकलौते बेटे सत्यजित पर लुटातीं। बाबा (पिता…