भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- डॉ राम मनोहर लोहिया

डॉ राम मनोहर लोहिया  भारत को ब्रिटिश हुकूमत से आजादी दिलाने के लिए अगणित स्वतंत्रता सेनानियों ने असंख्य बलिदान दिए। उन्ही सपूतों में से एक थे डॉ.राम मनोहर लोहिया ,जिन्होंने भारत माता को गुलामी की जंजीरों से मुक्त करने के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया। वे बेहद साहसी, प्रगतिशील और आशावादी इंसान…

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स्त्री-शिक्षा पर गांधी जी की अवधारणा

स्त्री-शिक्षा पर गांधी जी की अवधारणा गांधी जी सदैव कहा करते थे कि एक आदमी को पढ़ाओगे तो एक व्यक्ति शिक्षित होगा। एक स्त्री को पढ़ाओगे तो पूरा परिवार शिक्षित होगा। “गांधीजी शिक्षा के माध्यम से महिलाओं की मुक्ति में विश्वास रखते थे और उन्होंने भारतीय समाज के कायाकल्प की दिशा में चलायी गयी राजनीतिक…

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“राष्ट्रपिता”

“राष्ट्रपिता” किसने जाना था कि सत्य के प्रतीक बन जाओगे अहिंसा के मसीहा भारत की तकदीर बना जाओगे ! किसने समझा था तुम्हे एक दुबली सी काया देगा भारत को आजादी का स्वरुप ! आज नत हम भारतवासी तुम्हारी अद्भुत सीख को याद करे बापू समय के इस चक्र में संसार को समझना होगा संकल्प…

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पटना विमेंस कॉलेज और मेरा क्रिकेट का खेल

पटना विमेंस कॉलेज और मेरा क्रिकेट का खेल साल १९७६: मैट्रिकुलेशन के रिजल्ट आ गए थे . मार्क्स बहुत अच्छे थे और लगता था पटना साइंस कॉलेज में एडमिशन हो जायेगा . घर में इसकी चर्चा थी. घर में लोग मुझे डॉक्टर का करियर चुनने की सलाह दे रहे थे.पहले से भी मेरे अपने चाचा…

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ज़हरमोहरा: उर्दू में अनुवादित दिव्या माथुर का कहानी संग्रह

ज़हरमोहरा: उर्दू में अनुवादित दिव्या माथुर का कहानी संग्रह दिव्या माथुर से तआरुफ़ गुज़िश्ता मई, 2015 में डॉ ज़ियाउद्दीन शकेब के माध्यम से हुआ। किसी हिन्दी कहानीकार को पढ़ने का यह पहला मौक़ा था; मुझे ये फ़ैसला करने में वक़्त नहीं लगा कि ये कहानियाँ उर्दू दुनिया तक भी पहुँचनी चाहिएँ। मुझे दिव्या जी की…

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मजबूर मजदूर

मज़बूर मजदूर मैं स्वयं कृषक कन्या हूँ, मज़दूर और किसानो की स्थिति बहुत करीब से देखी हूँ और समझती हूँ,सभी मजदूरों की पीड़ा को मैं हृदय से महसूस करती हूँ और उनका बहुत सम्मान करती हूँ । इस कोरोना काल के संकट में सबसे भयावह और दिल दहला देने वाली स्थिति हमारे देश के मजदूरों…

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विजयी भारत

विजयी भारत आप में से बहुतों ने १९६२ का युद्ध देखा होगा व उसकी कहानियां भी सुनी होंगी।मेरे भी ज़हन में आज कई दिनों से वो १९७५ का पाकिस्तान व भारत के युद्ध जिसके “सायरन” की गूंज,वो मेरे घर की छत से जहाजों की फर्राटेदार उड़ानें और उस पर हम दोनों बहनों को मां और…

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पर्यावरण संरक्षण

“पर्यावरण संरक्षण “ धरती कहे पुकार के जरा देख मुझे संतान मेरे अपने ह्रदय के प्यार से अपनी चक्षु की नमी से कब समझोगे मेरा प्रेम जो सदा है समर्पित तुम्हारे लिए सदियों से और तुम लुटते हो मेरा सौन्दर्य मेरी मुस्कान चीर देते हो मुझे मेरी ये पीड़ा जो समझोगे कभी मैं हूँ इंतजार…

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उम्मीदें इन्द्रधनुषी हुईं

उम्मीदें इन्द्रधनुषी हुईं एक एक अजीब सी सिरहन हुई ,और गुदगुदी भी, उस दिन शिंदे की तस्वीर देखी अखबारों में।गले में लालचारखाना गमछा,पाँव में बूढे चप्पल ,गोदी में , हरी साड़ी ब्लाउज में,चलने में लाचार बूढ़ी मौसी।बीवी,दो बच्चे और एक अंधी बहन का भार,फोटो के नीचे का दो लाइन वाला कैप्शन ढो रहा है।पीछे लम्बा…

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हिंदी ऐसी भी

हिंदी ऐसी भी “सुनिये, आप मेरा मोबाइल दुकान पर जाकर दिखा लाओ। इसमें बहुत दिनों से राहुल का फोन नहीं आ रहा। शायद अमेरिका का नेट यहाँ काम नहीं कर रहा।”, वेणु हाथ में लिए मोबाइल को किशोरजी को देते हुए बोली। “अरे वेणु..”, कहते हुए किशोरजी बोलते हुए चुप हो गए और मोबाइल लेकर…

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