अच्छा लगता है

अच्छा लगता है लॉकडाउन में घर पर रहना। अच्छा लगता है। शांत अवनी, स्वच्छ आकाश। शुद्ध पवन करे प्रदूषण नाश। स्वच्छ समीर तन में भरना। अच्छा लगता है। शांत हुआ शोर वाहन का । चहचहाना चिड़ियों का। चिन्ता नही किसी काम का सुबह सबेरे योगा करना। अच्छा लगता है। शाकाहारी घर का खाना। ना होटल,ना…

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बोनस

बोनस आज षष्ठी का दिन है। कीर्ति सुबह उठते ही खुशी से उछलने लगी है। कारण आज बाबा को बोनस मिलने वाला है। बाबा बोनस लेकर आएँगे और फिर दुर्गा पूजा के कपड़े आएँगे। उसके बाबा दार्जिलिंग के एक चाय बागान में नैकरी करते हैं। वह फुदकती हुई अपनी माँ कुमारी के पास पहुँची और…

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आशा

आशा जीवन में अंधकार हो चहूँ और अविकार हो तुम आशा का दामन थामे रखना बिजली कड़कड़ाये या मेघ गरजें सूरज की हो तपिश या आस्माँ बरसे तुम आशा का दामन थामे रखना हर तरफ़ चीत्कार का है मंज़र इंसान क़ैद में कैसा है ये क़हर तुम आशा का दामन थामे रखना ऑक्सीजन का कालाबाज़ार…

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एक पत्र पिता के नाम

एक पत्र पिता के नाम (मेरे पापा जिनको मैंने कोरोना काल में खो दिया उनको समर्पित) कलम से एक पत्र लिखा है आज लिखा है उनको जो हैं शायद नाराज़ तभी तो अब नहीं कभी आती उनकी आवाज़ जाने कहां चले गए वो जिनपर था मुझको नाज़ न किया कोई गिला न शिकवा किया मुझसे…

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आत्मकथा

आत्मकथा आत्मकथा लिखने का विचार जब भी आता अन्तर्मन में एक उथल- पुछल्ले सी मच जाती। बचपन बीता, जवानी बीती,चलते ही रहे, सदा चलते ही रहे, खट्टी-मीठी यादों को समेटे। समय जो मुट्ठी में बन्द रेत सा फिसल जाता है फिर कहाँ वापस आता है।जाने क्या क्या रंग दिखाता है … ज़िन्दगी कभी सहेली कभी…

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सर्दी में जरूरी है नियमित व्यायाम

सर्दी में जरूरी है नियमित व्यायाम सर्दियों में एक्टिव रहना कठिन हो सकता है।आरामदायक कंबल और आलस हमें अपने बिस्तर पर रहने का लालच देता है। यह वह समय भी है जब हम आलसी और ऊर्जा की कमी महसूस करते हैं। हालांकि, अगर आप सुस्ती से जूझ रहे हैं और ठंड के मौसम में तरोताजा…

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India’s Neighbourhood Policy Must Change In View Of Emerging Developments                             

India’s Neighbourhood Policy Must Change In View Of Emerging Developments      Well, it’s election time in our neighbourhood : Myanmar, Bangladesh and Nepal. Fed up with slowing down of the economy, bouts of violence & unrest and a bleak future for youth, the common voter is looking for much needed change and relief in…

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इस बार यूँ होली

इस बार यूँ होली कुछ सतरंगी सी चाहत यूँ आज मचल रही है जैसे इस फागुन होली अनकही भी कह रही है मेरी हसरतों को यूँ निखार देना तुम ले सूरज की धूप सूनहरी मेरी गालों पे लगा देना तुम सजा देना माँग मेरी पलाश के सूर्ख लाली से जो चूनर ओढ़ लूँ मैं धानी…

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डरपोक

डरपोक साड़ी के पल्लू को संम्हालती हुई मालती ने पीछे देखा। रात के अंधेरे में कुछ दिखाई नहीं पड़ा। पैदल चलती हुई वो थोड़ा रुकी फिर चलने लगी। सोचा कहीं सड़क के किनारे लाइट वाले खंभे पर रुकेगी। ऐसा डर उसे पहले नहीं लगता था ।अकेले आने जाने की आदत है उसे। पिछले चार सालों…

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मेरी माँँ

मेरी माँँ माँ की ममता की छाँव है माँ की आवाज दिल का सुरुर है माँ की मौजूदगी दिल का सुकून है माँ की मुस्कुराहट फूलों की खुश्बू है माँ का दुख दिल का लहू है माँ की ममता प्यार का साया है माँ के पैरों के नीचे सारा जहाँ है माँ का साया सघन…

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