बारिश

बारिश!! शनिचरी को बारिश पसंद नहीं है! ये बुड़बक बारिश जब -जब आता है। वह खेत खलिहान घूमने नहीं जा पाती है। शनिचरी को बारिश पसंद नहीं है! मे मे करती उसकी सभी..बकरियाँ घर वापस आ जाती हैं बस एक झोपड़ी है फूस की उसमें वह रहेगी या उसकी बकरियाँ शनिचरी को बारिश पसंद नहीं…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- राव तुलाराम

अमर स्वाधीनता सेनानी राजा राव तुलाराम सिंह भारत का इतिहास वीरों की गाथाओं से भरा पड़ा है। इतिहास में यूँ तो बहुत से स्वतंत्रता सेनानी हुए हैं जिन्होंने स्वाधीनता संग्राम में अपना बहुमूल्य योगदान दिया। उनमें कुछ सेनानियों ने अपनी वीरता संकल्प और दृढ़ निश्चय के बल पर अंग्रेजों को लोहे के चने चबाये और…

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I Am A Woman

I Am A Woman “I Am A Woman” Here I stand whole and complete in majestic beauty with Grace and Mercy about my loins and feet! The Womb of all humanity has been entrusted to me through the design and the intentions of God, The Creator Almighty! I am gentle as a breeze blowing through…

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महापर्व छठ

महापर्व छठ कितनी विस्तृत हमारी संस्कृति जब समझे होंगें जन आदित्य को जाना होगा प्रकृति का उपहार जग जीवन के लिएआता प्रकाश कहते हैं द्रौपदी जब हुई हताश महाभारत का भीषड़ विनाश किया संकल्प पावन हृदय से संतान रक्षा जय हेतु करूँ तप किया महापर्व छठ पूजन विशेष सुहासिनी ने मांगा सुवरदान विनती करूँ हे…

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बीमारी

बीमारी सुप्रसिद्ध वरिष्ठ लेखिका ममता कालिया जी द्वारा लिखी कहानी ‘बीमारी’ रिश्तों के खोखलेपन को दर्शाती एक ऐसी रचना है जो सीधे सीधे पाठक के दिल को छूती है । ये कहानी है एक बीमार बहन की जो अपने भाई भाभी को रोग के कठिन समय में अपने पास बुलाती है एक बीमार बहन की…

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दीदीःशक्ति पुँज शिक्षिका

दीदीःशक्ति पुँज शिक्षिका एक शिक्षक के रूप में दीदी. (डॉ वीणा श्रीवास्तव) जब मेरे जीवन में आयीं…उस वक़्त किशोरावस्था की उम्र थी मेरी, जीवन की सबसे नाजुक और महत्वपूर्ण अवस्था। इस उम्र में यदि अच्छे शिक्षक मिल जाए…सही मार्ग दर्शन मिल जाए तो जीवन संवर जाता है। कुछ ऐसा ही मेरे साथ हुआ। एक शिक्षक…

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दूसरी फूलो

दूसरी फूलो आज अचानक से फूलो का चेहरा मेरे सामने कौंध गया और फ्लैश बैक की तरह उसका जीवन परत-दर-परत खुलने लगा। उसका वास्तविक नाम फूलवंती था पर, उसके जीवन में सुगंध का कहीं नामों निशान तक नहीं था। बाल्यावस्था में ही उसने मां को खो दिया था । पिता शादी कर दूसरी मां ले…

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करवा चौथ का उपहार

करवा चौथ का उपहार तेरे प्रेम के सिंदूर से मेरा जीवन हो सप्तरंग तेरे स्नेह की बिंदिया से फिले रहे मेरा मुख तेरे विश्वास की चुडिय़ां से खनकती रहे मन तेरा मंगल होना ही मेरा मंगलसूत्र रहे तेरी खुशियों ही मेरे पायल की छुनछुन रहे तेरी सफलता की खुशी से ओठ सुर्ख लाल रहे तुझे…

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एक सशक्त कथा ‘पंच परमेश्वर ‘ : आज भी सामयिक

एक सशक्त कथा ‘पंच परमेश्वर ‘ : आज भी सामयिक ” हमारी सभ्यता, साहित्य पर आधारित है और आज हम जो कुछ भी हैं, अपने साहित्य के बदौलत ही हैं।”- यह उद्गार है महान साहित्यकार प्रेमचंद का, जो उनकी रचनात्मक सजगता और संवेदनशील साहित्यिक प्रेम को दर्शाता है। प्रेमचंद हिंदी साहित्य का एक ऐसा नाम…

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