प्रकृति हमारी अस्तित्व

प्रकृति हमारी अस्तित्व प्रकृति को प्यार दें स्नेह और दुलार दें, पूजा करें इसकी और तन मन भी वार दें! जिसने केवल आजतक देना ही जाना है, हम सभी मानव को संतान सी माना है!! फिर क्यूं हम भी पीछे हों अपने उदगार में, प्रकृति सी सुंदरता नहीं कहीं संसार में! उसके ही आंचल में…

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सवाल आप के और समाधान हमारा

सवाल आप के और समाधान हमारा आज हमारी पहली सवाल आप के और समाधान हमारा सत्र में कोरोना से संबंधित कुछ प्रश्नों का उत्तर या समाधान हल करने की कोशिश करेंगे डॉ राणा संजय प्रताप सिंह जी के साथ जोकि एक वरिष्ठ फिजीशियन, समाजसेवक और राजनीतिज्ञ भी हैं। भाजपा के वरिष्ठ सदस्य हैं तथा लॉयंस…

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आयरन लेडी -इंदिरा गाँधी 

आयरन लेडी -इंदिरा गाँधी  बीसवीं सदी की विश्व की सबसे ज्यादा चर्चित महिला राजनीतिज्ञों में से एक थी श्रीमती इंदिरा गाँधी .जो स्वतंत्र भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री बनी .आइरन लेडी पर दिल से मुलायम .गरीबो की मसीहा .महान बनने के लिए हिम्मत चाहिए .मिशाल बनने के लिए भी हिम्मत चाहिए;हिम्मतों की परिभाषा थी इंदिरा…

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अनु बाफना की कविताएं 

  अनु बाफना की कविताएं  1.मशाल सी कलम प्रखर हो सूर्य किरणों-सा,तपिश से लोह भी पिघले । करे जो सत्य-आराधन,खरा सोना सदा उगले । दिखे जब राष्ट्र खतरे में, कि तीरों की करे वर्षा । बहे जब लेखनी ऐसी,सितारा देश का उजले । रचा साहित्य ऐसा था,लगे वनराज की गर्जन। जगाये ओज तन-मन में, उफन…

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सुना तो सिर्फ दिल का

  सुना तो सिर्फ दिल का   मेरा जन्म 22 फरवरी को हुआ । मैं दूसरे नम्बर पर थी। बहन के एक साल बाद ही मेरे आगमन से कोई ज्यादा खुशी नहीं हुई थी मेरे परिवार को।और फिर मेरे बाद दो और बहनें , तब एक भाई। मम्मी भी नौकरी में थे और दादी का…

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Christmas

CHRISTMAS The happiest season is here again, shielded faces can’t stop us from recapturing, that brightest star that led to the three wise men, to find the Christ that was born in Bethlehem. Heaven and nature sing; Joy to the World the Lord has come! Christmas, it’s Christmas, time to love! Humanity is wanting for…

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क्रांतिवीरों का तीर्थ स्थल : सेल्युलर जेल

क्रांतिवीरों का तीर्थ स्थल : सेल्युलर जेल   यह तीर्थ महातीर्थों का है.. मत कहो इसे काला पानी.. तुम सुनो यहाँ की धरती के.. कण कण से गाथा बलिदानी. प्रखर राष्ट्रभक्ति की ये पंक्तियां भारत वर्ष के स्वाधीनता संग्राम के अमर सेनानी श्री गणेश दामोदर सावरकर जी के होठों पर तब भी सजी हुई थी…

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हँसी बेगम बेलिया

  हँसी बेगम बेलिया ज़िद में ही मौसम ने हवाओं को छू लिया हरे-हरे पातों में हँसी बेगम बेलिया सड़कों पर चिड़ियाएँ पेड़ से नहीं उतरीं खाली पाँवों चलती धूप भी नहीं ठहरी साथ रहती समय के नहीं कुछ भी किया चाँदनी में भींगी पानी नाली नदियाँ रिश्ता ही बनाती है ये आती जो सदियाँ…

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बंसती बाँसुरी

बंसती बाँसुरी वनों बागों में प्रकृति की जादूगरी पीली सरसों की डाली हरीभरी विभिन्न रंग पुष्पों की लागे भली तूलिका से रचना किसने है करी पशु पंछी की थिरकन लागे भली पवन संग सुगंध मदमताती परी जनजन मे जगाये उमंग प्रकृति विद्यादायिनी शारदे आशीष भरी बासंती परिधान से दुनिया सजी जीवनदायिनी प्रकृति फिर संवरी !…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- श्यामाप्रसाद मुखर्जी

श्यामा प्रसाद मुखर्जी व्यक्तिगत जीवन-श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंगाल के प्रतिष्ठित परिवार में जन्म ।१९२१ में बी॰ए॰ किया। १९२६ में लंदन से लॉ किया। ३३ वर्ष की आयु में सबसे कम उम्र के कुलपति (कलकत्ता विश्व विध्यालय) बनने का गौरव प्राप्त किया। अभिभावक- आशुतोष मुखर्जी और जोगमाया देवी। जीवन साथी-सुधा देवी। संतान-अनुतोष,देबातोष,सबिता,आरती शिक्षा- लॉ कैरियर- स्वतंत्र…

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