एमेनोरिया

कई बार पीरियड्स आने अचानक बंद हो जाते हैं । इसे हल्के में ना लें। यह रिप्रोडक्टिव ऑर्गन्स या हार्मोन्स से जुड़ी समस्या हो सकती है। किसी युवती के पीरियड्स आने अचानक बंद हो जाएं और यह स्थिति 6 महीने तक बनी रहे, तो इसे डॉक्टरी भाषा में एमेनोरिया कहते हैं। जमशेदपुर की सीनियर कंसलटेंट…

Read More

प्रेम

प्रेम हुई है जबसे सुन्दर भोर,उठा है अदभुत- अदभुत भाव। निहारे पाखी को चितचोर, सुखद है हृद का यह गहराव।। नयन को करके हमने चार , मिलाया हाथों से फिर हाथ । दिखा जन्मों-जन्मों का प्यार,निभाना साथी अब तुम साथ।। बुझे ना दीपक की लौ तेज, इसी बंधन में सुख अरु चैन। रखो अब हमको…

Read More

नया सफर 

नया सफर  राधा ने नए शहर में अपनी नई नौकरी के पहले दिन के लिए खुद को तैयार किया। बचपन में पिता के निधन के बाद, उसकी माँ ने उसे अकेले पाला था। रिश्तों का उसका अनुभव सीमित था। समुद्र तट पर बसे इस छोटे से शहर में एक वृद्धाश्रम था, जिसका नाम था ‘शांतिवन’…

Read More

बेटी

बेटी नये इलाके में उन लोगों का अभी तक सभी से पूरा परिचय भी नहीं हुआ था। शाम को श्याम किशोर और उनकी पत्नी जब घूमने निकलते तब कुछ लोगों से बातचीत के माध्यम से परिचय हो रहा था। साथ में रहने वाली बीना को केवल अपने ड्युटी और घर से ही मतलब था इसके…

Read More

गांधी गुजरात का!!

गांधी गुजरात का!! ना मानी हार जो करता गया वार वो, बंदूक ना गोली से प्यार की बोली से वो संत अहिंसा का करता रहा चमत्कार जो!! मन में था जिसके कुछ भी कर जाने की, हर सांस में थी उसके धुन आज़ादी पाने की, लाज बचाने भारत मां की त्याग दिया घर -बार जो,…

Read More

भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- सैम मानेकशॉ

एक अद्वितीय योद्धा-सैम होर्मूसजी फ़्रेमजी जमशेदजी मानेकशॉ हम सब भारतीय सेना की वीरता और पराक्रम की हमेशा प्रशंसा करते हैं जब भी सेना कोई ऐसा काम करती है जिससे हमारे देश का सामर्थ्य दिखता हैं तो हमारा सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। कुछ ऐसे ही थे सैम मानेकशॉ जिन्हें देश का पहला फील्ड…

Read More

और भेड़िया सच में आ गया

और भेड़िया सच में आ गया “क्याआ आ–! सच में!, ऐसा कैसे हो सकता है? दो दिन पहले तो मैं शुभ्रा से मिली थी, परेशान थी वह लेकिन इतनी भी नहीं कि इतना बड़ा कदम उठा ले और वैसे भी वह हमेशा छोटी छोटी बातों को लेकर शिकायत कारती ही रहती थी।” “लेकिन यह सच…

Read More

माँ तू अनमोल है

माँ तू अनमोल है न जाने कितनी ही बार लड़खडाते कदमो को संभाली होगी माँ न जाने कितनी ही बार गिरने से बचाई होगी माँ न जाने कितनी ही बार गोद में लेकर थपकी दी होगी माँ न जाने कितनी ही बार कितने जतन की होगी मेरी हंसी खुशी के लिए माँ न जाने कितनी…

Read More

बसंत

बसंत आया बसंत हर्षित हुए अनंग धरती का मगर देख हाल सिकुड़ा किंचित मस्तक भाल दिल्ली में जब देखा तनाव बदले अपने मन के भाव किया उन्होंने एक एलान लड़ूंगा अबकी मैं भी चुनाव दिखाऊंगा अपना प्रभाव रति लाना मेरा धनुष बाण सुनो सब मेरा संकल्प पत्र मैं ही हूं बस तुम्हारा विकल्प तुम भी…

Read More