बसंत

बसंत पतझड़ से शोभाहीन हुई, प्रकृति के नव शृंगार को। पिछले बरस की नीरसता हटा, आस के फूल पल्लवित करने को। वन उपवन को पुनर्जीवन देने, है एक और बसंत आने को। अंतर्मन में कहीं सुप्त पड़ी, मानवता झकझोरने को। एहसासों को अंकुरित कर, रिश्तों को नई तरंग देने को। काश, इस बार बसंत आए…

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मज़दूर

मज़दूर हालातों से होकर मजबूर ही बनता है कोई मज़दूर पेट की आग बुझाने को ही रहता है घर से कोसों दूर करता है मेहनत इतनी पड़ जाते हैं छाले हाथ पांवों में रहता है फिर भी वो सदा तनाव और अभावों में गर इस जहां में मज़दूर ना कोई होता ना होती गगनचुंबी इमारतें…

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प्रेमपत्र सन बहत्तर का

प्रेमपत्र सन बहत्तर का किशन आज बहुत लंबे समय के बाद तुम दिखे।समय को दिनों, महिनों और वर्षों में बाँटने की शक्ति कहाँ थी मुझमें।हर एक पल तो युग की तरह बीता था। कितने युग बीत गए इसका भान ही कहाँ रहा मुझे।मन तो सदा तुम्हें खोजता रहता था। आज तुम पर दृष्टि पड़ी तो…

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ममता कालिया

ममता कालिया ‘ममता से मिलने चलोगी? मुझसे पूछ रहे थे आदरणीय रवींद्र कालिया जी डायरेक्टर ज्ञानपीठ ‘9 साल छोटी पत्नी’ ‘गालिब छुटी शराब’ फ़ेम के लेखक जिन्हें हमने बचपन से पढ़ा था पत्रिकाओं में मुझसे मुखातिब थे! क्या खुशनुमा दिन होगा! और पूछ रहे थे ममता जी यानी ममता कालिया के बारे में, जिनकी प्रसिद्धि…

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सच्चे प्यार की परिभाषा

सच्चे प्यार की परिभाषा एम्बुलेंस १०० की स्पीड में सड़क पर दौड़ रही थी। अंदर नर्स कोयल को संभालने का भरसक प्रत्यन कर रही थी। मुँह पर लगे ऑक्सीज़न मास्क के बाबजूद कोयल की उखड़ी साँसे सामान्य नहीं हो पा रही थी। कोयल राज का हाथ पकड़े तड़प रही थी। उसकी बड़ी बड़ी आँखे बहुत…

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माँ

माँ माँ सहनशक्ति की अनुपम मिसाल है, उसका हर रूप बच्चों हेतु बेमिसाल है। वह सृजनकर्ता है,नित प्राण रक्षक है, बच्चों पर आँच आ जाये तो बनती भक्षक है। वह अन्नपूर्णा है घर की संचालिका है, वह जो न हो घर मे तो घर का नही कोई मालिक है। वह हिम्मत है,वह ताकत है, वह…

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मैट्रिमोनियल

    मैट्रिमोनियल ‘ हैलो जी, मैं अरवी का पिता चेतक अरोरा। आपके बेटे की प्रोफाइल देखी है। आप मेरी बेटी की प्रोफाइल देखी लीजिए।’ ‘जी! अभी देखती हूं।’ सरुना तुरंत अरवी की प्रोफाइल देखने लगी। जिसमें लड़की का नाम, जन्म तारीख, जन्म समय, जन्म स्थान के साथ-साथ लड़की की ऊंचाई, रंग-रूप, प्राप्त शिक्षा और…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- सुभद्रा कुमारी चौहान

अग्रणी महानायिका “हिंदी साहित्य हमेशा समाज से सम्बद्ध रहा है। साहित्य मात्र मनोरंजन का माध्यम नहीं वरन सामाजिक समस्याओं और विसंगतियों का आईना भी है।” आधुनिक हिंदी साहित्य के क्षेत्र में शुरुआत से ही देश की स्वतंत्रता की आवश्यकता और गुलामी की विवशता पर लेखकों ने खुल कर कलम चलाया था।भारतेन्दु हरिश्चन्द्र से लेकर आज…

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कहानी ‘मेला’ एक वैचारिक दृष्टिकोण

कहानी ‘मेला’ एक वैचारिक दृष्टिकोण साहित्य संसार की प्रतिष्ठित कथाकर, जो, केवल कहानियों में ही नहीं, नाटक, उपन्यास, कविता, निबंध, पत्रकारिता,लगभग साहित्य की अधिकांश विधाओं में अपना हस्तक्षेप रखतीं हैं और अपने लेखन के लिये अनेक साहित्य सम्मान से नवाज़ी गईं हैं। प्रबुद्ध, सरल -सहज, सौम्य, चेहरे पर,निर्बाध, निश्छल हँसी ऐसे दिखती है,जैसे पूस में…

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गृहस्वामिनी इंटरनेशनल सुपर अचीवर्स

गृहस्वामिनी इंटरनेशनल सुपर अचीवर्स नाम – शार्दुला नोगजा उम्र – ५२ साल शिक्षा – मास्टर्स ( कम्पयूटेशनल अभियांत्रिकी), जर्मनी; स्नातक ( इलेक्ट्रिकल अभियांत्रिकी-ऑनर्स), कोटा, राजस्थान उपलब्धियाँ: प्रतिष्ठित हिन्दी कवयित्री; संपादक कविताई सिंगापुर की संस्थापक कविता की पाठशाला की सह-संचालक विश्वरंग महोत्सव २०२० की सिंगापुर फ़ेस्टिवल डारेक्टर अंतराष्ट्रीय साहित्य धारा सम्मान-२०१९ तेल और उर्जा क्षेत्र में…

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