मजबूरी का सौदा

मजबूरी का सौदा गौरीपुरा गाँव के ठीक बीचों-बीच, बरगद के पेड़ के नीचे, गिरधारी की छोटी-सी दुकान थी। दुकान क्या थी, एक फटी-पुरानी चारपाई, जिस पर कुछ लकड़ी के खिलौने रखे रहते थे। गिरधारी के हाथ में जादू था। उसकी छेनी और हथौड़ी से बेजान लकड़ी में जान आ जाती थी। वह सुबह सूरज निकलने…

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लॉकडाउन के पश्चात रोजगार और व्यवसाय के नये अवसर

“लॉकडाउन के पश्चात रोजगार और व्यवसाय के नये अवसर” “खेती न किसान को भिखारी को न भीख भली, वनिक को वनिज न चाकर को चाकरी। जीविकविहीन लोग सिद्यमान सोच बस, कहैं एक एकन सो ‘कहाँ जाइ का करी’।।” तुलसीदास ने भले ही ये पंक्तियां सोलहवीं शताब्दी के परिस्थितियों को देखते हुए रचा हो किन्तु ये…

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ज़िंदगी के रहस्य समेटे है “तिलिस्म”

ज़िंदगी के रहस्य समेटे है “तिलिस्म” साहित्यकार की सफलता इस बात में होती है कि वह अपने प्लॉट का चयन कितने विवेकपूर्ण ढंग से करता है, अपने कथा परिवेश का कितना सजीव वर्णन करता है, अपने पात्रों को कितना जीवंत बनाता है, और अपने उद्देश्य को अभिव्यक्त करने में कितना प्रभावी होता है। अगर हम…

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शहादत

शहादत क्या कहें कैसे कहें ,कहने को कुछ रहा नहीं । माँ की लंबी तपस्या , बक्से में बंद रहा नहीं । बक्से में तन टुकड़ों में , आत्मा ब्रह्म लीन है । साधना सिद्धि तपस्या , देश धरोहर रहा नहीं । बस तिरंगा देखतीं हूं , लाल मेरा दहाड़ा नहीं । आस थी विश्वास…

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ये अंतर्नाद है

ये अंतर्नाद है मेरा जन्मस्थल पाटलिपुत्र (पटना) वैदिक काल से ही अपना एक ऐतिहासिक गौरव समेटे हुए है। मेरे दादा मेवालाल लक्ष्मण प्रसाद जौहरी स्वतंत्रता सेनानी थे और अपने समय में पटना के प्रसिद्ध जौहरी भी थे।मेरे पिता जी राजा राम मोहन राय स्कूल में टीचर थे,बाद में कृषि विभाग में हो जाने पर सरकारी…

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अहिल्या का अभिशाप

अहिल्या का अभिशाप महाभारत का युद्ध अठारह दिनों तक ही चला था। लेकिन अशिक्षा की लड़ाई अभी लंबी चलेगी। पहाड़ों की हरी गोद में बसा हुआ ये आदिवासी गाँव अपने सबसे पास के शहरी कस्बे से 40 किमी दूर था। दो बसें आती हैं यहाँ। चार बजे के बाद कोई पब्लिक साधन नहीं है कहीं…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की-रानी लक्ष्मीबाई

मेरी महानायिका-झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई बुंदेलों हरबोलों के मुख हमने सुनी कहानी थी, खूब लड़ी मर्दानी वी तो झाँसी वाली रानी थी। आदरणीया स्वर्गीया सुभद्राकुमारी जी की रचना रानी लक्ष्मीबाई के साथ इतिहास में अंकित हो गई। यह काव्य कथा एक दर्पण की भाँति रानी जी की जीवनगाथा को अक्षरशः प्रतिबिंबित करती है। कविता पढ़ते…

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बेबसी

बेबसी शहर से दूर केंद्रीय जेल के ठीक सामने एक बहुत बड़ा मैदान था। मैदान के चारों तरफ पेड़ होने के कारण सुबह और शाम टहलने वाले लोगों के झुंड से यह जगह गुलजार रहा करता था। आज चुनाव का रिजल्ट आने वाला था। जिसके कारण रिटायर लोगों की टहलने वाली मंडली में जोरदार चर्चा…

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मुंशी प्रेमचंद

मुन्शी प्रेमचंद कथा सम्राट, उपन्यास सम्राट कहानी सम्राट लघु कथा, प्रेमचंद जी की रचनाओं में ग्रामीण परिवेश रहन सहन जीवन शैली देखते ही बनती है उनकी किसी भी कहानी लघु कथा या निबंध आज भी उतनी ही प्रासंगिक लगती है उनके किसी एक रचना को रुचि कर बताना बहुत ही मुश्किल कार्य है उनके कहानी…

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