भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- सुभद्रा कुमारी चौहान

अग्रणी महानायिका “हिंदी साहित्य हमेशा समाज से सम्बद्ध रहा है। साहित्य मात्र मनोरंजन का माध्यम नहीं वरन सामाजिक समस्याओं और विसंगतियों का आईना भी है।” आधुनिक हिंदी साहित्य के क्षेत्र में शुरुआत से ही देश की स्वतंत्रता की आवश्यकता और गुलामी की विवशता पर लेखकों ने खुल कर कलम चलाया था।भारतेन्दु हरिश्चन्द्र से लेकर आज…

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शक्तिशाली रानी हत्शेपसुत

शक्तिशाली रानी हत्शेपसुत वस्तुतः विश्व इतिहास में मिस्र की रानी हत्शेपसुत, ईसा पूर्व काल की एकमात्र शासिका हैं जिसके बारे में जानने के लिए हमारे पास पर्याप्त स्त्रोत मौजूद हैं। पुरातात्विक साक्ष्य के द्वारा उनके बारे में बहुत कुछ जानकारियां मिलती है। हत्शेपसुत मिस्र की 18वें साम्राज्य की पांचवी फराओ थी, जिसने 1478 B.C. से…

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कलयुगी सावित्री

कलयुगी सावित्री रोज की तरह उस दिन भी धनिया काम करने आई तो बहुत बुझी बेजान सी दिख रही थी ।मैं अभी अभी स्कूल से लौटी थी इसलिए मैंने उस पर ध्यान नहीं दिया वह जूठे बर्तन उठाकर उन्हें साफ करने चल पड़ी ।मैं थोड़ी देर आराम करने के लिए बिस्तर पर लेट गई अक्सर…

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यू आर माई वेलेंटाइन…..

यू आर माई वेलेंटाइन….. चाय के कप के साथ रखे अखबार पर छपी तारीख और फेसबुक ने याद दिलाया आज का दिन। चाय कड़क और मीठी लगने लगी, एक तमन्ना मन ही मन भाप सी ऊपर उठने लगी। ‘सुनिये जरा…’ पुकारा हमने। ‘क्या है जी… बच्चों को दूध-चाय देना है। नाश्ते की भी तैयारी करना…

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हिंदी है भारत की कला व संस्कृति की पहचान

हिंदी है भारत की कला व संस्कृति की पहचान विश्व करे इसका सम्मान । संस्कृत की बेटी हिंदीभाषियों की है शान। भारतीय कला व संस्कृति की यही है पहचान । तभी तो भारतेंदु ने लिखा था। – निज भाषा उन्नति अहै सब उन्नति कौमूल, बिनु निज भाषा ज्ञान के मिटै न हिय कौ सूल ।…

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डाॅ उमा सिंह किसलय की कविताएं

डाॅ उमा सिंह किसलय की कविताएं १.मैं धार हूँ नदिया की मैं धार हूं नदिया की रंग तरंग में बहती हूं संग संग दो किनारों के मैं बीच में बहती हूं है जटिल बहुत पथ ये अवरोध कई पग में धारा टकराती है हर संकट से मग में नदिया की सनक यही सागर से मिलना…

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महात्मा गांधी का जीवन विश्व कल्याण के लिए

महात्मा गांधी का जीवन विश्व कल्याण के लिए गांधीजी की कार्य शैली और साधना वसुधैव कुटुंबकम के सिद्धांत पर आधारित रही । गांधी जी के समन्वयवादी सिद्धांत मनुमष्य के विवेक की धुरी हैं । सत्याग्रह और अहिंसा पर आधारित गांधी जी की विचारधारा और कार्यशैली संपूर्ण विश्व के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है ।…

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योगेश

योगेश उसकी अक्सर याद आती रहती है। बल्कि शायद हमेशा ही वह मेरे जेहन में रहता है। मेरा चपरासी था। यूँ कहिये कि मेरा अभी-अभी चपरासी हुआ था। हुआ यूँ कि मैंने अपने स्थायी चपरासी को कई बार अचानक मेरे ऑफिस के सोफे पर लेटे देख लिया था और एक बार तो मेरे ही सोफे…

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गणेश कौन हैं ?

गणेश कौन हैं ? तमाम काल्पनिक देवी-देवताओं और अंधविश्वासों के बीच भी हमारे पुराणों में ऐसी कुछ चीजें हैं जो अपनी दृष्टिसम्पन्नता और सरोकारों से चकित करती हैं। शिव और पार्वती के पुत्र गणेश पुराणों की ऐसी ही एक देन हैं। अपने पिता की तरह गणेश प्रकृति की शक्तियों के विराट रूपक है। उनका मस्तक…

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