संवत्सर के नये सृजन का

संवत्सर के नये सृजन का संवत्सर के नये सृजन का प्राण प्राण वन्दन अभिनन्दन।। पीत पर्ण पर नन्ही कोपल, मन मन को आह्लादित करती। घनी अमा से उतरी किरणें, जन जन को संबोधित करती। पांखुर पांखुर गीत लिखें तितली फूलों का मधु रंजन।।१।। सुनहली शाटिका धृता पर कुंतल बीच पलाश सिंदूरी। कर्णसुसज्जित पारिजात ज्यूं ओढ़…

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खानदान 

खानदान  आनन्द और ख़ुशी जीवन का अनमोल खजाना है .यदि आनन्द और खुशी की यादों का गुलदस्ते मिल जाये तो अनेक फूलों की खुशबू आती है .जब जी चाहे उस गुलदस्ते का एक फूल निकालकर अपने को उस सुगंध में डुबो दें . ऐसा ही आनन्द और ख़ुशी का गुलदस्ता मेरी और सुनन्दा की दोस्ती…

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प्रेम की पूरकता

प्रेम की पूरकता तुम कोई गीत लिखो तुम कोई गीत लिखो, और मै गाऊं, गीत माटी के, गीत फसलों के, गीत सुबह-शाम ,गोधूली-विहान के. तुम कोई सूरज गढ़ों, और मै .. किरणों का परचम सजाऊं, मन की मञ्जूषा में यादों के साये हैं, भूले बिसरे नगमे बादल बन छाये हैं, जीवन के आँगन में तुम,…

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Another Taj Mahal

Another Taj Mahal Nestled below the lower Himalayas and the Barail ranges are the emerald green hills of Mizoram. Verdant forests, azure blue sky, brown and green rolling hills and sparkling waterfalls impart this magnificent land of the Mizos (Ram means land in Mizo) a unique charm. Sandwiched between Tripura on its west and Myanmar…

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कोरोना : क्राइसिस या कच्चा माल ??

कोरोना : क्राइसिस या कच्चा माल?? आज जब सम्पूर्ण संसार कोरोना वैश्विक महामारी से जूझ रहा है, वो भी बिना किसी अस्त्र/शस्त्र के, क्योंकि ना तो इसका निदान है और ना हीं उपचार। भारत जैसे लोकतंत्र के लिए यह क्राइसिस और भी भयावह हो जाती है! यह सर्वविदित है कि भारत की अपार जनसंख्या और…

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हिन्दी दिवस और हिन्दी

हिन्दी दिवस और हिन्दी कहने को राजभाषा है हिन्दी, भारती के भाल की सच में बिन्दी । न मारो माँ को अपने हाथों से, साँसें टूटतीं पर अब तक जिन्दी । छंदों से करती अपना श्रृंगार, पहनकर अद्भुत-अनुपम अलंकार । संगम अगनित भाषा बोलियों का, नव रस से आप्लावित चमत्कार । पहचानो इसमें है अपार…

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A Successful Woman

A Successful Woman What is success? Is it a subjective feeling of contentment with a job well done? A target achieved and a goal reached after overcoming obstacles? Or is it an evaluation by others, based on certain accepted benchmarks? Is it achievable at every little milestone of life? Or is it a lifetime achievement…

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कान्हा का मनका

कान्हा का मनका अब तो लौ लागी कान्हा, तेरे श्यामल श्री चरणों में । जन्म जन्म का साथ हमारा, युगों युगों की मेरी प्रीत। बना दे मुझे छोटा सा मनका, चुन ले मुझ को, जड़ ले मुझ को, अपनी रुनझुन पैजनियों में । अब तो लौ लागी कान्हा , तेरे श्यामल श्री चरणों में। औक़ात…

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