मेरा परिचय

मेरा परिचय कहाँ- कहाँ देखूँ निज छवि अपनी, किस-किस से बाँधू निज परिचय मैं? कहाँ-कहाँ ढूँढू निज आधार अपना, किस -किस के आगे शीश नवाऊँ मैं? दिया अस्तित्व को स्वरूप जिन सबने, कहता है मन सबको, निजपोषक अपना। परिचयदात्री स्नेह-धूप में बनी मेरी हर परछाई, वह घना बरगद जिसकी छाँव तले जीवन सुस्ताई। परिचय देती…

Read More

आरज़ू तुम ज़िंदगी की

आरज़ू तुम ज़िंदगी की राज तुमको गर बता दूँँ क्या कहोगे, हाल दिल का मैं सुना दूँ क्या कहोगे। नाज़ है हमदम तुम्हारे उल्फ़त करम पर नर्म पलकों पर बिठा लूँ क्या कहोगे। इश्क़ में हो इम्तिहां क्या सब्र की भी, हर सितम हँस के उठा लूँ क्या कहोगे। चाँद तारों की तमन्ना है कहाँ…

Read More

बदला हुआ आदमी

बदला हुआ आदमी गाड़ी स्कूल के मैदान में आकर रुक गई। गेट पर मौजूद लोगों ने अन्दर जाकर मुख्य अतिथि के आगमन की सूचना दी। यह सुनकर आयोजकों में खुशी की लहर दौड़ गई। स्कूल के प्रधानाचार्य गाँव के कुछ गणमान्य नागरिकों के साथ गेट पर आए। सबने माल्यार्पण कर मुख्य अतिथि का स्वागत किया…

Read More

हिन्दी दिवस : चुनौतियां व प्रोत्साहन

हिन्दी दिवस : चुनौतियां व प्रोत्साहन आजादी के 76 वर्ष पूरे हो गए परन्तु हिन्दी राजभाषा से राष्ट्रभाषा का सफर नहीं तय कर पाई। विविध भाषाओं एवं संस्कृतियों की संगमस्थली भारत में आज की वर्तमान तिथि तक हिंदी जन – जन की भाषा है भी नहीं।कई प्रांतों में उनकी स्थानीय भाषाएं ही जन को जन…

Read More

मुंशी प्रेमचंद

मुन्शी प्रेमचंद कथा सम्राट, उपन्यास सम्राट कहानी सम्राट लघु कथा, प्रेमचंद जी की रचनाओं में ग्रामीण परिवेश रहन सहन जीवन शैली देखते ही बनती है उनकी किसी भी कहानी लघु कथा या निबंध आज भी उतनी ही प्रासंगिक लगती है उनके किसी एक रचना को रुचि कर बताना बहुत ही मुश्किल कार्य है उनके कहानी…

Read More

टिंगू

‘‘टिंगू’’ ‘‘मृदु….. देखो भई कौन है’’ इन्होंने मुझे नीचे के बरामदे से आवाज लगाई. सुबह का अखबार पढ़ते समय तनिक व्यवधान हो तो इनकी आवाज ऐसी ही रूखी हो जाती है. मैं सीढ़ियाँ फाँदती नीचे आई तो देखा कि एक बारह तेरह साल का लड़का साफ धुली हुई हाफ पैंट व टी-शर्ट पहने अपनी माँ…

Read More

तुम आओगे या मैं जाऊं

तुम आओगे या मैं जाऊं तुम आओगे या मैं आ जाऊं कि, अब तो पतझड़ के बाद की नंगी शाखाओं पर नए पत्ते आ चुके हैं और प्रकृति भी अपने पुराने लिबास उतार कर नए आवरण में इठला रही है दिन लंबे और उदासी भरे हो गए हैं बहुत सारी उदासी इकट्ठी हो गई है…

Read More

कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद

कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद मुंशी प्रेमचंद जी इस युग के महान कथा सम्राट हैं । मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित उनका जीवन परिचय करता है। आदर्शोनुमुख, यथार्थवाद , प्रेमचंद साहित्य की मुख्य विशेषता है । इनके जीवन का सफर बहुत कठिन था पर उनका आत्मबल ,उनका आत्मविश्वास ,इतना प्रबल था कि उन्होंने हर आंधी तूफान को…

Read More

गीता जयंती

गीता जयंती गीता जयंती के शुभ अवसर पर आयोजित भगवत् गीता के श्लोकों का चिंतन-मनन यह एक सार्थक पहल है, यह उपक्रम सतत चलता रहे तो सभी को बौद्धिक और आध्यात्मिक लाभ होगा । आज मैं “अवतारवाद” पर अपनी अल्प बुद्धि से कुछ विचार व्यक्त कर करना चाहती हूं । अवतार का अर्थ स्वयं परमात्मा…

Read More