हर उड़ान भरने को तैयार

हर उड़ान भरने को तैयार ” पापा मुझे कम्प्यूटर कोर्स करना है “, ग्रेज्यूएशन का रिजल्ट आते ही मैने पापा से कहा । ” ज़रूर करो “, पापा के इन दो शब्दों ने मेरी उड़ान को मानो पँख लगा दिये । घर में पापा, मम्मी , भैया व छोटी बहन मेरे प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण…

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स्वर्णिम लेखनी

स्वर्णिम लेखनी बहुत कठिन प्रश्न है यह कि मुंशी जी की कौन-सी रचना सर्वाधिक पसंद है और क्यों ?जिस लेखनी से कथा का अर्थ समझा व पढ़ने का सलीका आया वह है कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की कलम। हर कहानी मन-मस्तिष्क पर अंकित। चाहे मजदूर हो या किसान, सूदखोर महाजन या खून चूसता जमींदार, सरकारी…

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Women

Woman. From the first ray of light you reflect, from the genes of another woman who generates your life. From the very first wailing you give a sign of wanting to impose yourself with all your strength and reason on the beauties and the contrarieties that are easy encounters on the path of existence. The…

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प्रेम की पराकाष्ठा

प्रेम की पराकाष्ठा प्रेम सत्य है,सर्वव्यापी है प्रेम की पराकाष्ठा भला कब किसने नापी है!! प्रेम विश्वास है प्रेम आस है, प्रेम प्यास है एहसास है!! प्रेम पूजा है,प्रेम निष्ठा है, प्रेम नाता है ,प्रेम विरह है!! प्रेम को कब किसने बांधा है प्रेम को कब किसने मापा है, प्रेम अनछुआ है अनदेखा है प्रेम…

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चिट्ठिया हो तो

चिट्ठिया हो तो …….. सुजाता ने कमरे की इकलौती खिड़की खोली। पिछले तीन दिनों से सुजाता इसी कमरे में ही पड़ी रहती है। इस पीली तीन मंजिली इमारत में खिड़कियाँ और दरवाजे बहुत कम हैं। सुजाता जब यहाँ तीन रात पहले आई थी, तो रात आठ बजे का समय था। टेबल के पीछे एक दुरूस्त…

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निर्मला लौटेगी ज़रूर !

निर्मला लौटेगी ज़रूर ! हमारे शहर के इस हिस्से में यह तीन तल्ला,आलीशान पीली कोठी, वास्तुकला की अनुपम मिसाल है. जिसका,काले रंग का, ऊँचा सा भारी भरकम, कटाव-दार मुख्य दार है. लोहे की सर्पाकार सीढ़ियाँ, आबनूस की लकड़ी व रंगीन-सफेद काँच से बनी खिड़कियाँ-दरवाजे, ‘चायनीस-ग्रास’ से सजा कालीन-नुमा उद्यान,विलायती गुलाबों की क्यारियाँ, मुख्य द्वार पर…

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कैसे लिखूं तुम्हें मैं

कैसे लिखूं तुम्हें मैं कैसे लिखूं तुम्हें मैं, कैसी तस्वीर बनाऊँ? मन और काय की भाषा, परिभाषा लिख न पाऊँ। उंगली थाम सिखाया चलना, सतपथ की दिशा बताई। साहस नित ही रहे बढ़ाते, तुमने जीत की राह दिखाई। हर कठिनाई सरल बनी, हर सम्भव हल बतलाया। संस्कार भरे संस्कृति सिखलाई, स्वाभिमान का अर्थ बताया।। उसी…

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विषाणु कोरोना

विषाणु कोरोना कोरोना वायरस की आपदा विश्वव्यापी थी। इस संकट से निपटने में हमारे सक्षम प्रधानमंत्री मोदी जी की दूरदर्शिता और कर्मठता का ही परिणाम था कि हमारे देश में कोरोना वायरस उतनी तेजी से नहीं फैला जैसा अन्य देश में फैला था। मोदी जी ने देश के फस्टफ्रंट पर काम करने वाले सभी डाक्टर,…

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ज़िंदगी के रहस्य समेटे है “तिलिस्म”

ज़िंदगी के रहस्य समेटे है “तिलिस्म” साहित्यकार की सफलता इस बात में होती है कि वह अपने प्लॉट का चयन कितने विवेकपूर्ण ढंग से करता है, अपने कथा परिवेश का कितना सजीव वर्णन करता है, अपने पात्रों को कितना जीवंत बनाता है, और अपने उद्देश्य को अभिव्यक्त करने में कितना प्रभावी होता है। अगर हम…

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