कैसे ठहरता बसन्त

कैसे ठहरता बसन्त बसन्त यहां भी आया था द्वार पर ही थी अनुरागी किसलय से भरी थी अंजुरी लहकती उमंग-तरंग सोमरस से भरे घट, परिणय पल्लवों को छूती मंज़र उन पर बैठी अभिलाषा पिक अभी कुहुक ही रही थी पूरी तरह पंचम स्वर पकड़ी भी नहीं ऊपर कहीं से अनायास निर्विघ्न चक्रवाती तूफान ने घेर…

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बिन पिता के

बिन पिता के स्वाभिमान, सुरक्षा, स्नेह, समर्पण वटवृक्ष सी छाया जिसने की अर्पण चरणों में जिसके सब कर्म धर्म समझाया जिसने जीवन का मर्म माँ के जीवन के, जो थे परिभाषा मिली उन्हीं से अदम्य जिजीविषा निष्ठा, कर्त्तव्य, पोषण, अनुशासन मूल मंत्र सा जिसने, फूंका अंतर्मन बिन तुम्हारे अधूरा हर संकल्प तुम बिन दूजा न…

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रोना मत 

रोना मत  सुबह-सुबह जाड़े की सुनहरी गुनगुनी धूप में रंजन जी अपने सफेद मुलायम शाल ओढ़े आराम कुर्सी पर बैठ चाय के आने का इंतजार कर रहे थे। मौसमी फूलों से पूरा बगीचा खिल रहा था। गमले करीने से सजे हुए थे। रंजन जी को बागवानी का बहुत शौक था, परन्तु नौकरी की वजह से…

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स्वतंत्रता आनंदोलन के प्रथम क्रांतिकारी

स्वतंत्रता आनंदोलन के प्रथम क्रांतिकारी हम लोगों मे से कुछ लोगों ने तिलकामांझी का नाम विश्वविद्यालय के नाम के रूप मे सुना होगा जबकि कुछ ने भागलपुर शहर के एक चौक चौराहे के रूप मे जो कुछ लोग थोड़े से खोजी स्वभाव के होंगे उन्होंने बाबा तिलकामांझी को प्रथम क्रांतिकारी के रुप जाना होगा जबकि…

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‘अब वतन भी कभी जाएंगे..’

‘अब वतन भी कभी जाएंगे..’ ‘अब वतन भी कभी जाएंगे तो मेहमां होंगे’ .. मशहूर शायर मोमिन खां के दिल का दर्द एक दम सच बैठा इंतजार हुसैन साहब पर। इंतजार हुसैन पाकिस्तान के बहुत बड़े अद़ीब हुए हैं। लेकिन उनके किस्से,कहानियों में हिंदुस्तान के प्रति भी उनके बेइंतहा लगाव को देखते हुए कहा जाना…

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मेरे इश्क का रंग है केसरिया

मेरे इश्क का रंग है केसरिया देश मेरे …. रंगरेज मेरे मेरे इश्क का रंग है केसरिया तेरी आन की खातिर मैं न मरा तो खाक यह जीवन मैंने जीया देश मेरे…… कायर ने छुप कर वार किया अस्मिता पर प्रहार किया किंचित न गम है मिटने का हाँ दुख है न योद्धा दिखने का…

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नई शिक्षा नीति :एक चिरप्रतीक्षित अनिवार्य कदम

नई शिक्षा नीति :एक चिरप्रतीक्षित अनिवार्य कदम भारत ऋषियों – मुनियों, योग,ध्यान और प्राणायाम की धरती रही है। सदियों पहले से यहां पृथ्वी के अध्ययन वाले विषय को ‘भूगोल’ और जिसकी गति हो उसे, ज+गत=’जगत’ कहा गया। अपनी इसी सभ्यता और समृद्धि के कारण, भारत हमेशा से ही विदेशी आक्रमणों का शिकार और दुश्मनों के…

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