यू आर माय वैलेंटाइन

यू आर माय वैलेंटाइन मैं और तुम दो अलग अलग चेहरे दिल शरीर जान आत्मा व्यक्तित्व परिवार दोस्त वातावरण फिर भी हम ऐसे एक दूसरे मे यूं समाहित हुए मेरा सब कुछ हुआ तेरा तेरा सब कुछ हुआ मेरा तेरा मान सम्मान स्वभिमान सुख दुःख सफलता धन सम्पत्ति परिवार जिम्मेदारी हुई मेरी और मेरी हुई…

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इंसानियत 

इंसानियत  घर में ख़ासी चहल – पहल थी।रवि ने आफिस से आते ही पूछा , माँ पैकिंग वग़ैरह सब हो गई क्या?सविता जी ख़ुशी से बोली, हाँ -हाँ ,बस रामू मिठाई और फल लाने गया है , आता ही होगा ।हमेशा बाबूजी यानी रमेश जी चुपचाप चश्मा पहन कर अख़बार हाथ में लिए पढ़ते रहते…

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एकल परिवार

एकल परिवार   नीलेश बहुत अच्छी कंपनी में मैनेजर था। वह अपनी सहकर्मी रीटा को पसंद करता था। माता-पिता भी दोनों की शादी के लिए तैयार हो गए… और रजिस्ट्रर्ड शादी करवाकर 150-200 लोगों को पार्टी दे दी। क्योंकि माता-पिता दोनों ही अपने नौकरी एवं कार्यक्षेत्र में व्यस्त होने की वजह से शादी की व्यवस्थाओं…

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अबला से आत्मनिर्भरता की राह

अबला से आत्मनिर्भरता की राह ये कहानी है शशिकला जी की जो हर लड़की की तरह एक खुशहाल और जिम्मेदार लड़की थी। छोटे छोटे सपनों ने आँखों में जगह बनानी शुरू ही की थी कि १७ वर्ष के उम्र में विवाह के बंधन में बांध दिया गया। अपनी सारी जिम्मेदारिओं को भली भांति निभाते हुए…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की-सरोजिनी नायडू

विरासत: श्रीमती सरोजिनी नायडू भारतवर्ष के अमृतमहोत्सव पर यह कहना कदाचित अतिशयोक्ति नहीं होगा कि हर वर्तमान की नींव इतिहास में ही रखी जाती है, विशेषकर कला, संस्कृति, विज्ञान की। कृषि के क्षेत्र से लेकर औद्योगिकीकरण, तकनीकीकरण से डिजिटाइजेशन, मानवाधिकार के क्षेत्र में स्त्री पुरुष को सामाजिक, मानसिक एवं व्यवसायिक क्षेत्र में समान अधिकार का…

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आया नया साल है/कैसे मैं कहूं आजाद वतन

        आया नया साल है आओ जरा झूमें गाएं आया नया साल है। खो गया है नेह राग ये बड़ा सवाल है, प्रीत जरा बांटिए जनता बेहाल है। द्वेष जरा छांटिए समाज का ये काल है, आओ जरा झुमें गाएं आया नया साल है।   कविता ही कामिनी को विषय बनाइए, दामिनी…

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Fast Forward To Our Ancient Vedic Past: ‘Developing Environmental Conscience’

Fast Forward To Our Ancient Vedic Past:‘Developing Environmental Conscience’ – Past, Present and Future Anyone who has been on this planet even for a few decades has seen devastating natural disasters; eruptions of volcanoes, tsunamis, hurricanes, earthquakes, glacier avalanches, flash floods and forest fires. Every time any of these happens, we watch helplessly as living…

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नई शिक्षा नीति :एक चिरप्रतीक्षित अनिवार्य कदम

नई शिक्षा नीति :एक चिरप्रतीक्षित अनिवार्य कदम भारत ऋषियों – मुनियों, योग,ध्यान और प्राणायाम की धरती रही है। सदियों पहले से यहां पृथ्वी के अध्ययन वाले विषय को ‘भूगोल’ और जिसकी गति हो उसे, ज+गत=’जगत’ कहा गया। अपनी इसी सभ्यता और समृद्धि के कारण, भारत हमेशा से ही विदेशी आक्रमणों का शिकार और दुश्मनों के…

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और भी है राहें

और भी है राहें आज सुबह नाश्ता करते हुए शालिनी माथुर सोच रही थी कि रेशमा अभी तक नहीं आई। पता नहीं क्या बात है?सुबह के नौ बज गए है।वो तो आठ बजे ही चली आती है।नहा कर मैंने नाश्ता भी कर लिया, पर रेशमा न जाने अभी तक क्यों नहीं आई ।दस बजे रेशमा…

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