औरत ,औरत की दुश्मन
प्रायः यह जुमला सुनने को मिल ही जाता है जब कभी किसी औरत को दूसरी औरत द्वारा प्रताड़ित या परेशान किया जाता है। काफ़ी लोगों का यह मानना है कि अधिकतर औरत ही औरत की परेशानी का कारण होती है। यदि हम आस – पास नज़र डालें और औरतों के प्रति हो रहे अपराधों के…
कैसे दिन फिरते जाते हैं
कैसे दिन फिरते जाते हैं कैसे दिन फिरते जाते हैं मास दिवस लगते पर्वत से, उलझन नित बनते जाते हैं कैसे दिन फिरते जाते हैं। बाग बगीचे घूमने के दिन छोटी अमिया लाने के दिन कूक पपीहा बौराते हैं कैसे दिन फिरते जाते हैं। चैता फागुन खा गया कहर यह फैल गया है शहर-शहर सपने…
हिन्दी है अभिमान
हिंदी है अभिमान हिंदी हिंदी प्यारी हिन्दी हिन्दी है अभिमान जग जग में गूंजे ये है, हमको हैअभिमान मीठे बोली लगती हिन्दी, प्रेम रस बरसाती है अनजाने भी मीठे कंठ से बोले है हिंदी महान प्रेम पाठ पढ़ाती है देश को, देश से मिलाती है हिंदी देश की शान है हम सबको अभिमान है भाषाओं…
Bharat ke mahanayak/telanga kharia/dr uma singh kislay
वीर महापुरुष तेलंगा खड़िया “धन्य हुई मिट्टी हमारी जहां सूर्य किरण सा चमका तेलंगा अंग्रेजों से लोहा ले आजादी का मार्ग दिखाया तेलंगा ” सोने की चिड़िया कहलाने वाले हमारे देश भारत ने लगभग एक हजार साल की गुलामी झेली । हमारी संस्कृति एवं प्राकृतिक परिवेश, हमारी राजसी ठाठ बाट, राज वैभव एवं आर्यव्रत संस्कृति…
मैं उन्हें पहचान ही न सकी
मैं उन्हें पहचान ही न सकी निशान्त ने जब बताया कि उसके रिसर्च डिपार्टमेन्ट में कोई डॉ. कृष्णन् मुंबई से सीनियर एनर्जी प्लानर के पद पर एक वर्ष के लिए आ रहे हैं तो जेहन में खुशी की लहर सी दौड़ गई। निशान्त के रिसर्च डिपार्टमेन्ट में पन्द्रह लोग पन्द्रह देशों के, मतलब हमारे लिये…
कोरोना के बाद की दुनिया
कोरोना के बाद की दुनिया पिछली सदी के दो विनाशक महायुद्धों ने हमारी दुनिया की राजनीति और अर्थव्यवस्था को बहुत हद तक बदला था। विश्व इतिहास में पहली बार कुछ ऐसा हुआ है जिसने राजनीति और अर्थतन्त्र के साथ लोगों का जीवन और जीने के तरीके भी बदल दिए हैं। महामारियां पहले भी आती रही…
श्रम शक्ति
श्रम शक्ति मज़दूर हूँ, मजबूर नहीं मेहनत करता हूँ, क़सूर नहीं पेट मेरी भी भरे और सबकी.. फिर कहाँ शिकायत, किसी से हुज़ूर है… मज़दूर हूँ, मजबूर नहीं….. मेहनत करता हूँ, क़सूर नहीं…. भूख से लड़ता, प्यास से लड़ता सर्दी गर्मी और बरसात से लड़ता हालात से लड़ता, ज़ज़्बात से लड़ता लड़ता धूल, मिट्टी और…
जिंदगी एक एवरेस्ट है
जिंदगी एक एवरेस्ट है एवरेस्ट के शिखर पर फतह पाने वाली पहली भारतीय महिला बछेंद्री पाल ,सही महिलाओं के लिए एक आदर्श व प्रेरणास्रोत हैं। उनके अचीवमेंट के पीछे उनका निरंतर संघर्ष, प्रयास, मेहनत, लगन और चुनौतियों का सामना पूरे आत्मविश्वास और साहस के करने की प्रकृति के कारण ही संभव हो पाया है…