डायबिटीज 

डायबिटीज    डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिसमे रक्त में ग्लूकोज का स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है। ब्लड में बहुत अधिक ग्लूकोज होने से स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं और यदि ब्लड ग्लूकोज, जिसे ब्लड शुगर के रूप में भी जाना जाता है, किसी भी व्यक्ति में बहुत अधिक हो सकता है, इसे…

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हिन्दी मेरी हिन्दी………हिन्दी से हिंदी तक।।।।।।

हिन्दी मेरी हिन्दी………हिन्दी से हिंदी तक।।।।।। देश स्वतंत्र नहीं था तो लोगों के हृदय में राष्ट्र जागरण की भावनाएं हिलोर मारती थी लोग हिन्दी के प्रति समर्पित थे केवल वे परिवार ही जो या तो अंग्रेजों के पिट्ठू थे या अंग्रेजों के द्वारा कराई गई कमाई से मोटे हुए जा रहे थे अंग्रेज़ी पढ़ते थे…

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मौन से मुखरता तक- माया एन्जोलो

मौन से मुखरता तक- माया एन्जोलो “मौन जब भी मुखर हुआ तो एक सशक्त स्वर आन्दोलन का जन्म हुआ”। आज आपको एक ऐसी सशक्त महिला से परिचित कराना चाहती हूँ जिसने दुःख और संघर्ष को असीम साहस के साथ न सिर्फ पार किया, बल्कि दुनियां के सामने एक मिसाल भी बनकर सामने आयी ! इन्हे…

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जीवन का मंत्र है प्रेम

जीवन का मंत्र है प्रेम प्रेम, प्रतीक है जीवन का मंत्र है आत्मवैभव का। प्रेम का कोई भी संबंध, वासना से नहीं, पृथक है,वासना! प्रेम की शर्तें नहीं उम्र,जाति, मज़हब या ,सामाजिक बंधन भी नहीं! प्रतिदान,प्रेम का सिर्फ प्रेम ही है, वस्तु या…….. दैहिक, सांसारिक ……कुछ भी नहीं! प्रेम देश से,प्रेम मातृभूमि से और माँ…

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ज्ञान के गौरव

ज्ञान के गौरव अंधकार से जो प्रकाश का स्वप्न दिखाते हैं जीवन की शूलभरी राहों पर पुष्प खिलाते हैं संघर्षों में जो मंगल के गान रचाते हैं वंदनीय जग में गुरु की अनुपम सौगातें हैं अमर हुए तुलसी कबीर भी गुरु का ज्ञान मिला प्रतिभा की जय हुई जगत मे शुभ सन्मार्ग मिला एकलव्य आरुणि…

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डॉ रांगेय राघव

डॉ रांगेय राघव बहुमुखी प्रतिभा सम्पन्न डॉ रांगेय राघव का जन्म,आगरा में ,१७ जनवरी,१९२३ को हुआ।शिक्षा-दीक्षा भी वहीं हुई।पिता संस्कृत,तमिल,फ़ारसी और अंग्रेज़ी के विद्वान थे।मॉं कनकवल्ली बडी सरल, उदार व दयालु महिला थीं।वे हिंदी जानती थीं,तमिल,ब्रजभाषा बहुत सुंदर बोलती थीं। इनके पूर्वजों को धर्म व भारतीय संस्कृति में गहरी आस्था थी।वे बाइबिल और क़ुरान भी…

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हरफनमौला बंशी

हरफनमौला बंशी बंशी उठ जा! देख सभी उठ गए |सूरज पंक्षी पेड़ पौधे| देख गाय भी रंभा रही | उठ जा तू भी |बंशी को अम्मा परेशान सी झकझोर रही थी| वो चादर को सिर तक ओढ़ कर कमरे की कोने वाली चौकी पर अड़ा सा पड़ा हुआ था | उठ जा रे लड़के…. उठ…

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Random lines

Random lines.. Some memories always linger Some incidents often trigger Few instances buzz loud Very few silently sound Often past carry forward in action As if present has to accept the motion Carrying the concept we think , Concurrence may happen in future So our action becomes it’s reaction We always think we are right…

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बसंत बहार

बसंत बहार पीली सरसों पीले खेत बसन्ती छटा में रंगा धरती का परिवेश पवन सुगन्धित मन आह्लादित बसंत बहार सुनाये रे… पतंग रंगा, नीला आकाश “वो काटा” से गूंजा जाए अमराई बौरें झूम झूम डोलें मन मयूर बहका जाए रे… सरस्वती पूजन मन्त्रोच्चारण, कानों में शहद सा घुलता जाए हिय हुलसै,मन उडे बचपन की गलियों…

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