बूढ़ी काकी

बूढ़ी काकी हिंदी कहानी विधा में मुंशी प्रेमचंद का नाम सर्वोपरि है | मानव समाज की अनुभूतियों संवेदनाओं, एवं व्यवहार का यथार्थ चित्रण करती हुई प्रेमचंद जी की रचनाएं पाठक के हृदय को सीधे स्पर्श करती हैं | पाठक स्वयं को कहानी का एक पात्र समझकर उन कहानियों में खो सा जाता है | आगे…

Read More

वर्ल्ड हेल्थ डे

वर्ल्ड हेल्थ डे सात अप्रैल यानी विश्वभर के लोगों के स्वास्थ्य को समर्पित साल का महत्वपूर्ण दिवस। आज ही के दिन साल 1948 में विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना हुई थी। केवल शारीरिक रूप से ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी स्वस्थ होना एक व्यक्ति के लिए आवश्यक है।लेकिन आज परिस्थिति यह है कि…

Read More

फिर नयी सुबह तो आयेगी ‌

फिर नयी सुबह तो आयेगी ‌ दिसंबर की शीत लहर और एक वायरस ने चीन के वुहान शहर को अपने आलिंगन में ले लिया और फिर उसका आगोश कसता गया,बढ़ता गया।सुना गया कि वुहान की प्रयोग शाला में किसी छीना झपटी में यह वायरस लाखों लाख की संख्या में ज़मीन पर गिरा तो आदमी के…

Read More

The Myriad Colors of Holi

The Myriad Colors of Holi- From Brij bhoomi to Imphal in Manipur The stage is aesthetically decorated and well illuminated. An adolescent Krishna enters stealthily with his friends. All are dressed as cowherds. Krishna has a peacock feather in his hair while ‘gopas’ have shaven heads with a distinctive tuft of hair. From their conversation…

Read More

इसे कहते हैं ज़िंदगी

इसे कहते हैं ज़िंदगी वैसे तो मैं एक लेखिका हूँ लिखना पेशा नहीं जूनून है मेरा लेकिन अपनी जिंदगी के बारे में लिखने बैठी हूँ तो बीती जिंदगी का हर लम्हाँ एक एक करके नजरों के सामने आ गया है।क्या लिखूँ और क्या नहीं ,हर लम्हें की अपनी खूबसूरती हैं और महत्ता है।बात अपने जन्म…

Read More

चाँद जाने कहाँ खो गया

चाँद जाने कहाँ खो गया ग़ुल खिले और कलियाँ हँसीं,बाग फिर ये जवां हो गया तितलियों की जो देखी अदा भँवरों को फ़िर नशा हो गया तेरे होठों ने कुछ न कहा , मुझसे भी तो कहा ना गया। क़िस्सा तेरे मेरे इश्क़ का ख़ुद ब ख़ुद ही बयां हो गया।। एक अहसान मुझ पे…

Read More

हिंदी मेरा अभिमान

हिंदी मेरा अभिमान ओह माँ यह आपका फ़ोन भी ना?नाक भों सिकोडता बेटा खीझता हुआ बोला।यहाँ कुछ भी टाइप करो तो हिंदी में। माँ सुनो इसे इंग्लिश टाइपिंग में करो।बड़ी दिक्कत होती हैं।मैंने प्रश्नात्मक दृष्टि से पर मुस्कुराकर फ़ोन उसके हाथ से ले लिया।क्यों तुम्हारा स्मार्ट फ़ोन कहाँ हैं।जो करना हैं उससे करो।सुविधा तो तुम्हारें…

Read More

मुंशी प्रेमचंद

मुंशी प्रेमचंद महान साहित्यकार युग दृष्टा, कालजई कथाकार मुंशी प्रेमचंद जी की जयंती पर हार्दिक नमन। मुंशी प्रेमचंद जी की कहानियां आज भी प्रसांगिक है। प्रेमचंद जी सर्वांगीण संपूर्णता के कुशल कथाकार कहे जाते हैं। प्रेमचंद जी कई भाषाओं के ज्ञाता भी थे उन्होंने पहले उर्दू में लिखा फिर हिंदी में लिखने लगे उन्होंने बहुत…

Read More

भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- रानी गाईदिन्ल्यू

क्रांतिकारी वीरांगना गाईदिन्ल्यू भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के काल में अंग्रेज प्रशासन को भयभीत रखने वाली अदम्य साहसी योद्धा के अतुल्य योगदान को नमन। “मैं (रानी) अंग्रेजों के लिए जंगली जानवर के समान थी, इसलिए एक मजबूत रस्सी मेरी कमर से बाँधी गई । दूसरे दिन कोहिमा में मेरे भाई ख्यूशियांग की भी बड़ी क्रूरता से…

Read More