राष्ट्र निर्माण में चित्रगुप्त-समाज का योगदान
राष्ट्र निर्माण में चित्रगुप्त-समाज का योगदान भगवान श्री चित्रगुप्त जी महाराज कायस्थों के पूर्व पुरुष एवं कुल देवता हैं।(स्कंदपुराण) वह स्वर्ग में धर्मराज के दरबार के महालेखा अधिकारी हैं और प्राणियों के धर्माधर्म कार्यों का लेखा-जोखा रखते हैं। वे मेधा के अधिष्ठाता देवता हैं। उन्हें धर्मराजपुरी का न्यायाधीश कहा जाता है। वह धर्म को जानने…