राष्ट्र निर्माण में चित्रगुप्त-समाज का योगदान

राष्ट्र निर्माण में चित्रगुप्त-समाज का योगदान भगवान श्री चित्रगुप्त जी महाराज कायस्थों के पूर्व पुरुष एवं कुल देवता हैं।(स्कंदपुराण) वह स्वर्ग में धर्मराज के दरबार के महालेखा अधिकारी हैं और प्राणियों के धर्माधर्म कार्यों का लेखा-जोखा रखते हैं। वे मेधा के अधिष्ठाता देवता हैं। उन्हें धर्मराजपुरी का न्यायाधीश कहा जाता है। वह धर्म को जानने…

Read More

गणेश कौन हैं ?

गणेश कौन हैं ? तमाम काल्पनिक देवी-देवताओं और अंधविश्वासों के बीच भी हमारे पुराणों में ऐसी कुछ चीजें हैं जो अपनी दृष्टिसम्पन्नता और सरोकारों से चकित करती हैं। शिव और पार्वती के पुत्र गणेश पुराणों की ऐसी ही एक देन हैं। अपने पिता की तरह गणेश प्रकृति की शक्तियों के विराट रूपक है। उनका मस्तक…

Read More

नवरात्रि दक्षिण में – एक सामाजिक झांकी

नवरात्रि दक्षिण में – एक सामाजिक झांकी नाम ही स्पष्ट कर देता है कि यह नौ दिनों का उत्सव जो शरद और वसंत दोनों कालों में आता है संध्याकालीन पूजा का द्योतक है जैसे कृष्ण जन्माष्टमी अर्धरात्री की पूजा है। केरल में विशु नामक पर्व वर्षारंभ का शुभ समय सूर्योदय से पूर्व होता है। होलिका…

Read More

डॉ जसबीर कौर की कविताएं

डॉ जसबीर कौर की कविताएं 1.नारियां मानवता का गौरव, वात्सल्य प्रेम सौरभ, सृजन की मृदुल परिभाषा हैं ये नारियां सहिष्णुता को निहित कर, शक्ति पराकाष्ठा बन अद्भुत करूणाकलित अभिलाषा हैं ये नारियां। मानवता का गौरव…..   जीवन सुरभित करें , प्रेम सानिध्य बन पीयूष शक्ति सी ,जग उत्थान करें नारियां ईश की ये प्रतिध्वनि, धर…

Read More

कैसी कायरता

कैसी कायरता रावण के वंशज , तुमने यह कैसी कायरता दिखलाई है पीठ में छुरा घोंपकर, कैसी हैवानियत दिखलाई है चवालीस घर का दीपक बुझाकर, यह कैसा अन्याय किया पुलवामा की धरा पर यह कैसी क्रूरता दिखलाई है वीर सपूतों का बदला लेकर रहेंगे शहीदों की शहादत लेकर रहेंगे कैसी छीना -झपटी चाल है तेरी…

Read More

भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की-विश्वनाथ प्रताप सिंह

विश्वनाथ प्रताप सिंह विश्वनाथ प्रताप सिंह जी का जन्म इलाहाबाद के जमींदार परिवार में 25 जून 1931 को हुआ था। आपके असली पिता का नाम राजा भगवती प्रसाद सिंह था। मांडा के राजा बहादुर राय गोपाल सिंह निःसंतान होने के कारण उन्होंने 1936 में 5 वर्ष की आयु में आपको गोद ले लिया था। 1941…

Read More

CHRISTMAS EVE

CHRISTMAS EVE This cold winter day offers A gift – shooting and twinkling like the first star. Joy –childish but so justified on that day, Hope – as green as a mistletoe, Faith which can move mountains, But often so tiny and fragile. And Love-always the biggest, Although you can find it in a crib….

Read More

वो लड़का

वो लड़का वो लड़का जिसे मैंने बेहद करीब से जाना था, उसके संघर्षों की साक्षी रही हूँ, आज न्याय-व्यवस्था के शीर्ष पद पर शपथ ले रहा था। उसकी आँखों में खुशी और गम की बूँदे झलक रही थी। शपथ-कार्यक्रम में जो भी शामिल थे – करीबी, परिवार, दोस्त सभी उस पल के साक्षी थे। अगर…

Read More

प्यार

प्यार प्रेम प्यार इश्क़ उल्फत शब्द अनेक , मतलब एक, अनुभूति एक, अभिव्यक्ति अनेक। ईश्वर से प्यार, एहसास ए उल्फत खुदा से, देता है सुकून महफ़ूज़ रहने का अहसास। एक माँ का प्यार, दुलार, ममत्व, वात्सल्य से भरे आँखों से कर देता है व्यक्त, शब्दों का नहीं है मोहताज। एक शिशु का प्यार, अस्फुट ,…

Read More

पर्यावरण और त्योहार

“पर्यावरण और त्योहार “ डरे सहमे से पेड़-पौधे जा पहुंचे मानव के पास दीपावली करीब आ गई तो उनकी थीं शिकायतें खास.. पत्ते, शाखाएं, फूल और कलियाँ सबके सब कुछ घबराए थे नन्ही घास,बेलें, लताएँ, फल मुँह बनाए और गुस्साए थे-.. “हर तरफ दीवाली की खुशियाँ हैं पर हम सब सहमे से खड़े हैं अजीब…

Read More