कोरोना का अंत

कोरोना का अंत इक फ़्लू की है ये दासतां जिस फ़्लू से सब बेहाल हैं, ये फ़्लू है मेड इन चाइना, इसे कहते ’कोविड’ प्यार से। ’कोरोना’ नाम का फ़्लू है ये, सुनने में लगता ज्यों फूल है, जिसे हो वही यह जानता, ई फूल नाहीं, त्रिशूल है। देखे हैं हमने भी फ़्लू कई, कोई…

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Τurbulence

Τurbulence Deafening sounds surround us Strong winds, painful… Anger overcomes our flesh Eternal the cycle of life We are immersed in absolute darkness We can not catch up The endless journey And the last hymn accompanies us Salvation in a Godless homeland is unbearable… Dr. Sofia Skleida Writer Athens, Greece 0

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मुक्ति

मुक्ति नन्हीं के गांव में एक घर के आगे बड़ा-सा खलिहान था । शाम के समय उसके सारे संगी-साथी वहां जमा होकर खेलते थे। खलिहान वाले घर की लड़की भी उन बच्चों में शामिल थी। नाम था गंगा। गंगा उम्र में सब बच्चों से बड़ी थी। रिश्ते में वह किसी की बुआ लगती थी तो…

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शारदा

शारदा सारे काम निपटा कर मैं चाय का प्याला लेकर बैठी ही थी कि फोन की घंटी बजी।सरिता का फोन था..”सुमि,मैंने शारदा से तेरे घर के काम के लिए बात कर ली है..एक बार आकर मिल सकोगी?आकर एक बार आमने-सामने बात कर लेती तो…” “शारदा”–एक नाम,जो न जाने कौन सा तार छेड़ गया मन का…

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शक्ति रुपा चिंगारियाँ स्त्री

शक्ति रुपा चिंगारियाँ स्त्री धरणी पर सजे स्नेह मृदुता त्याग भक्ति जीवन की कामना ले आयी नारी स्त्री क्या-क्या लेकर आई धरापर नारी स्त्री तुम कहते पूजते हो भगवती माँ देवी है स्त्री देती नारी स्नेह समर्पण सर्वस्व है तुम्हें उदर पाले माता औ बने प्रेयसी संगीनी स्त्री हजार बलैंया निछावर होती वो नित हर…

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कुछ नया सा

कुछ नया सा अंजलि को जब भी घबराहट महसूस होती है, वह अपने नाखून चबाने लगती है। कितनी बार उसने यह आदत छोड़ने की कोशिश की, लेकिन जाने अनजाने यह हो जाता है। अविनाश ने कितनी बार टोका होगा – लेकिन आदत तो छूटती नहीं। अब यही देखो ना, अविनाश को भूलने की कोशिश भी…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की-सरोजिनी नायडू

विरासत: श्रीमती सरोजिनी नायडू भारतवर्ष के अमृतमहोत्सव पर यह कहना कदाचित अतिशयोक्ति नहीं होगा कि हर वर्तमान की नींव इतिहास में ही रखी जाती है, विशेषकर कला, संस्कृति, विज्ञान की। कृषि के क्षेत्र से लेकर औद्योगिकीकरण, तकनीकीकरण से डिजिटाइजेशन, मानवाधिकार के क्षेत्र में स्त्री पुरुष को सामाजिक, मानसिक एवं व्यवसायिक क्षेत्र में समान अधिकार का…

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मेरा परिचय

मेरा परिचय मेरा नाम आशा मुखारया है।मैंने राजनीति शास्त्र से एम. ए. किया है।मेरे पति डा. पी. एस. मुखारया है।वो हिस्ट्री के प्रोफ़ेसर थे।मेरा बेटा विवेक कम्प्यूटर इंजीनियर है,यहाँ अमेरिका में सिटी बैंक में काम करता है और मेरी बहू निधि भी कम्प्यूटर इंजीनियर है।वो भी जॉब करती है।दो पोते हैं,बड़ा पोता इंजीनियर होकर अटलांटा…

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